टेक जाइंट आईटी कंपनी इंफोसिस के फर्स्ट क्वार्टर “Q1” के नतीजे जारी होने के बाद शेयर बाजार में तेज गिरावट देखने को मिली। ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म JPMorgan द्वारा स्टॉक को डाउनग्रेड करने और जेफरीज “Jefferies” ज़रिये टारगेट प्राइस में कटौती करने के बाद बीएसई (BSE) और एनएसई (NSE) पर इंफोसिस के शेयर लगभग 3% तक गिरकर 1,027 रुपए के स्तर पर आ गए।
शेयरों में गिरावट का मुख्य कारण
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, शेयर पर सबसे बड़ा दबाव कंपनी द्वारा वित्त वर्ष 2027 के रेवेन्यू गाइडेंस में की गई कटौती के कारण आया है। इंफोसिस ने अपने पूरे साल के रेवेन्यू ग्रोथ अनुमान को घटाकर 1.5% से 3% कर दिया है।
इसके अलावा, वैश्विक ग्राहकों द्वारा आईटी खर्च सुस्ती और एआई-संचालित मूल्य दबाव के कारण नई डील हासिल होने के बावजूद उन्हें रेवेन्यू में बदलने की गति धीमी रही है।
ग्लोबल ब्रोकरेज फर्मों की नई राय
JPMorgan: ब्रोकरेज ने इंफोसिस की रेटिंग को ‘ओवरवेट’ से डाउनग्रेड करके ‘न्यूट्रल’ कर दिया है और नया टारगेट प्राइस 1,050 रुपए तय किया है। उनका मानना है कि निकट भविष्य में रेवेन्यू में अनिश्चितता बनी रह सकती है।
Jefferies: ब्रोकरेज ने ‘होल्ड’ रेटिंग बरकरार रखते हुए टारगेट प्राइस को 1,235 रुपए से घटाकर 1,020 रुपए कर दिया है।
Morgan Stanley: नया टारगेट 1,075रुपए जो पहले 1,112 रुपए रखते हुए स्टॉक को ‘इक्वल-वेट’ रेटिंग दी है।
Motilal Oswal & Nuvama: इन ब्रोकरेज फर्मों का नजरिया अभी भी सकारात्मक है। दोनों ने शेयर पर ‘बाय’ (Buy) की सलाह दी है, क्योंकि उनके अनुसार लंबी अवधि में वैल्यूएशन और मार्जिन आकर्षक स्तर पर हैं।
Q1 फाइनेंशियल परफॉर्मेंस
तिमाही आधार पर इंफोसिस ने मजबूत मुनाफा दर्ज किया है। कंपनी का कंसोलिडेटेडलाभ 12% बढ़कर 7,769 करोड़ रुपए रहा। कीमत के दबाव के बावजूद कंपनी का मार्जिन 21.1% पर स्थिर रहा, जो निवेशकों के लिए राहत की बात है। कंपनी के कुल रेवेन्यू में जेन-एआई (GenAI) और एआई सेवाओं का योगदान 8.2% रहा। इंफोसिस ने अनाउंसमेंट की है कि कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी आशीष कुमार डैश को नया सीईओ-डिजाइनेट नियुक्त किया गया है।
एक्सपर्ट्स की राय
एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब तक वैश्विक आईटी खर्च में सुधार नहीं होता, तब तक इंफोसिस और आईटी सेक्टर में सीमित दायरे में कारोबार देखने को मिल सकता है। हालांकि, मजबूत डील पाइपलाइन और स्थिर मार्जिन के कारण लंबी अवधि के लिए कंपनी की स्थिति मजबूत बनी हुई है।