Highlights
- फंडिंग विवाद पर CJP का जवाब: ₹1 करोड़ के लीगल फंड और स्कॉलरशिप पर उठे सवालों को सीजेपी ने पारदर्शी बताया।
- PM Cares पर पलटवार: सीजेपी प्रवक्ता वैष्णवी गौड़ बोलीं— “प्राइवेट इंडिविजुअल पर RTI लगाने वाले कभी PM Cares Fund का भी हिसाब मांगें।”
- सूरत के RTI एक्टिविस्ट का आरोप: अनरजिस्टर्ड संगठन CJP को मिले ₹1 करोड़ के फंड की चुनाव आयोग (ECI) से जांच की मांग।
- अभिजीत दीपके का स्पष्टीकरण: अमेरिका में बोस्टन यूनिवर्सिटी से मिली स्कॉलरशिप और एजुकेशन लोन से पूरी की अपनी पढ़ाई।
नई दिल्ली/सूरत। जंतर-मंतर पर नीट (NEET) विरोधी आंदोलन से सुर्खियों में आई कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और उसके संस्थापक अभिजीत दीपके को मिली फंडिंग का विवाद गरमा गया है।
गुजरात के सूरत निवासी एक आरटीआई एक्टिविस्ट द्वारा CJP को मिली ₹1 करोड़ की राशि और दीपके की विदेश में पढ़ाई के खर्च की वित्तीय जांच की मांग के बाद, सीजेपी ने तीखा पलटवार किया है।
सीजेपी प्रवक्ता ने पीएम केयर्स फंड (PM Cares Fund) का जिक्र करते हुए आरटीआई कार्यकर्ता पर करारा राजनीतिक तंज कसा है।
सीजेपी का पीएम केयर्स पर तंज: “जाकर उसका भी हिसाब मांगिए”
आरटीआई एक्टिविस्ट द्वारा उठाए गए सवालों के जवाब में कॉकरोच जनता पार्टी की प्रवक्ता वैष्णवी गौड़ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा:
“एक प्राइवेट इंडिविजुअल के पढ़ाई खर्च पर RTI लगाने वाले कभी PM Cares Fund की ओर भी नजर उठाकर देखें। चिंता न करें, मोदी जी आपको माफ कर देंगे।”
वहीं, सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने क्राउडफंडिंग के आरोपों पर सफाई देते हुए कहा कि उनकी पार्टी को मिलने वाला हर दान और फंड पूरी तरह पारदर्शी है और नियमों के तहत ही जुटाया जाता है।
“बोस्टन यूनिवर्सिटी की स्कॉलरशिप से की पढ़ाई”- दीपके ने खर्च पर दी सफाई
अभिजीत दीपके के पिता महाराष्ट्र सरकार के सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं। उन पर लगे वित्तीय आरोपों का जवाब देते हुए दीपके ने एक वरिष्ठ पत्रकार से बातचीत में कहा:
“विदेश में मेरी उच्च शिक्षा का खर्च बोस्टन यूनिवर्सिटी (Boston University) से मिली स्कॉलरशिप से पूरा हुआ था। इसके अलावा मैंने जो एजुकेशन लोन लिया था, उसे भी अब पूरी तरह से चुका दिया गया है।”
आरटीआई एक्टिविस्ट की मुख्य मांगें और चुनाव आयोग से शिकायत
सूरत के आरटीआई कार्यकर्ता ने शनिवार को दावा किया था कि उन्होंने महाराष्ट्र सरकार के पूर्व कर्मचारी रहे दीपके के पिता की आय और संपत्तियों की जांच की मांग की है।
एक्टिविस्ट ने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 (Representation of the People Act, 1951) की धारा 29A का हवाला देते हुए कहा:
- अनरजिस्टर्ड पार्टी का आरोप: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) चुनाव आयोग में एक पंजीकृत राजनीतिक दल नहीं है, लेकिन वह एक राजनीतिक संगठन की तरह काम कर रही है।
- ECI से जांच की मांग: संगठन को लीगल फाइट के लिए घोषित ₹1 करोड़ रुपये के फंड की वैधानिकता और स्रोतों की जांच भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा की जानी चाहिए।