नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है। प्रशासन की ओर से लगातार इनकार किए जाने के बीच लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान हजारों युवाओं पर पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने दावा किया कि इस कार्रवाई में कई छात्र घायल हुए और एक छात्र की आंख की रोशनी तक चली गई।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में घायल छात्र को साथ लेकर पहुंचे राहुल गांधी
राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रदर्शन में घायल हुए एक छात्र को मीडिया के सामने पेश किया। उन्होंने बताया कि छात्र का नाम साहिल है और वह शांतिपूर्ण प्रदर्शन में हाथ में तिरंगा लेकर शामिल था।
राहुल गांधी ने कहा, “सरकार कहती है कि प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन का इस्तेमाल नहीं हुआ, लेकिन सच्चाई सबके सामने है। साहिल पर पैलेट गन से हमला किया गया, जिससे उसकी आंख खराब हो गई और उसे दिखाई देना बंद हो गया। ऐसे हजारों युवाओं पर पैलेट गन चलाई गई है।”
‘डॉक्टर भी नहीं बता पा रहे, आंख की रोशनी लौटेगी या नहीं’
राहुल गांधी ने दावा किया कि घायल छात्र की हालत गंभीर है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर भी फिलहाल यह नहीं बता पा रहे हैं कि उसकी आंख की रोशनी वापस आ पाएगी या नहीं।
सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि जिन छात्रों पर बल प्रयोग किया गया, वे केवल नीट पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि छात्रों का कसूर सिर्फ इतना था कि वे परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं के खिलाफ अपनी आवाज उठा रहे थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने देश के भविष्य पर हमला किया है और छात्रों की जायज मांगों को सुनने के बजाय उनके खिलाफ बल प्रयोग किया गया।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और कार्रवाई की मांग
राहुल गांधी ने इस पूरे मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। इसके साथ ही उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छात्रों से माफी मांगने की भी मांग की।