नई दिल्ली। देश भर के लाखों छात्रों के भविष्य को दांव पर लगाने वाले पेपर लीक सिंडिकेट पर शिकंजा कसने के लिए केंद्र सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है। सोमवार को लोकसभा में ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) अमेंडमेंट बिल, 2026’ पेश किया जा रहा है।
डीओपीटी (DoPT) राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह द्वारा पेश किए जा रहे इस बिल पर संसद में 8 से 10 घंटे की मैराथन चर्चा होने की संभावना है। 2024 के मूल कानून में किए जा रहे ये नए संशोधन न केवल कड़े दंड का प्रावधान करते हैं, बल्कि मामलों के त्वरित निपटारे के लिए कानूनी ढांचे को भी मजबूत बनाते हैं।
नए संशोधन बिल की 4 सबसे बड़ी और कड़ी बातें
सरकार का मकसद केवल कानून बनाना नहीं, बल्कि मुकदमेबाजी में होने वाली देरी को खत्म करना है। संशोधित विधेयक में मुख्य रूप से चार बड़े बदलाव शामिल हैं:
- 2 महीने में जांच पूरी: पेपर लीक या धांधली से जुड़े मामलों की जांच एजेंसियों को अधिकतम दो महीने (60 दिन) के भीतर अपनी जांच पूरी करनी होगी।
- फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन: मुकदमों की सुनवाई में सालों का वक्त न लगे, इसके लिए विशेष फास्ट ट्रैक अदालतों का प्रावधान किया जा रहा है।
- व्यक्तिगत आरोपियों पर शिकंजा: पेपर लीक में शामिल सामान्य आरोपियों को 5 से 10 साल तक की जेल की सजा हो सकती है।
- संगठित माफिया पर 10 करोड़ का जुर्माना: संगठित रूप से अपराध करने वाले सिंडिकेट/माफिया के लिए न्यूनतम 7 साल की जेल और 10 करोड़ रुपये तक के भारी जुर्माने का प्रस्ताव रखा गया है।
फ्लोर स्ट्रैटेजी: विपक्ष को घेरने के लिए NDA ने उतारी ‘युवा ब्रिगेड’
सदन के भीतर विपक्ष के हमलों का जवाब देने के लिए एनडीए (NDA) ने बेहद आक्रामक और सोची-समझी रणनीति बनाई है। इस चर्चा के दौरान मोर्चा सीधे तौर पर गठबंधन के युवा और मुखर चेहरे संभालेंगे:
- बीजेपी की ओर से: बांसुरी स्वराज और तेजस्वी सूर्या बिल के समर्थन में पक्ष रखेंगे और युवाओं से जुड़े इस मुद्दे पर सरकार का रोडमैप सामने रखेंगे।
- सहयोगी दलों की भूमिका: टीडीपी से लावु श्री कृष्ण देवरायलु, जेडीयू से लल्लन सिंह, शिवसेना (शिंदे गुट) से डॉ. श्रीकांत शिंदे, लोजपा (रामविलास) से अरुण भारती, अपना दल (एस) से अनुप्रिया पटेल और एनसीपी से सुनील तटकरे जैसे वरिष्ठ व युवा नेता बहस में हिस्सा लेंगे।
शिक्षा मंत्रालय में नए समीकरण: प्रह्लाद जोशी के सामने पहली बड़ी परीक्षा
धर्मेंद्र प्रधान के पद से इस्तीफे के बाद नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी के लिए सोमवार का दिन संसद में बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है। कार्यभार संभालते ही उन्होंने शनिवार को ‘कर्तव्य भवन’ में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठकें की थीं।
सोमवार को लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान प्रह्लाद जोशी अपने सहयोगियों के साथ शिक्षा विभाग और परीक्षाओं की शुचिता से जुड़े तीखे सवालों का सीधा सामना करेंगे।
राज्यसभा का एजेंडा: ‘वंदे मातरम बिल’ पर मुहर लगाने की तैयारी
एक तरफ जहां लोकसभा में एंटी-पेपर लीक बिल पर मंथन होगा, वहीं दूसरी तरफ राज्यसभा में राष्ट्रगीत को लेकर महत्वपूर्ण विधेयक पर फैसला होना है। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय द्वारा पेश किए गए ‘वंदे मातरम बिल’ को आज पास कराने की कोशिश होगी।
विधेयक का मुख्य बिंदु: इस संशोधन के लागू होने के बाद ‘वंदे मातरम’ को भी राष्ट्रगान (Jana Gana Mana) जैसा ही संवैधानिक दर्जा और सम्मान मिलेगा। सार्वजनिक गान के दौरान राष्ट्रगीत का अनादर करने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।