नई दिल्ली। मेघालय में हनीमून के दौरान पति की हत्या के चर्चित ‘राजा मर्डर केस’ में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। शीर्ष अदालत ने आरोपी पत्नी सोनम रघुवंशी को हाई कोर्ट से मिली जमानत रद्द करते हुए उसे तीन हफ्ते के भीतर सरेंडर करने का कड़ा निर्देश दिया है।
जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस पी.बी. वराले की पीठ ने सुनवाई के दौरान न केवल कानूनी पहलुओं पर फैसला सुनाया, बल्कि बदलते दौर के रिश्तों, न्यूक्लियर फैमिली और सोशल मीडिया के दौर में युवाओं के घटते धैर्य पर भी बेहद अहम टिप्पणी की।
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: मेरिट के आधार पर जमानत की हकदार नहीं
मेघालय सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आरोपी सोनम रघुवंशी मेरिट के आधार पर जमानत की हकदार नहीं हैं। अदालत के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- गिरफ्तारी की प्रक्रिया सही: कोर्ट ने स्पष्ट किया कि गिरफ्तारी की प्रक्रिया में कोई खामी नहीं थी और आरोपी को गिरफ्तारी के कारण स्पष्ट रूप से बताए गए थे।
- घटना के बाद से गायब होना: पति की हत्या के बाद आरोपी का मौके से गायब होना और कोई ठोस वजह न दे पाना, उसके खिलाफ जाता है।
- ट्रायल में बाधा की आशंका: इस चरण पर आरोपी को बाहर रखने से चल रही कानूनी सुनवाई प्रभावित हो सकती है।
- 6 महीने बाद पुन: आवेदन का विकल्प: यदि 6 महीने के भीतर केस की सुनवाई आगे नहीं बढ़ती, तो सोनम दोबारा जमानत याचिका दाखिल कर सकती है।
‘व्हाट्सएप का ज्ञान और कमजोर रिश्ते’: सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की गंभीर चिंताएं
इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट और सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता के बीच आधुनिक समाज और टूटते पारिवारिक ताने-बाने को लेकर बेहद गंभीर चर्चा हुई:
- न्यूक्लियर फैमिली और अकेलापन: पीठ ने कहा कि संयुक्त परिवारों (Joint Family) में रहकर बच्चे एडजस्ट करना और मुश्किलों का सामना करना सीखते हैं, जबकि न्यूक्लियर फैमिली में लोग छोटी-छोटी बातों पर निराश हो जाते हैं।
- सोशल मीडिया बनाम ज्ञान: जस्टिस वराले ने टिप्पणी की कि “आजकाल व्हाट्सएप पर शेयर की जाने वाली जानकारियों को ही ज्ञान मान लिया जाता है।”
- घटता धैर्य और गैजेट्स की लत: कोर्ट ने चिंता जताई कि आज की पीढ़ी समस्याओं का तुरंत समाधान चाहती है। माता-पिता बच्चों को संभालने या उनकी भावनाएं समझने के बजाय उन्हें मोबाइल थमा देते हैं, जिससे रिश्ते और मानसिक सेहत प्रभावित हो रहे हैं।
क्या है पूरा ‘राजा मर्डर केस’?
अभियोजन पक्ष (Prosecution) के अनुसार, सोनम शादी के बाद अपने पति (राजा) के साथ हनीमून मनाने मेघालय गई थी। आरोप है कि वहां सोनम ने अपने प्रेमी और तीन भाड़े के साथियों की मदद से पति की हत्या करवा दी और शव को गहरी खाई में फेंक दिया।
शुरुआत में हाई कोर्ट ने गिरफ्तारी के आधार न सौंपने की तकनीकी दलील मानकर सोनम को जमानत दे दी थी, जिसे अब सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है।