कांग्रेस संगठन में लंबे समय से चल रही बदलाव की चर्चा अब निर्णायक दौर में पहुंचती दिख रही है। पार्टी AICC सचिवों की टीम में बड़े स्तर पर बदलाव की तैयारी कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, मौजूदा 64 AICC सचिवों में से करीब 50 फीसदी नेताओं को उनकी वर्तमान जिम्मेदारियों से मुक्त किया जा सकता है। नई टीम के चयन के लिए पिछले एक सप्ताह में करीब 130 संभावित उम्मीदवारों के इंटरव्यू भी लिए गए हैं।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी करेंगे सचिवों की समीक्षा
संगठन में बदलाव से पहले कांग्रेस नेतृत्व मौजूदा AICC सचिवों के कामकाज की समीक्षा करने जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा मंगलवार को पार्टी के मौजूदा सचिवों से मुलाकात करेंगे।
बैठक में नेताओं के प्रदर्शन, उनके राज्यों में संगठन की स्थिति और अब तक किए गए काम को लेकर फीडबैक लिया जा सकता है। हालांकि, बैठक का आधिकारिक एजेंडा अभी नेताओं के साथ साझा नहीं किया गया है।
130 नेताओं के इंटरव्यू, 12-14 के बैच में हुई बातचीत
नई टीम के लिए कांग्रेस ने संभावित नेताओं का इंटरव्यू शुरू कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, करीब 130 नेताओं से बातचीत की गई है। इंटरव्यू 12 से 14 नेताओं के बैच में हुए।
इन बैठकों में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस महासचिव संगठन केसी वेणुगोपाल ने उम्मीदवारों से सवाल किए। शुरुआत में नेताओं को करीब एक मिनट में अपना परिचय देने के लिए कहा गया। इसके बाद उनके राजनीतिक अनुभव, संगठन में भूमिका और अब तक के योगदान पर विस्तार से सवाल पूछे गए।
‘आपने पार्टी के लिए क्या किया?’ पूछे गए सवाल
उम्मीदवारों से यह जानने की कोशिश की गई कि उन्होंने अपनी मौजूदा भूमिका में कौन-कौन से काम किए और उन कामों को करने के पीछे उनकी रणनीति क्या रही।
इसके अलावा उनसे यह भी पूछा गया कि पार्टी को मजबूत करने में उनका व्यक्तिगत योगदान क्या रहा और उनकी भूमिका में कहां कमियां रह गईं।
यानी नई टीम के चयन में केवल राजनीतिक अनुभव ही नहीं, बल्कि जमीनी संगठन को संभालने की क्षमता और काम का रिकॉर्ड भी अहम कसौटी माना जा रहा है।
कमजोर राज्यों को मजबूत करने की रणनीति पर भी सवाल
इंटरव्यू के दौरान उम्मीदवारों के सामने काल्पनिक परिस्थितियां भी रखी गईं। उनसे पूछा गया कि अगर किसी राज्य में कांग्रेस का प्रदर्शन लगातार कमजोर रहा हो तो संगठन को दोबारा मजबूत करने के लिए वे क्या रणनीति अपनाएंगे।
जिन राज्यों में विधानसभा या लोकसभा चुनाव नजदीक हों, वहां पार्टी की स्थिति सुधारने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं, इस पर भी उम्मीदवारों से राय ली गई।
उम्मीदवारों से यह भी पूछा गया कि अगर उन्हें किसी खास राज्य की जिम्मेदारी दी जाती है तो वे वहां के स्थानीय राजनीतिक मुद्दों और संगठन की चुनौतियों से किस तरह निपटेंगे।
‘संगठन सृजन अभियान’ भी बना इंटरव्यू का अहम मुद्दा
कांग्रेस के ‘संगठन सृजन अभियान’ को लेकर भी संभावित सचिवों से सवाल किए गए। इस अभियान के जरिए पार्टी अपने संगठनात्मक ढांचे में बदलाव और नई नियुक्तियों पर काम कर रही है।
उम्मीदवारों से पूछा गया कि संगठन सृजन अभियान के तहत पार्टी में किए जा रहे बदलाव को वे किस नजरिए से देखते हैं और नई व्यवस्था में उनकी भूमिका क्या हो सकती है।
करीब आधे मौजूदा सचिवों की जिम्मेदारी बदलने की चर्चा
कांग्रेस में इस समय 64 AICC सचिव हैं। इनमें से ज्यादातर को अलग-अलग राज्यों की जिम्मेदारी मिली हुई है। ये नेता संबंधित राज्यों में महासचिव या प्रभारी के साथ मिलकर संगठन के कामकाज की निगरानी करते हैं।
सूत्रों के मुताबिक, प्रस्तावित बदलाव में करीब आधे मौजूदा सचिवों को हटाया या उनकी जिम्मेदारियां बदली जा सकती हैं। हालांकि, अंतिम फैसला कांग्रेस नेतृत्व की समीक्षा के बाद ही होगा।
हाल में प्रमोट हुए नेताओं को भी मिल सकती है जगह
संगठनात्मक बदलाव में उन नेताओं के प्रदर्शन को भी ध्यान में रखा जाएगा जिन्हें हाल में ‘संगठन सृजन अभियान’ के तहत नई जिम्मेदारियां दी गई हैं।
AICC सूत्रों के मुताबिक, पिछले कुछ हफ्तों में करीब छह-सात नेताओं को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। ऐसे नेताओं के मौजूदा पद और नई भूमिका के बीच तालमेल बैठाने पर भी नेतृत्व विचार कर रहा है।
कांग्रेस में क्यों अहम है यह फेरबदल?
AICC सचिव राज्यों में कांग्रेस संगठन और केंद्रीय नेतृत्व के बीच महत्वपूर्ण कड़ी की भूमिका निभाते हैं। ऐसे में सचिवों की टीम में बड़े बदलाव का सीधा असर राज्यों में पार्टी की रणनीति और संगठनात्मक गतिविधियों पर पड़ सकता है।
अब मंगलवार की बैठक और मौजूदा सचिवों की समीक्षा के बाद तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है कि कांग्रेस किन नेताओं को बरकरार रखती है और किन चेहरों को नई जिम्मेदारी देकर संगठन में नई टीम तैयार करती है।