Sign In
  • My Bookmarks
Indian Press House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Reading: चीन की चालाकी से भारत की बढ़ी टेंशन! ईरान-होर्मुज संकट के बीच कैसे खतरे में पड़ रही है देश की एनर्जी सिक्योरिटी?
Share
Indian Press HouseIndian Press House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
Indian Press House > Blog > Trending News > चीन की चालाकी से भारत की बढ़ी टेंशन! ईरान-होर्मुज संकट के बीच कैसे खतरे में पड़ रही है देश की एनर्जी सिक्योरिटी?
Trending Newsवर्ल्ड

चीन की चालाकी से भारत की बढ़ी टेंशन! ईरान-होर्मुज संकट के बीच कैसे खतरे में पड़ रही है देश की एनर्जी सिक्योरिटी?

news desk
Last updated: August 11, 2026 4:36 pm
news desk
Share
SHARE

मौजूदा वैश्विक भू-राजनीतिक हालात दुनिया भर के देशों के लिए चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। खासकर मिडिल ईस्ट में ईरान और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास मंडराते संकट के बीच, ग्लोबल एनर्जी मार्केट में चीन के एक नए और आक्रामक रूप ने भारत की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। चीन की तेल से जुड़ी नीतियां अब सीधे तौर पर भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए खतरा बनती जा रही हैं।

Contents
क्या है चीन की ‘स्विंग बायर’ वाली चाल?क्या है आगे की राह

क्या है चीन की ‘स्विंग बायर’ वाली चाल?

दुनिया के सबसे बड़े तेल आयातक के रूप में चीन ने वैश्विक तेल बाजार में खुद को एक ऐसी स्थिति में ला खड़ा किया है, जहां वह अपनी सुविधा के अनुसार बाजार की दिशा तय कर सकता है:

सस्ते में भारी स्टॉक: जब भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें गिरती हैं, चीन इसका पूरा फायदा उठाता है। वह बड़ी आक्रामकता के साथ सस्ते तेल की रिकॉर्ड खरीदारी करता है और उसे अपने स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व (SPR) में डंप (सुरक्षित भंडार) कर लेता है।

संकट के समय मांग में कटौती: जब पश्चिम एशिया में तनाव (जैसे ईरान-होर्मुज संकट) के कारण तेल के दाम आसमान छूने लगते हैं, तब चीन अपने विशालकाय भंडारों का इस्तेमाल करना शुरू कर देता है। ऐसे वक्त में वह वैश्विक बाजार से नया तेल खरीदना या तो बहुत कम कर देता है या रोक देता है।

कीमतों पर दबदबा: चीन की इस रणनीति से वैश्विक तेल बाजार में एक अजीब संतुलन बन जाता है। वह कीमतों को नीचे गिरने से तो रोक लेता है, लेकिन संकट के समय बाजार की मांग को अचानक गिराकर ग्लोबल ट्रेड को अस्थिर कर देता है।
भारत के लिए क्यों बढ़ रही है चिंता?
चीन की इन हरकतों का सबसे बुरा असर भारत जैसी तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ रहा है। इसके पीछे मुख्य कारण हैं:

होर्मुज जलडमरूमध्य पर निर्भरता: भारत अपनी कुल ऊर्जा जरूरतों (तेल और गैस) का एक बहुत बड़ा हिस्सा पश्चिम एशिया से आयात करता है। यह सारा तेल मुख्य रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते भारत पहुंचता है। ईरान और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण इस समुद्री मार्ग पर हमेशा तलवार लटकी रहती है।

रणनीतिक भंडारों की कमी: चीन के पास आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए बहुत बड़ा तेल भंडार है। इसके विपरीत, भारत के पास सीमित रणनीतिक भंडार ही हैं। संकट के समय चीन तो अपने रिजर्व के सहारे निकल जाता है, लेकिन भारत को महंगे दामों पर ही तेल खरीदना पड़ता है।

महंगाई और बढ़ता आयात बिल: जब वैश्विक स्तर पर चीन अपनी रणनीति के तहत बाजार को नियंत्रित करता है, तो भारत को अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए ज्यादा पैसे चुकाने पड़ते हैं। इससे देश का आयात बिल (Import Bill) बढ़ता है और घरेलू बाजार में महंगाई का खतरा पैदा हो जाता है।

क्या है आगे की राह

ईरान-होर्मुज संकट के बीच चीन का तेल बाजार पर इस तरह का एकाधिकार और ‘स्विंग बायर’ की भूमिका निभाना भारत के लिए एक बड़ी चेतावनी है। इस स्थिति से निपटने के लिए भारत को अपनी ऊर्जा रणनीतियों में तेजी से बदलाव करने की जरूरत है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत को अपनी निर्भरता एक ही क्षेत्र पश्चिम एशिया से हटाकर वैकल्पिक स्रोतों पर बढ़ानी होगी। इसके साथ ही, देश के भीतर रणनीतिक तेल भंडारों की क्षमता को तेजी से बढ़ाना और घरेलू स्तर पर एनर्जी एक्सप्लोरेशन को गति देना ही भारत की ऊर्जा सुरक्षा का एकमात्र पुख्ता उपाय है।

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

TAGGED: IndianPressHouse, indianpresshouse news, Trending News, आयात बिल, ईरान संकट, ऊर्जा सुरक्षा, क्रूड ऑयल, चीन, भारत, भू-राजनीतिक तनाव, वैश्विक तेल बाजार, सामरिक भंडार, होर्मुज जलडमरूमध्य
Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article Blinkit को बड़ा झटका: कॉकरोच, एक्सपायर्ड फूड और गंदगी के कारण महाराष्ट्र FDA ने सस्पेंड किया लाइसेंस
Next Article सीरियाई कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद को मौत की सजा, भाई और चचेरे भाई को भी फांसी का हुक्म

फीचर

View More

26 सितंबर की रात आसमान में दिखेगा खास चांद, जानिए Harvest Moon क्यों कहलाता है फसल का चांद

नई दिल्ली: सितंबर की पूर्णिमा को खास माना जाता है और इसे Harvest Moon यानी फसल का चांद कहा जाता…

By vineet verma 8 Min Read

टीएन शेषन: जब चुनाव आयोग के फैसलों से बदल गया चुनावी अनुशासन, बूथ कैप्चरिंग से आचार संहिता तक ऐसे दिखाई सख्ती

नई दिल्ली। भारतीय चुनाव व्यवस्था में कुछ नाम ऐसे हैं, जिनका जिक्र…

8 Min Read

रेगिस्तान के धोरों में उगा ‘सोने का पेड़’: महज 200 रुपये के पौधे ने बाड़मेर के किसान को बना दिया लखपति, क्या आपने देखा यह चलता-फिरता बैंक?

रेगिस्तान की तपती धरती अब सिर्फ बंजर जमीन की दास्तान नहीं कहती,…

4 Min Read

विचार

View More

भारतीय रेडियो प्रसारण के 100 वर्ष: ‘श्रुति’ की परंपरा से ‘मन की बात’ तक… ऐसा रहा जादुई तरंगों का 100 साल का सफर

उस अविस्मरणीय पल को याद कीजिए, जब आपने पहली बार…

August 13, 2026

क्या कभी सोचा है कि आखिर कैसे दक्षिण से उत्तर तक पूरे देश में छा जाते हैं बादल और शुरू हो जाती है झमाझम बारिश?

नई दिल्ली: देश में मानसून की…

July 9, 2026

‘एक भी अमेरिकी सैनिक जिंदा नहीं लौटेगा’… आखिर ईरान ने अमेरिका को क्यों दी खुली चेतावनी? जानिए कैसे बढ़ा नया सैन्य तनाव

तेहरान: पश्चिम एशिया में अमेरिका और…

July 9, 2026

अमीर पति बनेगा सहारा या मुसीबत? डेटिंग ऐप CEO की सलाह से छिड़ी बहस, महिलाओं से कहा- ‘कमाई का अंतर ज्यादा हो तो सोचिए’

नई दिल्ली: शादी और रिश्तों को…

June 9, 2026

मानसून की दस्तक में फिर देरी, आखिर कब पहुंचेगा केरल? जानिए क्यों बार-बार बदल रही है IMD की तारीख

नई दिल्ली: देश के कई राज्यों…

June 4, 2026

You Might Also Like

Trending Newsसियासी

SIR विवाद के बीच CEC ज्ञानेश कुमार पर सियासी वार-पलटवार, BJP की तारीफ पर पवन खेड़ा का तंज

समिक भट्टाचार्य ने CEC ज्ञानेश कुमार को पद्म भूषण देने की बात कही, पवन खेड़ा बोले- ‘पद्म भूषण छोटी चीज,…

6 Min Read
Trending Newsउत्तर प्रदेशराज्य

यूपी राज्यसभा चुनाव: BJP में टिकट को लेकर मंथन, पुराने चेहरों की वापसी या नए नेताओं पर दांव?

16 अक्टूबर को यूपी की 10 राज्यसभा सीटों पर चुनाव, बीजेपी के खाते में 8 सीटें जाने की संभावना; स्मृति…

7 Min Read
Trending Newsवर्ल्ड

Iran-US War: ईरान की 7 दिन की डील पर ट्रंप का ब्रेक, होर्मुज खोलने के प्रस्ताव को झटका

अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव के बीच युद्ध रोकने की कूटनीतिक कोशिशों को बड़ा झटका लगा है।…

4 Min Read
Trending Newsवर्ल्ड

‘शरीर के सारे अंग ठीक हैं…’: न्यूयॉर्क में ईरान के राष्ट्रपति ने सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई के जिंदा होने का दिया सबूत; अमेरिकी दावों को किया खारिज

न्यूयॉर्क। ईरान के सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई की सेहत और उनके जिंदा होने को लेकर उठ रहे सवालों के बीच…

3 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?