दिल्ली के हाई-प्रोफाइल इलाके जंतर-मंतर (Jantar Mantar) पर प्रदर्शन के दौरान एक बड़े आतंकी हमले की नापाक साजिश का पर्दाफाश हुआ है। पंजाब पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI द्वारा संचालित 2 अलग-अलग टेरर मॉड्यूल (Terror Modules) को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है।
इस सिलसिले में 4 नाबालिगों समेत कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से पिस्टल, जिंदा कारतूस और कांच की बोतलों से बने पेट्रोल बम बरामद किए गए हैं।
जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन को निशाना बनाने की थी तैयारी
अमृतसर पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर के मुताबिक, पकड़े गए मॉड्यूल का मुख्य सरगना सुखमन सिंह सीधे पाकिस्तान में बैठे अपने ISI हैंडलर के संपर्क में था।
- दिल्ली पहुंचा था 8 सदस्यों का दस्ता: आरोपी ने कबूल किया कि ISI हैंडलर के कहने पर वह अपने 8 साथियों के साथ दिल्ली आया था।
- UP में मिलने थे हथियार: दिल्ली में उन्हें उत्तर प्रदेश के एक संदिग्ध संपर्क के जरिए हथियार और पेट्रोल बम बनाने का सामान उपलब्ध कराया गया था।
- कड़ी सुरक्षा ने फेरा पानी: जंतर-मंतर पर पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों का प्रदर्शन चल रहा था। आतंकी इसी भीड़ का फायदा उठाकर हमला करना चाहते थे, लेकिन दिल्ली पुलिस की सख्त सुरक्षा व्यवस्था के कारण वे जंतर-मंतर के अंदर घुसने में नाकाम रहे और वापस लौट गए।
रेलवे ट्रैक पर खुफिया कैमरे लगाकर पाकिस्तान भेजी जा रही थी फुटेज
जांच के दौरान दूसरे टेरर मॉड्यूल का बेहद चौंकाने वाला सच सामने आया है। यह मॉड्यूल भारतीय रेलवे और संवेदनशील ठिकानों की जासूसी कर रहा था:
खुफिया कैमरों से जासूसी: जौड़ा फाटक के पास रेलवे ट्रैक के पोल पर छिपाकर लगाया गया सीसीटीवी (CCTV) कैमरा मिला। आरोपी रेलवे ट्रैक और ट्रेनों की आवाजाही को रिकॉर्ड करके सीधी फुटेज पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स को भेज रहे थे।
गरीब और नाबालिग युवाओं का ब्रेनवॉश
जांच में खुलासा हुआ है कि नेटवर्क में शामिल ज्यादातर आरोपी बेहद गरीब परिवारों से हैं और पढ़ाई छोड़ चुके हैं।
- पैसों का लालच: ISI हैंडलर्स ने मामूली पैसों का लालच देकर इन युवाओं का ब्रेनवॉश किया और उन्हें देश विरोधी गतिविधियों में धकेल दिया।
- पेट्रोल बम की ट्रेनिंग: आरोपियों को कांच की बोतलों से पेट्रोल बम तैयार करने की बाकायदा ट्रेनिंग दी गई थी।
- पुलिस थानों की रेकी: जंतर-मंतर के अलावा इन संदिग्धों को पंजाब में पुलिस भवनों और संवेदनशील सैन्य ठिकानों की रेकी करने का भी टास्क मिला था।