यूपी के कन्नौज में शुक्रवार, 21 अगस्त की देर रात डीजे को लेकर कांवड़ियों और पुलिस के बीच ऐसा विवाद हुआ कि मामला देखते ही देखते तनावपूर्ण हो गया। पहले बहस हुई, फिर धक्का-मुक्की और इसके बाद बड़ी संख्या में कांवड़िए धरने पर बैठ गए। मामला बढ़ता देख पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों को मौके पर पहुंचना पड़ा। हालात को शांत कराने के लिए ADM देवेंद्र सिंह ने कांवड़िया प्रतिनिधियों के सामने हाथ जोड़कर माफी मांगी, जिसके बाद विवाद शांत हुआ।
क्या था पूरा मामला?
बताया जा रहा है कि पिछले करीब 30 वर्षों से कांवड़िए कन्नौज के सिद्धपीठ गौरीशंकर मंदिर में गंगाजल चढ़ाने के लिए जाते हैं। शुक्रवार रात जब कांवड़िए डीजे के साथ शहर की ओर बढ़ रहे थे, तो पुलिस ने शहर के अंदर डीजे ले जाने पर आपत्ति जताई और उन्हें रोक दिया।
इसी बात को लेकर कांवड़ियों और पुलिस के बीच बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते मामला धक्का-मुक्की तक पहुंच गया। पुलिस की कार्रवाई से नाराज कांवड़िए धरने पर बैठ गए। कुछ लोगों ने सड़क को भी घेर लिया, जिससे मौके पर काफी देर तक हंगामा चलता रहा।
कांवड़ यात्रा पर क्या हैं डीजे के नियम?
देश में कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन की ओर से कई नियम और गाइडलाइन जारी की जाती हैं, जिनमें डीजे से जुड़े नियम भी शामिल हैं। नियमों के मुताबिक, कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे पर पूरी तरह से प्रतिबंध नहीं है, लेकिन डीजे बजाने और उसे यात्रा में ले जाने को लेकर सख्त नियम और सीमाएं तय हैं।
डीजे वाहन या म्यूजिक सिस्टम की ऊंचाई और चौड़ाई निर्धारित सीमा के भीतर होनी चाहिए। इससे अधिक ऊंचाई या चौड़ाई वाले डीजे वाहन को ले जाने की अनुमति नहीं होती। इसके अलावा रात के समय और अस्पतालों व अन्य संवेदनशील इलाकों के पास डीजे बजाने पर भी पाबंदी रहती है।
पुलिस ने कांवड़ियों से क्यों मांगी माफी?
डीजे को शहर के अंदर ले जाने पर रोक लगाए जाने के बाद कांवड़ियों ने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ विरोध शुरू कर दिया। मामला बढ़ने पर कोतवाल जितेंद्र ने भी कांवड़ियों के बीच अपने इस्तीफे का ऐलान कर दिया।
इसके बाद प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और कांवड़िया प्रतिनिधियों से बातचीत शुरू की। इसी दौरान ADM देवेंद्र सिंह ने कांवड़िया प्रतिनिधियों के सामने हाथ जोड़कर पुलिस की ओर से माफी मांगी और विवाद खत्म करने की अपील की।
कोतवाल जितेंद्र ने क्यों किया इस्तीफे का ऐलान?
कांवड़ियों के धरने के दौरान कोतवाल जितेंद्र ने कांवड़ियों के साथ अनुचित व्यवहार किया, जिसको लेकर कांवड़ियों ने कोतवाल जितेंद्र पर सवाल उठाए। मामला ज्यादा गर्म होता देख कोतवाल ने कांवड़ियों से भरे मैदान में अपने इस्तीफे की घोषणा कर दी। उन्होंने कहा कि वह नौकरी छोड़ देंगे।
कोतवाल ने कहा, “अनाउंसमेंट कर रहा हूं, शपथ के साथ अनाउंसमेंट कर रहा हूं।” कोतवाल जितेंद्र ने आगे कहा, “अगर मैंने कोई गलती की है तो मेरा सिर… मैं आपको कह रहा हूं कि अगर किसी को ये शक है कि मैं सनातनी नहीं हूं, तो जो व्यक्ति मुझसे बड़ा सनातनी हो, मैं यहीं सिद्ध करता हूं कि कौन ज्यादा बड़ा सनातनी।”
कोतवाल के इस्तीफे के ऐलान और प्रशासन की ओर से कांवड़ियों को समझाने के बाद आखिरकार विरोध-प्रदर्शन खत्म हुआ और डीजे को शहर के अंदर ले जाने की अनुमति दे दी गई। लेकिन कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं।