लखनऊ: उत्तर प्रदेश में उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों के लिए राहत की खबर है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में अगले तीन दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। दक्षिण-पश्चिम मानसून के दोबारा सक्रिय होने के बाद प्रदेश में वर्षा की गतिविधियां तेज होने की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही कई जिलों में गरज-चमक और वज्रपात को लेकर भी चेतावनी जारी की गई है।
पिछले 24 घंटों के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में भी मध्यम से भारी वर्षा हुई। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।
तीन दिन तक भारी बारिश का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के मुताबिक मंगलवार को पूर्वी उत्तर प्रदेश के लगभग सभी स्थानों और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। पांच और छह अगस्त को प्रदेश के दोनों हिस्सों में अधिकांश स्थानों पर वर्षा होने के आसार हैं। हालांकि सात अगस्त से बारिश की गतिविधियों में कुछ कमी आने की संभावना जताई गई है।
भारी बारिश और वज्रपात को लेकर चेतावनी
चार अगस्त के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं भारी वर्षा और वज्रपात का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ वज्रपात की चेतावनी दी गई है।
पांच अगस्त को पूर्वी और पश्चिमी दोनों क्षेत्रों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। छह अगस्त को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी वर्षा का पूर्वानुमान जारी किया गया है।
इन जिलों में हुई सबसे ज्यादा बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान सबसे अधिक 125 मिलीमीटर वर्षा कन्नौज के छिबरामऊ में दर्ज की गई। इसके अलावा बहराइच के नानपारा में 104 मिलीमीटर, अयोध्या में 94.8 मिलीमीटर, लखीमपुर खीरी के शारदानगर में 81.6 मिलीमीटर, कानपुर नगर में 75 मिलीमीटर, बाराबंकी के हैदरगढ़ में 70 मिलीमीटर, जौनपुर में 68.6 मिलीमीटर और लखनऊ में 66.6 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इटावा के चकरनगर में 100 मिलीमीटर, फिरोजाबाद के शिकोहाबाद और मैनपुरी के करहल में 60-60 मिलीमीटर तथा आगरा में 55.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।
मानसून की कुल बारिश अब भी सामान्य से कम
एक जून से चार अगस्त तक प्रदेश में मानसून की संचयी वर्षा सामान्य से कम बनी हुई है। पूरे उत्तर प्रदेश में अब तक 281.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्य वर्षा 387.7 मिलीमीटर होनी चाहिए थी। इस तरह प्रदेश में अब तक सामान्य से 27 प्रतिशत कम वर्षा हुई है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में 280.8 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य 415.6 मिलीमीटर की तुलना में 32 प्रतिशत कम है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 282.8 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि सामान्य आंकड़ा 348.6 मिलीमीटर है, यानी यहां 19 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है।
हालांकि दैनिक वर्षा के आंकड़ों में कई जिलों में सामान्य से काफी अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई। कन्नौज में सामान्य से 1077 प्रतिशत, रायबरेली में 420 प्रतिशत, लखनऊ में 343 प्रतिशत, कानपुर नगर में 321 प्रतिशत, बहराइच में 319 प्रतिशत, लखीमपुर खीरी में 375 प्रतिशत, बाराबंकी में 305 प्रतिशत, इटावा में 325 प्रतिशत, महोबा में 312 प्रतिशत, फिरोजाबाद में 297 प्रतिशत और मथुरा में 130 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई।
मौसम विभाग की लोगों से अपील
मौसम विभाग ने लोगों से गरज-चमक और वज्रपात के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने, जलभराव वाले इलाकों में सावधानी बरतने और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।