अमेरिका और ईरान के बीच महीनों से जारी सैन्य संघर्ष को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि दोनों देशों के बीच जारी जंग अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। नॉर्थ कैरोलिना पहुंचे ट्रंप ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि ईरान खुद युद्ध समाप्त कर अमेरिका के साथ शांति समझौता (Peace Deal) करना चाहता है।
इस पूरे घटनाक्रम और मध्य पूर्व (Middle East) के तनाव से जुड़े 5 प्रमुख पहलू:
- ईरान ने किया सीधे संपर्क: जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या ईरान ने किसी मध्यस्थ (Middleman) के जरिए संदेश भेजा है, तो उन्होंने साफ किया कि तेहरान ने बिना किसी तीसरे पक्ष के सीधे वॉशिंगटन से बात की है।
- होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर समझौता: रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील इस समुद्री मार्ग को दोबारा खोलने के लिए जून में एक समझौता ज्ञापन (MoU) साइन हुआ था, जिसे अंतिम शांति समझौते की पहली सीढ़ी माना जा रहा है।
- अर्थव्यवस्था और ब्याज दरें: ईरान युद्ध के कारण बढ़ती महंगाई और ब्याज दरों पर सवाल पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था इतिहास के सबसे मजबूत दौर में है और वित्तीय नीतियों का मकसद विरोधियों पर दबाव बनाए रखना है।
- फरवरी से जारी था भीषण संघर्ष: अमेरिका और इजरायल ने फरवरी में ईरान के सैन्य ठिकानों, मिसाइल सिस्टम और एयर डिफेंस पर एयरस्ट्राइक की थी। जवाब में ईरान ने भी इजरायल व अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन दागे थे।
- वैश्विक तेल आपूर्ति पर राहत की उम्मीद: यदि दोनों देशों के बीच समझौता परवान चढ़ता है, तो कच्चे तेल की वैश्विक आपूर्ति सामान्य हो सकती है और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में जारी अनिश्चितता खत्म होगी।
कूटनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप का यह बयान आने वाले दिनों में मध्य पूर्व की राजनीति और वैश्विक बाजारों के लिए एक सकारात्मक मोड़ साबित हो सकता है।