अमरावती: आंध्र प्रदेश के एक सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली 14 वर्षीय छात्रा कंडुला जेसी ने अपनी प्रतिभा से नया मुकाम हासिल किया है। ईस्ट गोदावरी जिले के डोवलेश्वरम स्थित जिला परिषद गर्ल्स हाई स्कूल की छात्रा कंडुला का चयन प्रतिष्ठित ‘मिशन शक्तिसैट’ के लिए भारत के 20 प्रतिभागियों में हुआ है। उनकी इस उपलब्धि ने सोशल मीडिया से लेकर इंटरनेट तक लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है और हर कोई उनके संघर्ष व सफलता की कहानी जानना चाहता है।
दुनिया भर से 1200 पंजीकरण, भारत से चुने गए सिर्फ 20 प्रतिभागी
मिशन शक्तिसैट के लिए 108 देशों की करीब 1200 लड़कियों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से भारत से केवल 20 प्रतिभागियों का चयन किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, कंडुला जेसी अपने राज्य आंध्र प्रदेश से इस कार्यक्रम के लिए चुनी जाने वाली अकेली प्रतिभागी हैं। यह उपलब्धि उनके लिए ही नहीं, बल्कि पूरे राज्य के लिए गर्व का विषय मानी जा रही है।
23 अगस्त से दिल्ली में शुरू होगी विशेष ट्रेनिंग
कंडुला जेसी 23 अगस्त से दिल्ली में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में हिस्सा लेंगी। इस दौरान उन्हें वैज्ञानिकों के साथ सैटेलाइट डिजाइन, पेलोड डेवलपमेंट और छात्रों द्वारा तैयार किए जा रहे लूनर क्यूबसैट के मिशन ऑपरेशन्स पर काम करने का अवसर मिलेगा। क्यूबसैट एक छोटा उपग्रह होता है, जिसे चंद्रमा की कक्षा में संचालन के उद्देश्य से तैयार किया जाता है।
साइंस टीचर ने पहचानी प्रतिभा, आगे बढ़ने के लिए किया प्रेरित
कंडुला की इस सफलता के पीछे उनकी फिजिकल साइंस शिक्षिका और अटल टिंकरिंग लैब की समन्वयक मणिमाला की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने छात्रा की विज्ञान के प्रति गहरी रुचि को पहचानते हुए मिशन शक्तिसैट के लिए आवेदन करने के लिए प्रेरित किया। इतना ही नहीं, कंडुला ने अपने स्कूल के आठ अन्य विद्यार्थियों को भी इस कार्यक्रम के लिए पंजीकरण करने के लिए उत्साहित किया। हालांकि बाद में उन्हें पता चला कि ऑनलाइन पाठ्यक्रम पहले ही शुरू हो चुका था।
10वीं की पढ़ाई के साथ जारी रखी मिशन की तैयारी
कंडुला ने 10वीं की पढ़ाई और बोर्ड परीक्षा की तैयारी के साथ-साथ मिशन शक्तिसैट के लिए भी लगातार मेहनत की। उन्होंने प्रतिदिन ऑनलाइन सत्रों में भाग लेकर कार्यक्रम का पाठ्यक्रम पूरा किया। इस प्रशिक्षण में सैटेलाइट सिस्टम, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, ऊष्मागतिकी और प्रोपल्शन जैसे विषयों पर सैकड़ों सत्र और अध्ययन मॉड्यूल शामिल हैं।
क्या है मिशन शक्तिसैट?
मिशन शक्तिसैट एक वैश्विक पहल है, जिसका उद्देश्य लड़कियों को अंतरिक्ष विज्ञान, उपग्रह प्रौद्योगिकी और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से जुड़े व्यावहारिक अनुभव प्रदान कर विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरित करना है। इस कार्यक्रम के माध्यम से युवा छात्राओं को अंतरिक्ष विज्ञान की उन्नत तकनीकों से परिचित कराया जाता है और उन्हें भविष्य के वैज्ञानिक एवं तकनीकी नेतृत्व के लिए तैयार किया जाता है।