भारतीय क्रिकेट टीम इस समय सिर्फ मैदान पर ऑपोनेंट्स टीमों से ही नहीं, बल्कि अपने ही खिलाड़ियों की बढ़ती चोटों से भी एक बड़ी जंग लड़ रही है। बेंगलुरु स्थित भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड “BCCI” के ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ (COE) से सामने आई मेडिकल रिपोर्ट ने टीम मैनेजमेंट और फैंस की चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, करंट में टीम के 13 खिलाड़ी फिटनेस प्रॉब्लम से जूझ रहे हैं और रिहैबिलिटेशन की प्रोसेस से गुजर रहे हैं।
बुमराह और हार्दिक समेत कई बड़े नाम है शामिल
इस लिस्ट में सबसे प्रमुख नाम जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पांड्या के हैं। स्टार पेसर जसप्रीत बुमराह के बाएं घुटने में ‘सिनोवाइटिस’ की समस्या सामने आई है। घुटने में तरल पदार्थ जमा होने की वजह से उन्हें इंजेक्शन भी दिया गया था, लेकिन रिहैबिलिटेशन के दौरान मैदान पर वापसी की कोशिश करते समय उन्हें फिर से असहजता महसूस हुई।
वहीं, ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या भी पूरी तरह फिट नहीं हैं। अपनी जांघ की क्वाड्रिसेप्स चोट से उबर रहे हार्दिक की फिटनेस में सुधार हो रहा था, लेकिन अब उन्हें दाईं पिंडली (Calf) में दर्द की शिकायत है। एहतियात के तौर पर उनकी गेंदबाजी और रनिंग पर फिलहाल रोक लगा दी गई है।
इन युवा खिलाड़ियों की भी मुश्किलें बरकरार
सिर्फ सीनियर खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि युवा सितारे भी चोटों से घिरे हैं:
साई सुदर्शन: दाएं पैर में ‘स्ट्रेस रिएक्शन’ की समस्या है। बल्लेबाजी और फील्डिंग में सुधार के बावजूद उनके अंगूठे का दर्द टीम के लिए चिंता का सबब बना हुआ है।
नीतीश कुमार रेड्डी: जांघ की चोट के बाद ये खिलाड़ी रिकवरी की राह पर हैं और उन्होंने गेंदबाजी का अभ्यास शुरू कर दिया है।
हर्षित राणा और वॉशिंगटन सुंदर: ये दोनों खिलाड़ी हैमस्ट्रिंग की चोट से लड़ रहे हैं, लेकिन अच्छी बात यह है कि दोनों ही रिकवरी के सकारात्मक चरण में हैं और कंडीशनिंग ट्रेनिंग कर रहे हैं।
इस लिस्ट शामिल अन्य प्रमुख खिलाड़ियों के नाम हैं: वरुण चक्रवर्ती, आकाशदीप, हिमांशु सिंह, अशोक शर्मा, सुयश शर्मा, युद्धवीर सिंह और रियान पराग।
भविष्य पर मंडराते सवाल
भारतीय क्रिकेट के लिए यह स्थिति चिंताजनक है, क्योंकि टीम को आने वाले महीनों में कई महत्वपूर्ण सीरीज खेलनी हैं। खिलाड़ियों का लगातार चोटिल होना और चोट से उबरने की प्रक्रिया में बार-बार दिक्कतों का आना वर्कलोड मैनेजमेंट पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की मेडिकल टीम फिलहाल इन सभी खिलाड़ियों की स्थिति पर बारीकी से नजर रखे हुए है। टीम इंडिया के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती यही है कि कैसे इन प्रमुख खिलाड़ियों को बिना किसी जल्दबाजी के पूरी फिटनेस के साथ मैदान पर वापस लाया जाए, ताकि आगामी मुकाबलों में टीम की मजबूती पर असर न पड़े।