नई दिल्ली। इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे की असफलता को पीछे छोड़ते हुए 15 वर्षीय युवा विस्फोटक बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे की धरती पर अपने बल्ले का लोहा मनवा दिया है। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारत की टी20 सीरीज जीत में मुख्य भूमिका निभाने वाले वैभव को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ (Player of the Series) के खिताब से नवाजा गया।
जिम्बाब्वे दौरे पर 3 मैचों की टी20 सीरीज में 2 ताबड़तोड़ अर्धशतकों की मदद से 151 रन बनाने के बाद अब हर क्रिकेट फैन के मन में एक ही सवाल है— वैभव सूर्यवंशी अब अगली बार मैदान पर कब और किस सीरीज में चौके-छक्के बरसाते नजर आएंगे?
श्रीलंका टेस्ट दौरे से बाहर: क्यों नहीं मिली जगह?
भारतीय टीम को अगले महीने श्रीलंका के खिलाफ 2 मैचों की टेस्ट सीरीज खेलनी है। हालांकि, चयनकर्ताओं (Selectors) और टीम मैनेजमेंट की रणनीति के अनुसार वैभव फिलहाल रेड-बॉल (टेस्ट) क्रिकेट की योजनाओं में शामिल नहीं हैं। वैभव की आक्रामक बल्लेबाजी शैली को देखते हुए बीसीसीआई (BCCI) उन्हें अभी सफेद गेंद (White-Ball) के प्रारूप में ही निखारना चाहता है।
वेस्टइंडीज टी20 सीरीज से वापसी की उम्मीद: लखनऊ में होगा पहला मुकाबला
फैंस के लिए अच्छी खबर यह है कि वैभव की अगली सम्भावित एंट्री अक्टूबर 2026 में वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली घरेलू टी20 सीरीज में हो सकती है।
वेस्टइंडीज की टीम भारत दौरे पर 3 वनडे और 5 टी20 मैचों की सीरीज खेलने आ रही है। यदि वैभव अपनी मौजूदा फॉर्म को घरेलू सत्र में बरकरार रखते हैं, तो 6 अक्टूबर को लखनऊ के एकाना स्टेडियम में होने वाले पहले टी20 में वह एक बार फिर नीली जर्सी में जलवा बिखेरते दिख सकते हैं।
भारत बनाम वेस्टइंडीज सीरीज 2026: देखें पूरा शेड्यूल
वनडे सीरीज (ODI Series Schedule)
- पहला वनडे: 27 सितंबर — तिरुवनंतपुरम
- दूसरा वनडे: 30 सितंबर — गुवाहाटी
- तीसरा वनडे: 3 अक्टूबर — रांची
टी20 सीरीज (T20I Series Schedule)
- पहला टी20: 6 अक्टूबर- भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी एकाना क्रिकेट स्टेडियम, लखनऊ
- दूसरा टी20: 9 अक्टूबर — रांची
- तीसरा टी20: 11 अक्टूबर — इंदौर
- चौथा टी20: 14 अक्टूबर — हैदराबाद
- पांचवां टी20: 17 अक्टूबर — बेंगलुरु
चयनकर्ताओं की रडार पर ‘युवा तुर्क’: कमबैक ने बदला समीकरण
इंग्लैंड और आयरलैंड दौरों पर असफलता के बाद वैभव की तकनीक पर सवाल उठे थे, लेकिन जिम्बाब्वे के खिलाफ जिस तरह उन्होंने स्ट्राइक-रेट और निरंतरता (Consistency) का संतुलन दिखाया, उसने चयनकर्ताओं को प्रभावित किया है। 15 साल की उम्र में दबाव को झेलने की उनकी क्षमता यह दर्शाती है कि वह भविष्य के टी20 सेटअप के मजबूत दावेदार हैं।