Sign In
  • My Bookmarks
Indian Press House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Reading: राष्ट्रपति भवन में बस्तर का गौरव: मांझी-चालकी बने राष्ट्रपति के विशेष मेहमान, द्रौपदी मुर्मु ने खुद परोसा भोजन, 300 साल पुरानी ‘झिटकू-मिटकी’ कलाकृति भेंट
Share
Indian Press HouseIndian Press House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
Indian Press House > Blog > Trending News > राष्ट्रपति भवन में बस्तर का गौरव: मांझी-चालकी बने राष्ट्रपति के विशेष मेहमान, द्रौपदी मुर्मु ने खुद परोसा भोजन, 300 साल पुरानी ‘झिटकू-मिटकी’ कलाकृति भेंट
Trending Newsराज्य

राष्ट्रपति भवन में बस्तर का गौरव: मांझी-चालकी बने राष्ट्रपति के विशेष मेहमान, द्रौपदी मुर्मु ने खुद परोसा भोजन, 300 साल पुरानी ‘झिटकू-मिटकी’ कलाकृति भेंट

vineet verma
Last updated: July 31, 2026 1:19 am
vineet verma
Share
SHARE

नई दिल्ली: बस्तर की जनजातीय परंपराओं, लोकसंस्कृति और सामाजिक नेतृत्व को राष्ट्रपति भवन में अभूतपूर्व सम्मान मिला। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बस्तर पंडुम-2026 के विजेता प्रतिभागियों, मांझी-चालकी व्यवस्था के प्रतिनिधियों, पद्मश्री सम्मानित विभूतियों और विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों सहित 209 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की। इस दौरान राष्ट्रपति ने सभी अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया और स्वयं उन्हें भोजन परोसकर सम्मानित किया। प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति को बस्तर की लगभग 300 वर्ष पुरानी लोकगाथा ‘झिटकू-मिटकी’ पर आधारित विशेष कलाकृति भी भेंट की।

Contents
राष्ट्रपति ने खुद परोसा भोजन, प्रतिनिधिमंडल हुआ भावुकबस्तर की संस्कृति को बताया देश की अमूल्य धरोहरराष्ट्रपति ने जताई बस्तर आने की इच्छा‘बस्तर पंडुम’ ने दिलाई नई पहचानबस्तर विकास और शांति की नई दिशा में आगे बढ़ रहा हैअमित शाह बोले- पहली बार राष्ट्रपति भवन में दिखा बस्तर का ऐसा वैभवमुख्यमंत्री बोले- पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का अवसरराष्ट्रपति को भेंट की गई 300 वर्ष पुरानी ‘झिटकू-मिटकी’ कलाकृति

राष्ट्रपति ने खुद परोसा भोजन, प्रतिनिधिमंडल हुआ भावुक

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बस्तर पंडुम-2026 के विजेताओं, परगना मांझी, मांझी, चालकी और पद्मश्री सम्मानित विभूतियों के सम्मान में विशेष भोज का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने स्वयं सभी अतिथियों को भोजन परोसकर उनका सम्मान किया। राष्ट्रपति की इस आत्मीय पहल से पूरा प्रतिनिधिमंडल भावुक नजर आया।

प्रतिनिधिमंडल में उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, बस्तर के पारंपरिक जनजातीय नेतृत्व के प्रतिनिधि, बस्तर पंडुम-2026 के विजेता कलाकार, पद्मश्री सम्मानित हस्तियां, जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल रहे।

बस्तर की संस्कृति को बताया देश की अमूल्य धरोहर

राष्ट्रपति ने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों से संवाद करते हुए बस्तर की जनजातीय संस्कृति, लोककला, पारंपरिक सामाजिक व्यवस्था, मांझी-चालकी प्रणाली और बस्तर पंडुम के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कलाकारों और जनजातीय प्रतिनिधियों की सराहना करते हुए कहा कि बस्तर की सांस्कृतिक विरासत भारत की अमूल्य धरोहर है और इसका संरक्षण पूरे देश की जिम्मेदारी है।

राष्ट्रपति ने जताई बस्तर आने की इच्छा

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के आग्रह पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भविष्य में बस्तर दशहरा और बस्तर पंडुम में शामिल होने की इच्छा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बस्तर दशहरा उनके हृदय के बेहद करीब है। भगवान जगन्नाथ की काष्ठ निर्मित प्रतिमा और बस्तर दशहरा की अनूठी परंपराओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उनका इस उत्सव से विशेष आत्मीय संबंध रहा है।

राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि मांझी उनके परिवार का हिस्सा हैं और उनके पिता भी मांझी थे। उन्होंने जनजातीय समाज की पारंपरिक नेतृत्व व्यवस्था को सामाजिक एकता, सामुदायिक सहभागिता और सांस्कृतिक संरक्षण की मजबूत आधारशिला बताया।

‘बस्तर पंडुम’ ने दिलाई नई पहचान

राष्ट्रपति ने कहा कि बस्तर पंडुम छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय परंपराओं, लोककलाओं और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत उत्सव है। उनके अनुसार, इस आयोजन ने बस्तर की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई प्रतिष्ठा दिलाई है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के साथ-साथ पर्यटन, स्थानीय रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति देते हैं।

बस्तर विकास और शांति की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि सरकार के निरंतर प्रयासों और स्थानीय जनभागीदारी के चलते बस्तर अब शांति, विकास और समृद्धि की नई पहचान बना रहा है। उन्होंने शिक्षा, सड़क, बिजली, पेयजल और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की सराहना करते हुए कहा कि यह बदलाव पूरे देश के लिए गर्व का विषय है।

उन्होंने मांझी और चालकी की भूमिका की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि वे समाज और प्रशासन के बीच प्रभावी सेतु बनकर सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

अमित शाह बोले- पहली बार राष्ट्रपति भवन में दिखा बस्तर का ऐसा वैभव

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि वे कई बार राष्ट्रपति भवन आए हैं, लेकिन पहली बार उन्होंने यहां बस्तर की पारंपरिक आदिवासी वेशभूषा में इतना बड़ा प्रतिनिधिमंडल एक साथ देखा है। उन्होंने इसे भारत की सांस्कृतिक विविधता और जनजातीय गौरव का अद्भुत प्रतीक बताया।

मुख्यमंत्री बोले- पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का अवसर

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से बस्तर के प्रतिनिधिमंडल की यह मुलाकात पूरे छत्तीसगढ़, विशेषकर बस्तर अंचल के लिए गर्व और सम्मान का क्षण है। उन्होंने कहा कि आज बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोक परंपराएं और सांस्कृतिक विरासत को देश के सर्वोच्च संवैधानिक मंच पर सम्मान मिला है।

उन्होंने कहा कि बस्तर अब शांति, विकास और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की नई पहचान के साथ आगे बढ़ रहा है। बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों ने जनजातीय संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है और स्थानीय कलाकारों तथा लोक परंपराओं को नया मंच प्रदान किया है।

राष्ट्रपति को भेंट की गई 300 वर्ष पुरानी ‘झिटकू-मिटकी’ कलाकृति

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को बस्तर की लगभग 300 वर्ष पुरानी लोकगाथा ‘झिटकू-मिटकी’ पर आधारित विशेष कलाकृति स्मृति-चिह्न के रूप में भेंट की। यह कलाकृति प्रेम, समर्पण, लोकआस्था और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक मानी जाती है। लोकमान्यता के अनुसार, भीषण अकाल के समय झिटकू और मिटकी ने अपने त्याग और समर्पण से ऐसी मिसाल कायम की कि उन्हें देवतुल्य सम्मान मिला। आज भी बस्तर अंचल में झिटकू को ‘खोड़िया राजा’ और मिटकी को ‘गप्पा देई’ के रूप में श्रद्धापूर्वक पूजा जाता है।

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

TAGGED: Bastar Dashahara, Bastar Delegation, Bastar Manjhi Chalki, Bastar News, Bastar Pandum 2026, Bastar Pandum Winners, Bastar Tribal Culture, Chhattisgarh News, Draupadi Murmu News, Jhitku Mitki, President Droupadi Murmu, President House News, Rashtrapati Bhavan, Tribal Heritage India, Vishnu Deo Sai
Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article सपने में गंदे कपड़े दिखना क्या देता है संकेत? स्वप्न शास्त्र के अनुसार जानिए शुभ और अशुभ अर्थ
Next Article बेंगलुरु से सिर्फ 3 घंटे दूर हैं ये 5 जन्नत जैसे डेस्टिनेशन, मानसून में हरियाली-झरनों के बीच मिलेगा सुकून, वीकेंड ट्रिप के लिए हैं परफेक्ट

फीचर

View More

बेंगलुरु से सिर्फ 3 घंटे दूर हैं ये 5 जन्नत जैसे डेस्टिनेशन, मानसून में हरियाली-झरनों के बीच मिलेगा सुकून, वीकेंड ट्रिप के लिए हैं परफेक्ट

नई दिल्ली: मानसून का मौसम आते ही पहाड़, झरने और जंगल नई खूबसूरती से खिल उठते हैं। अगर आप बेंगलुरु…

By vineet verma 4 Min Read

जीवन भर बेदाग रहे मनमोहन सिंह पर कैसे आई थी ‘कोलगेट’ की आंच? सवाल उठे, सरकार गई अब मौत के 2 साल बाद हुए बरी! जानिए पूरी कहानी

राजनीति के सबसे बड़े आंधियों और आरोपों के चक्रव्यूह में फंसे भारत…

7 Min Read

अगस्त में ट्रेकिंग का बना रहे हैं प्लान? बारिश के बीच इन 6 खूबसूरत ट्रेक्स पर पहुंचेंगे, तो जिंदगी भर नहीं भूल पाएंगे ये नजारे

नई दिल्ली: मानसून का मौसम पहाड़ों, घाटियों और जंगलों की खूबसूरती को…

4 Min Read

विचार

View More

क्या कभी सोचा है कि आखिर कैसे दक्षिण से उत्तर तक पूरे देश में छा जाते हैं बादल और शुरू हो जाती है झमाझम बारिश?

नई दिल्ली: देश में मानसून की दस्तक हो चुकी है।…

July 9, 2026

‘एक भी अमेरिकी सैनिक जिंदा नहीं लौटेगा’… आखिर ईरान ने अमेरिका को क्यों दी खुली चेतावनी? जानिए कैसे बढ़ा नया सैन्य तनाव

तेहरान: पश्चिम एशिया में अमेरिका और…

July 9, 2026

अमीर पति बनेगा सहारा या मुसीबत? डेटिंग ऐप CEO की सलाह से छिड़ी बहस, महिलाओं से कहा- ‘कमाई का अंतर ज्यादा हो तो सोचिए’

नई दिल्ली: शादी और रिश्तों को…

June 9, 2026

मानसून की दस्तक में फिर देरी, आखिर कब पहुंचेगा केरल? जानिए क्यों बार-बार बदल रही है IMD की तारीख

नई दिल्ली: देश के कई राज्यों…

June 4, 2026

रिंकू का ओवर और राइवलरी का बदलता अर्थ: क्या भारत–पाक मुकाबले से गायब हो गई वो अनिश्चितता?

रिंकू का ओवर और राइवलरी का…

February 16, 2026

You Might Also Like

Latest NewsTrending Newsधर्म

नंदी की जन्म कथा में छिपा है बड़ा रहस्य! आखिर भगवान शिव ने क्यों बनाया अपना वाहन, हर शिव मंदिर में क्यों विराजते हैं नंदिकेश्वर?

नई दिल्ली: सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र माना जाता है। इस दौरान शिव मंदिरों…

4 Min Read
Trending Newsवर्ल्ड

ईरान समर्थित PMF आखिर है क्या? सऊदी-अमेरिका के संयुक्त हमले के बाद क्यों बढ़ा तनाव, जानिए कितना ताकतवर है यह मिलिशिया गुट

नई दिल्ली: मध्य-पूर्व में जारी तनाव के बीच सऊदी अरब ने पहली बार अमेरिका के साथ संयुक्त सैन्य अभियान चलाते…

5 Min Read
Latest NewsTrending Newsराज्य

बस ड्राइवर के घर से 28.5 करोड़ कैश और 15 किलो सोना! 25 बैगों में छिपा था ‘खजाना’, आखिर कौन है तुलु मंडल और क्या है TMC कनेक्शन?

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में पुलिस की कार्रवाई ने करोड़ों रुपये के कथित काले धन का बड़ा…

5 Min Read
Trending Newsलाइफस्टाइल

सिर्फ लकी नहीं, बेहद काम के भी हैं ये 5 पौधे! घर में लगाएंगे तो सजावट के साथ मिलेंगे कई बड़े फायदे

नई दिल्ली: घर में पौधे लगाने का चलन सिर्फ सजावट तक सीमित नहीं है। कई लोग वास्तु, फेंगशुई और धार्मिक…

4 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?