नई दिल्ली: 15 अगस्त 2026, शनिवार को शक संवत 1948, श्रावण मास, शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि है। आज विक्रम संवत 2083 रहेगा। तृतीया तिथि शाम 05 बजकर 28 मिनट तक रहेगी, इसके बाद चतुर्थी तिथि शुरू हो जाएगी। आज उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र अगले दिन 16 अगस्त की सुबह 03 बजकर 25 मिनट तक रहेगा, फिर हस्त नक्षत्र शुरू होगा। शिव योग सुबह 07 बजकर 09 मिनट तक रहेगा, इसके बाद सिद्ध योग शुरू होगा। तैतिल करण सुबह 06 बजकर 02 मिनट तक रहेगा, फिर गरज करण का आरंभ होगा। चंद्रमा सुबह 09 बजकर 34 मिनट तक सिंह राशि में रहेगा और इसके बाद कन्या राशि में प्रवेश करेगा।
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
आज सूर्य दक्षिणायन, उत्तर गोल में रहेंगे और ऋतु वर्षा होगी। 15 अगस्त को सूर्य और चंद्रमा के उदय-अस्त का समय इस प्रकार रहेगा:
- सूर्योदय: सुबह 05 बजकर 50 मिनट
- सूर्यास्त: शाम 07 बजकर 01 मिनट
- चंद्रोदय: सुबह 08 बजकर 23 मिनट
- चंद्रास्त: रात 08 बजकर 32 मिनट
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्य देव आज कर्क राशि में स्थित रहेंगे। चंद्रमा सुबह 09 बजकर 34 मिनट तक सिंह राशि में रहेंगे, इसके बाद कन्या राशि में प्रवेश करेंगे।
आज के शुभ मुहूर्त
15 अगस्त को दिन की शुरुआत ब्रह्म मुहूर्त से होगी। पूजा-पाठ और शुभ कार्यों के लिए आज ये मुहूर्त महत्वपूर्ण रहेंगे:
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 03 बजकर 55 मिनट से 04 बजकर 41 मिनट तक
- अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11 बजकर 59 मिनट से दोपहर 12 बजकर 52 मिनट तक
- अमृत काल: रात 08 बजकर 18 मिनट से रात 09 बजकर 53 मिनट तक
आज का चौघड़िया मुहूर्त
शनिवार 15 अगस्त को चौघड़िया के अनुसार दिन के प्रमुख समय इस प्रकार हैं:
- काल: सुबह 05 बजकर 50 मिनट से 07 बजकर 29 मिनट तक
- शुभ: सुबह 07 बजकर 29 मिनट से 09 बजकर 08 मिनट तक
- रोग: सुबह 09 बजकर 08 मिनट से 10 बजकर 47 मिनट तक
- उद्वेग: सुबह 10 बजकर 47 मिनट से दोपहर 12 बजकर 25 मिनट तक
आज का अशुभ मुहूर्त
आज राहुकाल सुबह 09 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक रहेगा। इस दौरान शुभ कार्य करने से बचने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा गुलिक काल और यमगंड का समय भी ध्यान में रखें।
- राहुकाल: सुबह 09 बजकर 00 मिनट से 10 बजकर 30 मिनट तक
- गुलिक काल: सुबह 06 बजकर 00 मिनट से 07 बजकर 30 मिनट तक
- यमगंड: दोपहर 01 बजकर 30 मिनट से 03 बजकर 30 मिनट तक
आज का उपाय
शनिवार के दिन हनुमान चालीसा का पाठ करें। शनि देव के मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाएं और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।