राजधानी दिल्ली में नीट (NEET) परीक्षा में धांधली और पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का उग्र प्रदर्शन जारी है। इस बीच, संसद भवन के भीतर एक बड़ी राजनीतिक हलचल देखने को मिली है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP-SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद पवार और सांसद सुप्रिया सुले ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संसद भवन में अचानक मुलाकात की है।
- संसद भवन में उच्च स्तरीय मुलाकात: CJP के छात्र आंदोलन के बीच शरद पवार और सुप्रिया सुले ने पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर नए सियासी कयासों को जन्म दे दिया है।
- एक दिन पहले जंतर-मंतर पहुंचे थे पवार: मुलाकात से ठीक एक दिन पहले शरद पवार और सुप्रिया सुले ने जंतर-मंतर जाकर CJP और छात्रों के आंदोलन का खुलकर समर्थन किया था और पुलिस कार्रवाई की निंदा की थी।
- CJP का 20 जून से प्रदर्शन जारी: कॉकरोच जनता पार्टी प्रतियोगी परीक्षाओं की जवाबदेही, शिक्षा सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़ी है।
- सोनम वांगचुक का अनशन जारी: 18 जुलाई से दिल्ली पुलिस द्वारा अस्पताल में शिफ्ट किए गए सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी अपना अनशन जारी रखा है।
‘सड़क पर समर्थन और संसद में मुलाकात’: सियासी गलियारों में कयासों का बाजार गर्म
जंतर-मंतर पर छात्रों के बीच पहुंचकर केंद्र सरकार की नीतियों और पुलिसिया कार्रवाई की तीखी आलोचना करने के तुरंत बाद, शरद पवार का सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय/संसद में पीएम मोदी से मिलना राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है।
हालांकि, मुलाकात के आधिकारिक एजेंडे की पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि इसमें नीट परीक्षा में हुई गड़बड़ियों, छात्रों के असंतोष और देश के वर्तमान राजनीतिक माहौल पर चर्चा हुई है।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर अड़ा विपक्ष; वांगचुक की सेहत पर भी चिंता
20 जून से लगातार जारी CJP के इस आंदोलन ने विपक्ष को सरकार के खिलाफ एक बड़ा हथियार थमा दिया है। विपक्षी दल लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली में आमूल-चूल बदलाव की मांग कर रहे हैं।
दूसरी ओर, अस्पताल में भर्ती सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का अनशन जारी रहने से मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है। संसद सत्र के दौरान हुई इस हाई-प्रोफाइल मुलाकात के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या सरकार और विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर किसी समझौते का रास्ता निकलता है या विरोध और तेज होता है।