नई दिल्ली। नीट (NEET) पेपर लीक मामले और प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए पुलिस एक्शन को लेकर संसद के मानसून सत्र में बीते एक हफ्ते से जारी गतिरोध आखिरकार खत्म होता नजर आ रहा है। मंगलवार को लोकसभा में दोपहर 2 बजे ‘एंटी पेपर लीक बिल’ (Public Examinations Prevention of Unfair Means Amendment Bill) पर बहुप्रतीक्षित चर्चा होने की उम्मीद है।
लेकिन इस विधायी बहस से ठीक पहले, पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के अनोखे अंदाज ने सभी का ध्यान खींच लिया।
माथे पर प्लास्टर और हाथ में लाठी लेकर पहुंचे संसद
मंगलवार को जब सांसद पप्पू यादव संसद परिसर पहुंचे, तो उनके माथे पर मेडिकल प्लास्टर लगा था और हाथ में लाठी थमी हुई थी। जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और छात्र संगठनों के प्रदर्शन के दौरान हुए बल प्रयोग का विरोध जताते हुए उन्होंने यह कदम उठाया।
पप्पू यादव ने कहा कि सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ हुई बर्बरता और पुलिस कार्रवाई के खिलाफ वे इस रूप में संसद में अपनी और युवाओं की आवाज उठाने पहुंचे हैं।
स्पीकर ओम बिरला की पहल से बनी सहमति: “लोकसभा नारे लगाने के लिए नहीं”
संसद में पिछले कई दिनों से जारी हंगामे को शांत करने में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की बातचीत रंग लाई है। संसदीय सूत्रों के अनुसार, बिरला द्वारा सत्ता पक्ष और विपक्ष के फ्लोर लीडर्स के साथ की गई बैठकों के बाद विधेयक पर चर्चा शुरू करने को लेकर सर्वसम्मति बन पाई है।
- सोमवार का ड्रामा: सोमवार को ‘चलो संसद’ मार्च और पुलिस लाठीचार्ज के मुद्दे पर विपक्ष के भारी हंगामे के कारण बिल पर बहस नहीं हो सकी थी।
- स्पीकर की दो टूक: कार्यवाही स्थगित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ने कहा था, “लोकसभा नारे लगाने के लिए नहीं, बल्कि देश के महत्वपूर्ण विधेयकों और मुद्दों पर सार्थक चर्चा करने के लिए चुनी गई है।”
क्या है नया ‘एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक’?
केंद्र सरकार की ओर से पीएमओ राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने इस संशोधित विधेयक को पटल पर रखा है। यह विधेयक वर्ष 2024 में लागू किए गए पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) कानून में और कड़े प्रावधान जोड़ने के लिए लाया गया है।
- कड़े दंडात्मक प्रावधान: संगठित गिरोहों, कोचिंग संस्थानों और पेपर लीक में शामिल सिंडिकेट के खिलाफ अब तक की सबसे सख्त सजा का प्रावधान।
- 6 घंटे की समयसीमा: लोकसभा में इस बिल पर विस्तार से बहस के लिए 6 घंटे का समय तय किया गया है, जिसे जरूरत पड़ने पर और बढ़ाया भी जा सकता है।