अमेरिकी प्रशासन ने भारत समेत 17 देशों से आयात होने वाले सामान पर 10% टैरिफ लगाने का अंतिम फैसला सुनाया है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) जेमिसन ग्रीर ने ट्रेड एक्ट की धारा 301 के तहत कुल 60 अर्थव्यवस्थाओं पर नए टैरिफ की घोषणा की है। अमेरिका का दावा है कि यह कदम जबरन मजदूरी (Forced Labour) से बने सामानों के आयात को रोकने में विफल रहने वाले देशों के खिलाफ उठाया गया है।
- 10% अतिरिक्त टैरिफ: भारत, कनाडा, यूके, बांग्लादेश और पाकिस्तान सहित 17 देशों पर 10% टैरिफ लागू होगा।
- भारत को आंशिक राहत: इससे पहले भारत पर 12.5% टैरिफ लगाने का प्रस्ताव था, जिसे घटाकर अब 10% कर दिया गया है।
- फैसले की वजह: अमेरिका का कहना है कि इन देशों ने जबरन मजदूरी से बने सामान के आयात पर प्रभावी रोक नहीं लगाई।
- भारत का कड़ा रुख: भारत ने अमेरिकी जांच पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इस मुद्दे पर द्विपक्षीय व्यापार समझौते के तहत बात होनी चाहिए।
- पुराना टैरिफ खत्म: आपातकालीन शक्तियों के तहत लगाया गया पिछला 10% रेसिप्रोकल टैरिफ आज समाप्त हो रहा था, जिससे ठीक एक दिन पहले यह नया कदम उठाया गया।
12.5% से घटकर 10% हुआ भारत पर शुल्क
अमेरिकी फेडरल नोटिस के अनुसार, जून में जब शुरुआती टैरिफ का प्रस्ताव आया था, तब भारत पर 12.5% टैरिफ का प्रस्ताव था। हालांकि, भारत सरकार ने 14 जून को अपनी विदेश व्यापार नीति (Foreign Trade Policy) में बदलाव करते हुए जबरन मजदूरी से बने सामानों के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया था। इस कदम के बाद भारत पर प्रस्तावित दर को घटाकर 10% कर दिया गया।
भारत और अमेरिका का व्यापार आंकड़ा (2025)
अमेरिका भारत का सबसे बड़ा निर्यात बाजार और दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है।
| विवरण | आंकड़ा (USD) |
| कुल द्विपक्षीय वस्तु व्यापार | ~$141 बिलियन |
| अमेरिका को भारत का निर्यात | $87.3 बिलियन |
| नया लागू टैरिफ | 10% |
राष्ट्रपति ट्रंप के निर्देश पर धारा 301 का इस्तेमाल
USTR जेमिसन ग्रीर ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर 1974 के ट्रेड एक्ट की धारा 301 (Section 301) के तहत यह कार्रवाई की गई है।
“यह कदम मानवाधिकारों के उल्लंघन को रोकने और व्यापार के गलत तरीकों में सुधार करने के लिए उठाया गया है, ताकि दुनिया भर में श्रमिकों के हितों की रक्षा हो सके।”
— जेमिसन ग्रीर, USTR
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद नया मोड़
फरवरी में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने आपातकालीन शक्तियों का इस्तेमाल कर लगाए गए पारस्परिक (Reciprocal) टैरिफ को गैर-कानूनी घोषित कर दिया था। इसके बाद ट्रंप प्रशासन ने अस्थायी रूप से सभी देशों पर 10% का यूनिवर्सल टैरिफ लगाया था। अब उस मियाद के खत्म होते ही धारा 301 के तहत 60 देशों पर यह नया ढांचा लागू कर दिया गया है।