लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की आगामी ‘छात्रों की गूंज’ सभा से ठीक पहले पुणे में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। नीट (NEET) पेपर लीक और शिक्षा सुधारों के मुद्दे पर देश भर के युवाओं की आवाज उठा रहे राहुल गांधी 22 अगस्त को पुणे में छात्राओं के साथ एक विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित करने वाले हैं। हालांकि, पुणे पुलिस द्वारा 18 अगस्त से लागू किए गए सख्त प्रतिबंधात्मक आदेशों के बाद इस कार्यक्रम के आयोजन पर अनिश्चितता के बादल छा गए हैं।
पुणे पुलिस का बड़ा फैसला: 18 से 31 अगस्त तक सख्त पाबंदियां
आगामी त्योहारों, राजनीतिक गतिविधियों और कानून-व्यवस्था की स्थिति को बनाए रखने का हवाला देते हुए पुणे पुलिस ने शहर भर में कड़े प्रतिबंध लागू कर दिए हैं।
- धारा 37 के तहत कार्रवाई: पुलिस उपायुक्त (विशेष शाखा) डॉ. प्रशांत अमृतकर द्वारा महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम, 1951 की धारा 37 (1), (2) और (3) के तहत आदेश जारी किए गए हैं।
- समयसीमा: यह प्रतिबंध 18 अगस्त की मध्यरात्रि 12:01 बजे से 31 अगस्त की रात 12 बजे तक पूरे पुणे शहर पुलिस आयुक्तालय क्षेत्र में प्रभावी रहेगा। इसके तहत बिना पूर्व अनुमति के सभाओं, रैलियों और भीड़ जमा करने पर रोक रहेगी।
इस बार सिर्फ छात्राओं के लिए है ‘छात्रों की गूंज’ संवाद
राहुल गांधी ने 17 जून को राजस्थान के कोटा से ‘छात्रों की गूंज’ अभियान की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने 17 जुलाई को देहरादून और 8 अगस्त को प्रयागराज में सफल छात्र सम्मेलनों को संबोधित किया था।
- पुणे में विशेष सत्र: 22 अगस्त का पुणे कार्यक्रम विशेष रूप से छात्राओं को समर्पित किया गया है, जहां राहुल गांधी नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी का सामना कर रही छात्राओं से सीधा संवाद करेंगे।
- साझा किया विशेष वीडियो: कार्यक्रम से पहले राहुल गांधी ने नीट पेपर लीक के खिलाफ सड़क पर उतरने वाले छात्र-छात्राओं की बहादुरी की सराहना करते हुए एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर जारी किया है।
क्या समय पर हो पाएगा कार्यक्रम?
पुणे पुलिस के इस अचानक जारी हुए आदेश के बाद कांग्रेस खेमे में हलचल बढ़ गई है। अब यह देखना होगा कि स्थानीय आयोजक इस प्रतिबंधात्मक आदेश के बीच पुलिस से विशेष अनुमति प्राप्त करते हैं या कार्यक्रम के स्थान अथवा प्रारूप में कोई बदलाव किया जाता है।