नई दिल्ली। मानसून सत्र 2026 के पहले सप्ताह में संसद का कामकाज पूरी तरह ठप रहा। NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर विपक्ष और सरकार के बीच गहराया गतिरोध शुक्रवार को भी जारी रहा। लगातार हंगामे, नारेबाजी और शोर-शराबे के कारण लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों की कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गई है। पूरे सप्ताह दोनों सदनों में न तो प्रश्नकाल चल सका और न ही शून्यकाल की कोई कार्यवाही हो सकी।
5 दिनों का संसदीय स्कोरकार्ड: प्रश्नकाल शून्य, विधायी कार्य ठप
शुक्रवार को सुबह जैसे ही दोनों सदनों की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सांसदों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी।
- लोकसभा की स्थिति: कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसद अपनी सीटों से उठकर वेल (Well) के करीब आ गए। नारेबाजी के कारण पहले कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक और फिर सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।
- राज्यसभा का हाल: उच्च सदन में भी यही स्थिति रही। नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई कार्रवाई और NEET विवाद पर बोलते हुए शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग रखी। हंगामे के चलते राज्यसभा को भी बार-बार स्थगित करना पड़ा।
विपक्ष का रुख: ‘पहले इस्तीफा, फिर चर्चा’
संसद परिसर के बाहर आकर विपक्षी सांसदों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विपक्ष के नेता इस बात पर अड़े हैं कि NEET पेपर लीक की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री को तुरंत पद छोड़ना चाहिए।
राहुल गांधी (नेता प्रतिपक्ष, लोकसभा): “शिक्षा मंत्री का इस्तीफा होने के बाद ही सदन में इस मुद्दे पर कोई चर्चा संभव होगी।”
मल्लिकार्जुन खड़गे (नेता प्रतिपक्ष, राज्यसभा): “शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए और सरकार को इस पूरे विषय पर सदन के सामने आधिकारिक बयान देना चाहिए।”
संसद में ठप पड़ा विधायी कामकाज, क्या सोमवार को बनेगा रास्ता?
मानसून सत्र का पहला सप्ताह पूरी तरह से हंगामे की भेंट चढ़ जाने के कारण सरकार के सामने लंबित 28 महत्वपूर्ण विधेयकों और अन्य विधायी कार्यों को पूरा करने की चुनौती खड़ी हो गई है।
सरकार जहां बिना किसी शर्त के NEET मुद्दे पर चर्चा का प्रस्ताव दे रही है, वहीं विपक्ष ‘पहले इस्तीफ़ा’ की शर्त पर अड़ा हुआ है। अब सभी की निगाहें सोमवार (27 जुलाई) पर टिकी हैं कि क्या सरकार और विपक्ष के बीच इस गतिरोध को तोड़ने के लिए कोई बीच का रास्ता निकलता है या नहीं।