Sign In
  • My Bookmarks
Indian Press House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Reading: Israel Election 2026: नेतन्याहू के सामने बड़ी चुनौती, गादी आइजेनकोट की पार्टी सर्वे में आगे; क्या बदल जाएगा सत्ता का समीकरण?
Share
Indian Press HouseIndian Press House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
Indian Press House > Blog > Trending News > Israel Election 2026: नेतन्याहू के सामने बड़ी चुनौती, गादी आइजेनकोट की पार्टी सर्वे में आगे; क्या बदल जाएगा सत्ता का समीकरण?
Trending Newsवर्ल्ड

Israel Election 2026: नेतन्याहू के सामने बड़ी चुनौती, गादी आइजेनकोट की पार्टी सर्वे में आगे; क्या बदल जाएगा सत्ता का समीकरण?

news desk
Last updated: August 16, 2026 2:09 pm
news desk
Share
SHARE

तेल अवीव। इजरायल में 27 अक्टूबर को होने वाले चुनाव से पहले प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। पूर्व सेना प्रमुख गादी आइजेनकोट की याशार पार्टी ने हालिया सर्वे में नेतन्याहू की लिकुड पार्टी को पीछे छोड़ दिया है। सर्वे के मुताबिक याशार को 25 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि लिकुड 21 सीटों पर सिमट सकती है।

Contents
कौन हैं गादी आइजेनकोट, जो नेतन्याहू को दे रहे चुनौती?बेटे और भतीजों की मौत ने बदली आइजेनकोट की राजनीतिक छवियाशार को क्यों मिल रहा है मतदाताओं का समर्थन?चुनाव में कौन से मुद्दे रहेंगे सबसे अहम?क्या याशार की चार सीटों की बढ़त से नेतन्याहू की सत्ता खतरे में?27 अक्टूबर का चुनाव क्यों है खास?

हालांकि, यह सिर्फ एक सर्वे का अनुमान है और अलग-अलग सर्वेक्षणों में तस्वीर बदलती रही है। ऐसे में चुनाव तक राजनीतिक समीकरणों में कई बदलाव संभव हैं।

कौन हैं गादी आइजेनकोट, जो नेतन्याहू को दे रहे चुनौती?

गादी आइजेनकोट इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) के पूर्व चीफ ऑफ स्टाफ रह चुके हैं। उनकी सैन्य पृष्ठभूमि उन्हें सुरक्षा और युद्ध जैसे मुद्दों पर मजबूत चेहरा बनाती है।

राजनीति में उन्होंने याशार पार्टी के जरिए खुद को केंद्र और मध्यमार्गी दक्षिणपंथी मतदाताओं के विकल्प के रूप में पेश किया है। उनकी पार्टी भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख, न्यायपालिका की स्वतंत्रता, लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती और सरकार की जवाबदेही जैसे मुद्दों को प्रमुखता देती है।

7 अक्टूबर 2023 के हमले की स्वतंत्र राज्य जांच की मांग भी आइजेनकोट के प्रमुख राजनीतिक मुद्दों में शामिल है।

बेटे और भतीजों की मौत ने बदली आइजेनकोट की राजनीतिक छवि

आइजेनकोट की निजी जिंदगी भी इजरायल के मौजूदा युद्ध से गहराई से जुड़ी रही है। गाजा युद्ध के दौरान उनके बेटे गैल और दो भतीजों की मौत हुई।

इस व्यक्तिगत त्रासदी ने उन्हें युद्ध और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर अलग तरह की विश्वसनीयता दी है। 2024 में उन्होंने नेतन्याहू की युद्ध कैबिनेट से इस्तीफा भी दे दिया था। इसके बाद उन्होंने सरकार की युद्ध रणनीति और फैसलों पर सवाल उठाए।

याशार को क्यों मिल रहा है मतदाताओं का समर्थन?

इजरायल में 7 अक्टूबर 2023 के हमले के बाद सुरक्षा व्यवस्था, बंधकों की वापसी, युद्ध की रणनीति और सरकार की जवाबदेही जैसे मुद्दे लगातार राजनीतिक बहस के केंद्र में रहे हैं।

इसी माहौल में आइजेनकोट खुद को अपेक्षाकृत शांत, व्यावहारिक और सुरक्षा मामलों की समझ रखने वाले नेता के तौर पर पेश कर रहे हैं। उनकी सैन्य पृष्ठभूमि उन मतदाताओं को आकर्षित कर सकती है जो सुरक्षा के साथ-साथ सरकार में बदलाव चाहते हैं।

हालिया सर्वेक्षणों में याशार को करीब 21 से 25 सीटों के बीच दिखाया गया है। हालांकि, अलग-अलग सर्वे में आंकड़े बदल रहे हैं, इसलिए इसे चुनाव का अंतिम संकेत नहीं माना जा सकता।

चुनाव में कौन से मुद्दे रहेंगे सबसे अहम?

इजरायल के आगामी चुनाव में कई मुद्दे मतदाताओं के फैसले को प्रभावित कर सकते हैं।

7 अक्टूबर हमले की जवाबदेही: हमले के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल उठते रहे हैं। विपक्ष स्वतंत्र राज्य जांच आयोग की मांग करता रहा है।

गाजा युद्ध और सुरक्षा नीति: लंबे सैन्य अभियान, बंधकों की वापसी और भविष्य की सुरक्षा रणनीति चुनाव के बड़े मुद्दे हैं।

अल्ट्रा-ऑर्थोडॉक्स यहूदियों की सैन्य सेवा: सैन्य सेवा से छूट का मुद्दा धार्मिक और धर्मनिरपेक्ष समूहों के बीच बड़ा राजनीतिक विवाद बना हुआ है।

महंगाई और जीवन-यापन की लागत: बढ़ती कीमतें और घरेलू खर्च भी मतदाताओं के लिए महत्वपूर्ण चुनावी मुद्दे हैं।

क्या याशार की चार सीटों की बढ़त से नेतन्याहू की सत्ता खतरे में?

सर्वे में लिकुड पर चार सीटों की बढ़त आइजेनकोट के लिए निश्चित रूप से बड़ा संकेत है, लेकिन यह बढ़त अपने आप में सरकार बनाने के लिए पर्याप्त नहीं है।

इजरायल की नेसेट में कुल 120 सीटें हैं और सरकार बनाने के लिए कम से कम 61 सांसदों का समर्थन जरूरी है। इसलिए असली मुकाबला सिर्फ याशार और लिकुड के बीच नहीं है। छोटे दक्षिणपंथी दल, अरब पार्टियां और अन्य राजनीतिक गठबंधन चुनाव के बाद सरकार गठन में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।

यही नेतन्याहू और आइजेनकोट की सबसे बड़ी चुनौती है। आइजेनकोट को अपनी मौजूदा लोकप्रियता को सीटों में बदलने के साथ-साथ चुनाव बाद सहयोगियों का समर्थन जुटाना होगा। वहीं नेतन्याहू की कोशिश लिकुड के आधार को मजबूत करने और संभावित गठबंधन सहयोगियों को अपने साथ बनाए रखने की होगी।

27 अक्टूबर का चुनाव क्यों है खास?

अगर याशार पार्टी लगातार सर्वे में अपनी बढ़त बनाए रखती है, तो यह नेतन्याहू के लंबे राजनीतिक वर्चस्व के लिए बड़ा झटका हो सकता है। लेकिन इजरायल की गठबंधन आधारित राजनीति में किसी एक पार्टी का सबसे बड़ी पार्टी बनना और सरकार बना लेना दो अलग-अलग बातें हैं।

इसलिए 27 अक्टूबर के चुनाव में सिर्फ यह देखना अहम नहीं होगा कि याशार और लिकुड में कौन आगे रहता है, बल्कि यह भी तय करेगा कि कौन-सा राजनीतिक गठबंधन 61 सीटों का जादुई आंकड़ा हासिल करने की स्थिति में आता है।

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

TAGGED: Benjamin Netanyahu, Gadi Eisenkot, Israel Election 2026, Israel Election October 27, Israel Election Survey, israel news, Israeli Politics, Likud Party, Netanyahu vs Eisenkot, Yashar Party, इजरायल चुनाव 2026, इजरायल चुनाव सर्वे, गादी आइजेनकोट, नेतन्याहू को चुनौती, बेंजामिन नेतन्याहू, याशार पार्टी, लिकुड पार्टी
Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article डायबिटीज मरीजों के लिए फायदेमंद माने जाते हैं ये फल, डाइट में शामिल करने से ब्लड शुगर मैनेजमेंट में मिल सकती है मदद
Next Article BWF World Championships 2026: 17 साल बाद भारत में बैडमिंटन का महासंग्राम, जानें पूरा शेड्यूल और लाइव स्ट्रीमिंग

फीचर

View More

15 अगस्त 1947 को भारत आजाद हुआ, लेकिन यह राज्य तब भी था विदेशी कब्जे में; 14 साल बाद ऐसे बना देश का 25वां राज्य

पणजी: 15 अगस्त 1947 को जब पूरा देश ब्रिटिश शासन से आजादी का जश्न मना रहा था, तब भारत का…

By vineet verma 6 Min Read

आधी रात को खत्म हुआ अंग्रेजों का राज, 15 अगस्त 1947 को ऐसे मिली भारत को आजादी; जानिए स्वतंत्रता की पूरी कहानी

नई दिल्ली: 15 अगस्त भारत के इतिहास की सबसे अहम तारीखों में…

6 Min Read

लाल किले से ही क्यों देश को संबोधित करते हैं प्रधानमंत्री? 15 अगस्त की इस परंपरा के पीछे छिपी है सत्ता, संघर्ष और आजादी की पूरी कहानी

नई दिल्ली: 15 अगस्त 2026 को देश 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा। इस…

6 Min Read

विचार

View More

भारतीय रेडियो प्रसारण के 100 वर्ष: ‘श्रुति’ की परंपरा से ‘मन की बात’ तक… ऐसा रहा जादुई तरंगों का 100 साल का सफर

उस अविस्मरणीय पल को याद कीजिए, जब आपने पहली बार…

August 13, 2026

क्या कभी सोचा है कि आखिर कैसे दक्षिण से उत्तर तक पूरे देश में छा जाते हैं बादल और शुरू हो जाती है झमाझम बारिश?

नई दिल्ली: देश में मानसून की…

July 9, 2026

‘एक भी अमेरिकी सैनिक जिंदा नहीं लौटेगा’… आखिर ईरान ने अमेरिका को क्यों दी खुली चेतावनी? जानिए कैसे बढ़ा नया सैन्य तनाव

तेहरान: पश्चिम एशिया में अमेरिका और…

July 9, 2026

अमीर पति बनेगा सहारा या मुसीबत? डेटिंग ऐप CEO की सलाह से छिड़ी बहस, महिलाओं से कहा- ‘कमाई का अंतर ज्यादा हो तो सोचिए’

नई दिल्ली: शादी और रिश्तों को…

June 9, 2026

मानसून की दस्तक में फिर देरी, आखिर कब पहुंचेगा केरल? जानिए क्यों बार-बार बदल रही है IMD की तारीख

नई दिल्ली: देश के कई राज्यों…

June 4, 2026

You Might Also Like

Trending Newsबाजार

LPG Supply: अब नहीं होगी रसोई गैस की किल्लत? सरकार ने बनाया बड़ा प्लान, 21 कंपनियों को मिला 63,810 टन का टारगेट

नई दिल्ली। देश में रसोई गैस यानी LPG की सप्लाई को अंतरराष्ट्रीय संकट से बचाने के लिए केंद्र सरकार ने…

7 Min Read
Latest NewsTrending Newsखेल

BWF World Championships 2026: 17 साल बाद भारत में बैडमिंटन का महासंग्राम, जानें पूरा शेड्यूल और लाइव स्ट्रीमिंग

BWF World Championships 2026: बैडमिंटन की दुनिया का सबसे बड़ा टूर्नामेंट एक बार फिर भारत लौट आया है। BWF वर्ल्ड…

4 Min Read
EntertainmentTrending News

Awarapan 2 Box Office Collection Day 2: इमरान हाशमी की फिल्म ने 2 दिन में पार किया ₹50 करोड़ का आंकड़ा

नई दिल्ली: इमरान हाशमी की फिल्म ‘आवारापन 2’ बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन कर रही है। 14 अगस्त को सिनेमाघरों…

2 Min Read
Trending Newsवर्ल्ड

कितनी ताकतवर है USS जॉर्ज वाशिंगटन? ईरान से पहले चीन पर रख चुकी नजर, जानिए अमेरिका के पास कितने एयरक्राफ्ट कैरियर

नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच जारी लंबे संघर्ष के बीच अमेरिकी नौसेना अपने परमाणु-संचालित विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम…

7 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?