नई दिल्ली: अगर आपने हाल ही में नौकरी बदली है, तो सिर्फ नया पीएफ (EPF) अकाउंट बनवाना ही काफी नहीं है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की सलाह है कि पुराने पीएफ खाते का पैसा जल्द से जल्द नए खाते में ट्रांसफर कर देना चाहिए। ऐसा करने से रिटायरमेंट फंड एक जगह सुरक्षित रहता है और पेंशन, टैक्स छूट व लगातार सेवा (Continuous Service) जैसे कई महत्वपूर्ण लाभ प्रभावित नहीं होते।
क्यों जरूरी है PF ट्रांसफर कराना?
नौकरी बदलने के बाद कई कर्मचारी पुराने पीएफ खाते में जमा राशि को वहीं छोड़ देते हैं या निकाल लेते हैं। इससे भविष्य में मिलने वाले कई लाभ प्रभावित हो सकते हैं। खासकर जिन कर्मचारियों ने 2014 से पहले नौकरी बदली थी, उनके पास एक से अधिक EPF अकाउंट या UAN होने की संभावना रहती है। ऐसे मामलों में सभी खातों को एक सक्रिय खाते से जोड़ना बेहतर माना जाता है।
घर बैठे ऑनलाइन ऐसे करें PF ट्रांसफर
पुराने पीएफ खाते का पैसा नए खाते में ट्रांसफर करने के लिए EPFO की वेबसाइट या UMANG ऐप का इस्तेमाल किया जा सकता है।
- EPFO पोर्टल पर UAN और पासवर्ड से लॉगिन करें।
- Online Services सेक्शन में जाकर One Member – One EPF Account (Transfer Request) विकल्प चुनें।
- Employee Centric Services के तहत Request for Transfer of Account पर क्लिक करें।
- अपना UAN दर्ज कर Get Details पर क्लिक करें।
- जिस पुराने PF खाते का पैसा ट्रांसफर करना है, उसका चयन करें।
- सभी जानकारी की पुष्टि करने के बाद OTP के जरिए अनुरोध सत्यापित कर सबमिट कर दें।
- आवेदन जमा होने के बाद Track Claim Status के माध्यम से ट्रांसफर की स्थिति देख सकते हैं।
अगर दो UAN हैं तो क्या करें?
कई बार नौकरी बदलने के दौरान कर्मचारियों के दो अलग-अलग UAN जारी हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में दोनों UAN की जानकारी EPFO को भेजी जा सकती है। जांच के बाद पुराने UAN को निष्क्रिय कर दिया जाता है और उससे जुड़ी राशि सक्रिय UAN से लिंक कर दी जाती है। इसके अलावा कर्मचारी अपने नए नियोक्ता के माध्यम से भी ट्रांसफर का अनुरोध कर सकते हैं। EPFO का सिस्टम डुप्लीकेट UAN की पहचान कर पुराने Member ID को नए UAN से जोड़ देता है।
EPF पर कितना मिल रहा है ब्याज?
वित्त वर्ष 2025-26 के लिए EPFO ने EPF जमा राशि पर 8.25 प्रतिशत ब्याज दर बरकरार रखी है। लगातार तीसरे साल यही ब्याज दर लागू है और हाल ही में सदस्यों के खातों में ब्याज भी जमा किया जा चुका है।
निकासी और टैक्स नियम भी जान लें
पुरानी टैक्स व्यवस्था के तहत कर्मचारी EPF में किए गए अपने योगदान पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के अंतर्गत 1.5 लाख रुपये तक की टैक्स छूट का लाभ ले सकते हैं। वहीं, नियोक्ता का निर्धारित सीमा तक का योगदान भी टैक्स-फ्री रहता है।
यदि आंशिक निकासी करनी हो, तो EPFO के नियमों के अनुसार खाते में कम से कम 25 प्रतिशत राशि बनाए रखना आवश्यक है। यानी कर्मचारी अधिकतम 75 प्रतिशत तक की रकम ही निकाल सकते हैं। उदाहरण के तौर पर, यदि खाते में 2 लाख रुपये जमा हैं, तो 1.5 लाख रुपये तक निकाले जा सकते हैं, जबकि 50 हजार रुपये खाते में बने रहेंगे।