असम में बाढ़ की स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है। राज्य में बाढ़ और उससे जुड़े हादसों के कारण अब तक 99 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1.47 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य जारी है।
ताजा आंकड़ों के मुताबिक राज्य के 12 जिले अभी भी बाढ़ की चपेट में हैं। इनमें सोनितपुर, नगांव, गोलाघाट, शिवसागर, होजाई, दरांग, जोरहाट, धेमाजी, चराईदेव, कार्बी आंगलोंग लखीमपुर और बिस्वनाथ शामिल हैं।
गोलाघाट में सबसे ज्यादा लोग प्रभावित
बाढ़ से प्रभावित जिलों में गोलाघाट की स्थिति सबसे गंभीर बताई जा रही है। यहां करीब 61,735 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। इसके बाद शिवसागर में 43,492 और जोरहाट में करीब 24,283 लोग बाढ़ की चपेट में हैं।
हालांकि पिछले कुछ दिनों की तुलना में प्रभावित लोगों की संख्या में मामूली कमी आई है। इससे संकेत मिलता है कि कुछ इलाकों में बाढ़ का पानी धीरे-धीरे कम हो रहा है। इसके बावजूद कई क्षेत्रों में लोगों की मुश्किलें बनी हुई हैं।
99 लोगों की जा चुकी है जान
असम में इस साल बाढ़ ने बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, बाढ़ और उससे जुड़े हादसों में अब तक 99 लोगों की मौत हो चुकी है। लगातार बारिश और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी ने कई इलाकों में जनजीवन को प्रभावित किया है।
सड़क और फसलों को भी नुकसान
बाढ़ का असर सिर्फ लोगों तक सीमित नहीं है। कई इलाकों में सड़कें, घर और अन्य बुनियादी ढांचे प्रभावित हुए हैं। खेतों में पानी भरने से फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। कई जगहों पर सामान्य आवाजाही प्रभावित होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव अभियान चला रहा है। बाढ़ का पानी कम होने के बाद अब प्रभावित क्षेत्रों में जनजीवन को सामान्य करना एक बड़ी चुनौती होगी।
क्या है मौजूदा स्थिति?
99 लोगों की मौत
1.47 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित
12 जिले बाढ़ की चपेट में
गोलाघाट सबसे ज्यादा प्रभावित
राहत और बचाव कार्य जारी
सड़क, घर और फसलों को नुकसान
असम में बाढ़ की स्थिति में कुछ सुधार के संकेत जरूर मिले हैं, लेकिन बड़ी संख्या में लोगों के प्रभावित होने के कारण राज्य के सामने अभी भी राहत और पुनर्वास की बड़ी चुनौती बनी हुई है।