Highlights
- शोक प्रस्ताव के बाद कार्यवाही स्थगित: विधानसभा का मानसून सत्र शुरू, पहले दिन दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि के बाद कार्यवाही कल तक स्थगित।
- सपा का अनोखा प्रदर्शन: विधायक जाहिद बेग पोस्टर लेकर साइकिल से पहुंचे; राम मंदिर चंदे में गबन, NEET और E20 पेट्रोल पर सरकार को घेरा।
- नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के तेवर: कहा— “प्रभु राम के चढ़ावे पर डाका, बिजली, बेरोजगारी और स्कूल बंदी पर सदन में मांगेंगे जवाब।”
- सीएम योगी व मंत्री राजभर का पलटवार: योगी बोले— “सदन का समय जनता के मुद्दों के लिए हो”; अनिल राजभर ने विपक्ष के प्रदर्शन को बताया ‘नौटंकी’।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन ही सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) और मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (SP) के बीच तीखी राजनीतिक जंग देखने को मिली। दिवंगत पूर्व विधायकों व सदस्यों को शोक प्रस्ताव देने के बाद सदन की कार्यवाही को मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
सदन के भीतर शांति के बीच विधानसभा परिसर के बाहर समाजवादी पार्टी के विधायकों और नेताओं ने विभिन्न मुद्दों पर सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी और प्रदर्शन किया।
“राम मंदिर चंदे पर डाका और NEET”: सपा का पोस्टर व साइकिल के साथ प्रदर्शन
सत्र के पहले दिन समाजवादी पार्टी के विधायक जाहिद बेग एक अनोखे अंदाज में विधानसभा पहुंचे। वह हाथों में पोस्टर लेकर और E20 ईंधन के विरोध में साइकिल पर सवार होकर पहुंचे थे। पोस्टरों पर अयोध्या राम मंदिर के चंदे में कथित अनियमितताओं और नई शिक्षा नीति को लेकर सरकार पर तीखे तंज कसे गए थे।
वहीं, उत्तर प्रदेश विधानसभा में नए नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने मीडिया से बातचीत में विपक्ष का एजेंडा स्पष्ट किया:
“सदन में प्रभु राम के चढ़ावे की चोरी, बिजली की किल्लत, बढ़ती बेरोजगारी, ध्वस्त कानून-व्यवस्था और प्राथमिक स्कूलों को बंद किए जाने जैसे जनहित के मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा जाएगा। किसानों की समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया जाएगा।”
सपा के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव ने मानसून सत्र की अवधि को मात्र तीन दिन रखे जाने पर सरकार की कड़ी आलोचना की और इसे लोकतांत्रिक चर्चा से भागने का प्रयास बताया।
“6 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले”- सीएम योगी की अपील, राजभर ने प्रदर्शन को बताया ‘नौटंकी’
सदन की कार्यवाही शुरू होने से पूर्व उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी राजनीतिक दलों से सकारात्मक चर्चा में भाग लेने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा“डबल इंजन की सरकार ने पिछले 9 वर्षों के दौरान प्रदेश के 6 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकालकर मध्यम वर्ग में खड़ा किया है। हमारी विधायिका इस बदलाव का केंद्र बिंदु है। मैंने सर्वदलीय बैठक में भी सभी सदस्यों से आग्रह किया है कि सदन के समय का बेहतर उपयोग हो ताकि हर क्षेत्र की आवाज गूंज सके।”
वहीं, यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने परिसर में विपक्ष के विरोध प्रदर्शन पर पलटवार करते हुए कहा कि हर सत्र से पहले सपा की ‘नौटंकी’ देखने को मिलती है। सरकार हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष को जनता की समस्याओं और प्रदेश के विकास से कोई लेना-देना नहीं है।