NEET-UG और अन्य प्रमुख परीक्षाओं में बार-बार हो रहे लीक को लेकर सड़कों पर छात्रों का गुस्सा चरम पर है। इसी जनआक्रोश के बीच संसद में पेश किए गए ‘एंटी-पेपर लीक अमेंडमेंट बिल’ पर बहस के दौरान विपक्ष ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। लोकसभा में कांग्रेस सांसद और विपक्ष के नेता गौरव गोगोई ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह कानून सरकार की किसी मुस्तैदी को नहीं, बल्कि उसकी प्रशासनिक नाकामी को दर्शाता है।
2024 में कानून, तो 2026 में लीकेज कैसे?
गोगोई ने संसद में सवाल उठाया, “ये नया कानून आपकी विफलता का स्मारक है।” उन्होंने पूछा कि अगर 2024 में लाया गया ‘एंटी-पेपर लीक एक्ट’ इतना ही ऐतिहासिक था, तो 2026 में NEET का पर्चा दोबारा कैसे लीक हो गया? बार-बार कानून बदलना सरकार के फ्लॉप सिस्टम का सबसे बड़ा सबूत है।
कड़े नियम या सिर्फ दिखावा?
गोगोई ने नए संशोधनों को महज एक ‘आईवॉश’ बताया। उन्होंने कहा कि जेल की सजा 10 साल करने या जुर्माना ₹10 करोड़ बढ़ाने से माफिया नहीं डरेगा। जब तक सिस्टम के अंदर बैठे भ्रष्टाचारियों और पेपर लीक सिंडिकेट पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक सख्त धाराएं सिर्फ कागजों पर रहेंगी।
वही मंत्री, वही टालमटोल वाला रवैया!
शिक्षा मंत्रालय को घेरते हुए गोगोई ने कहा कि 2024 में भी धर्मेंद्र प्रधान शिक्षा मंत्री थे और लीकेज की बात से मुकर रहे थे, आज 2026 में भी वही रवैया है। अपनी नाकामी छुपाने के लिए सरकार सिर्फ नए बिलों का बहाना बना रही है, जबकि देश का युवा डिप्रेशन में जीने को मजबूर है।
हक मांगने पर लाठियां और पेलेट गन
सड़कों पर उतरे छात्रों के दर्द को आवाज देते हुए गोगोई ने कहा कि न्याय मांग रहे छात्र-छात्राओं पर पुलिस लाठीचार्ज कर रही है और पेलेट गन चला रही है। असली गुनहगारों को पकड़ने के बजाय सरकार उन मासूम बच्चों को निशाना बना रही है जिनका भविष्य दांव पर है।