बिहार में नाबालिग बच्चियों के साथ छेड़छाड़ और अभद्र व्यवहार के वायरल वीडियो ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जमुई और समस्तीपुर के बाद अब ऐतिहासिक पर्यटन स्थल मंदार पर्वत से आई घटना ने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है।
पटना / बांका। बिहार में महिलाओं और नाबालिग बच्चियों की सुरक्षा को लेकर हालात बेहद चिंताजनक होते जा रहे हैं। राज्य में एक के बाद एक वायरल हो रहे वीडियो ने पुलिस प्रशासन के दावों की हवा निकाल दी है। जमुई और समस्तीपुर में हुई शर्मनाक घटनाओं के अभी कुछ ही दिन बीते थे कि अब बांका जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मंदार पर्वत से एक और खौफनाक वीडियो सामने आया है, जहाँ 3 से 4 दबंग युवकों ने एक नाबालिग लड़की को घेरकर डराया-धमकाया और उसके साथ खुलेआम बदसलूकी की।
इस घटना के बाद बिहार का सियासी पारा अचानक चढ़ गया है। विपक्ष के साथ-साथ एनडीए (NDA) के सहयोगी दल भी अब सरकार और पुलिस प्रशासन को आड़े हाथों ले रहे हैं।
चिराग पासवान का बड़ा बयान: ‘सिर्फ एनकाउंटर या गिरफ्तारी काफी नहीं, अधिकारियों पर गिरे गाज’
केंद्रीय मंत्री और लोजपा (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने इन घटनाओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए प्रशासनिक ढिलाई पर सीधे प्रहार किया है।
चिराग पासवान ने स्पष्ट शब्दों में कहा:
“हमारी सरकार के सत्ता में रहते हुए अपराधियों के इतने हौसले बुलंद होना बेहद शर्मनाक है। ऐसी एक भी घटना हमारे लिए डूब मरने के समान है। सिर्फ अपराधियों को गिरफ्तार करना या पैर में गोली मारना (एनकाउंटर) ही समाधान नहीं है। उन अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए जिनकी नाक के नीचे ये शर्मनाक हरकतें हो रही हैं।”
उन्होंने आगे जानकारी दी कि इस मुद्दे पर उनकी मुख्यमंत्री से सीधी बात हुई है और सरकार को ‘ज़ीरो-टॉलरेंस’ की नीति अपनाते हुए लापरवाह अधिकारियों को तुरंत सस्पेंड करना चाहिए ताकि असामाजिक तत्वों में कानून का खौफ पैदा हो सके।
तेजस्वी यादव का सरकार पर हमला: ‘बिहार में कानून-व्यवस्था मरणशय्या पर’
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राजद (RJD) नेता तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर सरकार को घेरते हुए कई तीखे सवाल दागे।
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया:
- जाति देखकर कार्रवाई का आरोप: तेजस्वी ने सवाल उठाया कि ‘क्या अपराधियों की सामाजिक पृष्ठभूमि और जाति देखकर न्याय की प्राथमिकता तय हो रही है?’
- जमुई और समस्तीपुर पर सवाल: उन्होंने पूछा कि जमुई कांड के बाकी 5 आरोपियों का क्या हुआ और समस्तीपुर के दोषियों को सजा मिली या वे छूट गए?
- प्रशासनिक विफलता: तेजस्वी ने कटाक्ष करते हुए कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह मरणशय्या पर है और गैर-जरूरी हस्तक्षेप के कारण सभ्य समाज की नींव खोखली हो रही है।
72 घंटे में बिहार को दहलाने वाली 3 बड़ी घटनाएं
| क्षेत्र / स्थान | घटना का विवरण | पुलिस की अब तक की कार्रवाई |
|---|---|---|
| जमुई (मड़वा पहाड़ी) | नाबालिग छात्रा से दबंगों ने की बर्बरता, वीडियो वायरल | मुख्य आरोपी नंदन यादव पुलिस एनकाउंटर में घायल, गिरफ्तार। |
| समस्तीपुर (कर्पूरी ग्राम) | मनचलों द्वारा लड़की से सरेराह छेड़खानी | पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर 4 आरोपियों को जेल भेजा। |
| बांका (मंदार पर्वत) | पर्यटन स्थल पर नाबालिग को घेरकर दबंगगर्दी | बांका पुलिस वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान में जुटी। |
क्या बैकफुट पर है बिहार पुलिस?
मंदार पर्वत जैसी ऐतिहासिक और सार्वजनिक जगह पर दिन-दहाड़े नाबालिग लड़की के साथ हुई गुंडागर्दी ने सुरक्षा व्यवस्था के खोखले दावों की पोल खोल दी है। अब देखना यह होगा कि बांका पुलिस इन सिरफिरे दबंगों को कब तक गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजती है और क्या सरकार इन घटनाओं पर रोक लगाने के लिए पुलिस कप्तानों और स्थानीय अफसरों की जवाबदेही तय करती है या नहीं।