मिर्जापुर: प्राइम वीडियो की चर्चित सीरीज ‘मिर्जापुर’ पर बनी फिल्म ‘मिर्जापुर द मूवी’ सिनेमाघरों में दर्शकों का भरपूर मनोरंजन कर रही है। फिल्म में एक बार फिर वर्चस्व, गद्दी और सत्ता की लड़ाई देखने को मिलती है। पहले दिन 25 करोड़ रुपये से ज्यादा का नेट कलेक्शन करने के बाद फिल्म ने दर्शकों के बीच अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। हालांकि, इस पूरी कहानी में एक किरदार ऐसा है, जो अपनी मौजूदगी से सबसे ज्यादा ध्यान खींचता है और वह है गुड्डू पंडित।
बीते सात साल से अली फजल इस किरदार को निभा रहे हैं, लेकिन फिल्म में उनका गुड्डू पंडित वाला अंदाज पहले से कहीं ज्यादा दमदार नजर आता है। बॉडी, स्वैग, कॉमेडी, एक्शन और इमोशन, अली फजल ने किरदार के हर रंग को जिस तरह पर्दे पर उतारा है, वह उन्हें फिल्म के सबसे प्रभावी किरदारों में शामिल करता है।
ध्यान दें: आगे फिल्म की कहानी से जुड़े स्पॉइलर हैं।
गुड्डू पंडित के अंदाज ने बांधा सिनेमाघर में बैठे दर्शकों को
‘मिर्जापुर द मूवी’ में कालीन भैया एक बार फिर अपनी गद्दी और पूरे पूर्वांचल पर अपना दबदबा कायम रखने की कोशिश करते नजर आते हैं। उनके साथ मुन्ना त्रिपाठी भी है, जबकि गुड्डू पंडित उनके राइट हैंड के तौर पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
गुड्डू का किरदार पहले से ही दबंग और बेखौफ रहा है, लेकिन फिल्म में उसकी ताकत और आत्मविश्वास का स्तर और बढ़ा हुआ दिखाई देता है। बॉडी बनाने के जुनून से लेकर पहलवान वाले अंदाज तक, गुड्डू पंडित का पूरा अवतार पर्दे पर अलग प्रभाव छोड़ता है।
कालीन भैया जब उसे एक अहम जिम्मेदारी सौंपते हैं तो गुड्डू उसे पूरा करने में अपनी पूरी ताकत लगा देता है। दुश्मनों से भिड़ने वाले उसके एक्शन सीक्वेंस फिल्म के सबसे जोशीले हिस्सों में शामिल हैं। खासकर बंदूक चलाने वाले एक किरदार को उठाकर पटकने वाला सीन दर्शकों को खूब रोमांचित करता है।
एक्शन ही नहीं, कॉमेडी में भी अली फजल ने छोड़ी छाप
गुड्डू पंडित सिर्फ मारधाड़ करने वाला किरदार नहीं है। उसकी दबंगई के साथ उसका मजाकिया अंदाज भी कहानी में बना रहता है। अली फजल ने इस हिस्से को भी अच्छी तरह संभाला है।
फिल्म के दूसरे भाग में गुड्डू का असली दम खुलकर सामने आता है। पहलवान के रूप में उसकी ताकत, आक्रामकता और बेखौफ रवैया एक्शन दृश्यों को और प्रभावी बनाता है। अली फजल ने इस भूमिका के लिए अपनी बॉडी पर भी खास काम किया है, जो पर्दे पर साफ नजर आता है।
उनकी कॉमिक टाइमिंग भी कहानी के गंभीर और हिंसक माहौल के बीच राहत देती है। यही संतुलन गुड्डू पंडित के किरदार को सिर्फ एक एक्शन कैरेक्टर बनने से बचाता है।
मुन्ना और गुड्डू की जोड़ी ने बदल दिया पूरा खेल
फिल्म में गुड्डू पंडित और मुन्ना त्रिपाठी की केमिस्ट्री भी खास आकर्षण है। शुरुआत में दोनों एक-दूसरे के आमने-सामने नजर आते हैं, लेकिन कहानी आगे बढ़ने के साथ दोनों के बीच समीकरण बदलता है।
जब दोनों साथ आते हैं तो उनकी जोड़ी एक खतरनाक टीम में बदल जाती है। दोनों के बीच की नोकझोंक, जुगलबंदी और एक्शन सीक्वेंस फिल्म को लगातार आगे बढ़ाते हैं। अली फजल और दिव्येंदु ने अपने-अपने किरदारों के इस बदले हुए समीकरण को पर्दे पर प्रभावी तरीके से पेश किया है।
मां के अपमान पर गुड्डू का गुस्सा भी दिखाता है दूसरा चेहरा
गुड्डू पंडित की कहानी सिर्फ गुस्से और बदले तक सीमित नहीं है। अपनी मां के प्रति उसका लगाव भी फिल्म में दिखाई देता है। जब उसकी मां का अपमान होता है तो गुड्डू की प्रतिक्रिया उसके किरदार के भावनात्मक पक्ष को सामने लाती है।
फाइट और खून-खराबे वाले दृश्यों के बीच अली फजल इन भावनात्मक पलों में भी असर छोड़ते हैं। यही वजह है कि गुड्डू सिर्फ ताकतवर गैंगस्टर के तौर पर नहीं, बल्कि भावनाओं से जुड़े किरदार के रूप में भी दर्शकों के सामने आता है।
बड़े कलाकारों के बीच भी अलग नजर आए अली फजल
फिल्म में पंकज त्रिपाठी, शीबा चड्ढा, कुलभूषण खरबंदा, रसिका दुग्गल और रवि किशन जैसे अनुभवी कलाकार मौजूद हैं। इतनी मजबूत स्टारकास्ट के बीच भी अली फजल अपनी अलग पहचान बनाने में कामयाब रहते हैं।
गुड्डू पंडित के किरदार में उनका एक्शन, कॉमिक टाइमिंग और इमोशनल परफॉर्मेंस मिलकर ऐसा प्रभाव पैदा करते हैं कि फिल्म खत्म होने के बाद भी किरदार की चर्चा बनी रहती है। ‘मिर्जापुर द मूवी’ में अगर किसी किरदार ने अपनी मौजूदगी से दर्शकों को सबसे ज्यादा सीटियों और तालियों के लिए मजबूर किया है, तो गुड्डू पंडित उसमें सबसे आगे नजर आते हैं।