नई दिल्ली। भारत और रूस के रिश्तों को मजबूत करने को लेकर भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन और रूस के राजदूत डेनिस अलीपोव की मुलाकात अब राजनीतिक तंज का विषय बन गई है। भाजपा मुख्यालय में हुई इस मुलाकात के वीडियो में बैकग्राउंड में बज रहे ‘रा रा रासपुतिन’ गाने को लेकर कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने नबीन पर निशाना साधा है।
मामला इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि मुलाकात के दौरान दोनों पक्षों ने भारत-रूस के लंबे और भरोसेमंद संबंधों को आगे बढ़ाने पर चर्चा की थी। इसके कुछ ही समय बाद मुलाकात का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया और उसमें इस्तेमाल किए गए गाने को लेकर विपक्ष ने सवाल खड़े कर दिए।
‘रा रा रासपुतिन’ पर सिंघवी का तंज
कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने नितिन नबीन के वीडियो को लेकर तंज कसा। उन्होंने कहा कि रूसी राजदूत से मुलाकात के दौरान बैकग्राउंड में ‘रा रा रासपुतिन’ बजना इससे ज्यादा मजेदार और क्या हो सकता है।
सिंघवी ने इसे भाजपा नेतृत्व की ओर से हर दिन सामने आने वाला एक नया ‘कारनामा’ बताया। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी वीडियो को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई।
सिर्फ सिंघवी नहीं, दूसरे विपक्षी नेताओं ने भी घेरा
इस मुद्दे पर कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत और टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने भी नितिन नबीन की आलोचना की। विपक्षी नेताओं ने सवाल उठाया कि रूस के राजदूत के साथ आधिकारिक मुलाकात के वीडियो में ऐसे गाने का इस्तेमाल क्यों किया गया, जिसका संबंध रूसी शासक ग्रिगोरी रासपुतिन के विवादित इतिहास से जोड़ा जाता है।
‘रा रा रासपुतिन’ 1978 में रिलीज हुआ Boney M का चर्चित गीत है। गाने में रूसी इतिहास के विवादित किरदार ग्रिगोरी रासपुतिन का जिक्र है। यही वजह है कि विपक्ष ने वीडियो के लिए गाने के चुनाव को निशाना बनाया।
नितिन नबीन ने मुलाकात को बताया ‘सार्थक’
विवाद के बीच नितिन नबीन की ओर से मुलाकात का जो विवरण साझा किया गया, उसमें भारत-रूस संबंधों को केंद्र में रखा गया था। नबीन ने कहा कि दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच नियमित संवाद ने इसे गति दी है।
बैठक में भारत-रूस संबंधों के अलावा प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की SCO शिखर सम्मेलन से इतर हालिया मुलाकात और भारत में होने वाले आगामी BRICS सम्मेलन से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
BJP के संगठन की भी जानकारी साझा की
नितिन नबीन ने रूसी राजदूत को भाजपा के गठन, उसके संगठनात्मक ढांचे और जमीनी स्तर पर पार्टी कार्यकर्ताओं की भूमिका के बारे में भी जानकारी दी।
रूसी दूतावास की ओर से सामने आई जानकारी के मुताबिक, बातचीत में भारत-रूस के बीच पार्टी स्तर और संसदीय संबंधों को मजबूत करने, अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सहयोग बढ़ाने तथा व्यापार और आर्थिक साझेदारी की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
2027 में रिश्तों के 80 साल
भारत और रूस 2027 में राजनयिक संबंधों की स्थापना के 80 साल पूरे होने का अवसर मनाएंगे। नितिन नबीन ने इस मौके को दोनों देशों के संबंधों के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए भरोसा जताया कि आने वाले वर्षों में साझेदारी नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगी।
गंभीर मुलाकात से सोशल मीडिया विवाद तक
दरअसल, मुलाकात का आधिकारिक एजेंडा भारत-रूस संबंधों को मजबूत करने और आने वाले अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सहयोग से जुड़ा था। लेकिन वीडियो में इस्तेमाल हुए ‘रा रा रासपुतिन’ गाने ने पूरी बातचीत का फोकस बदल दिया।
अब विपक्ष इसे भाजपा नेतृत्व की ‘सोशल मीडिया समझ’ और राजनीतिक संदेश को लेकर निशाना बना रहा है, जबकि मूल मुलाकात का केंद्र भारत और रूस के बीच रणनीतिक तथा कूटनीतिक रिश्ते थे। फिलहाल भाजपा की ओर से विपक्ष के इन तंजों पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।