नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर ईरानी हमले में एक और अमेरिकी सैनिक की मौत के बाद अमेरिका ने ईरान पर अपने हमले तेज कर दिए हैं। वहीं, ईरान ने भी कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। बढ़ते सैन्य टकराव के बीच दोनों देशों के बयान संकेत दे रहे हैं कि हालात पूर्णकालिक युद्ध की ओर बढ़ सकते हैं।
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा कि ईरान के लिए अब पूर्णकालिक युद्ध शुरू हो चुका है और देश हर परिणाम का सामना करने के लिए तैयार है। उन्होंने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उसने खार्ग द्वीप पर कब्जे की कोशिश की तो उसके सैनिक जीवित वापस नहीं लौट पाएंगे।
होर्मुज स्ट्रेट के पास फिर मिसाइल हमला
तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट में ओमान की ओर बढ़ रहे एक व्यापारिक जहाज पर मिसाइल हमला हुआ। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। हमले में जहाज को नुकसान पहुंचा, हालांकि सभी नाविक सुरक्षित बताए गए हैं।
तेल बाजार में बढ़ी हलचल
बढ़ते संघर्ष का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। कच्चे तेल की कीमत करीब 90 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है, जबकि अमेरिका में पेट्रोल की कीमत लगभग चार डॉलर प्रति गैलन हो गई है। इससे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर भी राजनीतिक दबाव बढ़ने की बात कही जा रही है।
बातचीत के संकेत भी, लेकिन हमले जारी
रिपोर्टों के मुताबिक, दोनों देशों ने तनाव कम करने के लिए बातचीत की संभावना भी जताई है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि तनाव कम करने को लेकर कुछ प्रस्ताव मिले हैं। वहीं अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भी कहा कि यदि बातचीत का रास्ता खुलता है तो अमेरिका उसका स्वागत करेगा, लेकिन इसके लिए दूसरे पक्ष को भी सकारात्मक रवैया अपनाना होगा।
हालांकि दूसरी ओर अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, पश्चिम एशिया में अतिरिक्त लड़ाकू विमान भेजे जा रहे हैं, जिससे संकेत मिल रहे हैं कि सैन्य अभियान और तेज किया जा सकता है।
खार्ग द्वीप को लेकर ईरान की दो टूक चेतावनी
खार्ग द्वीप पर संभावित कार्रवाई के अमेरिकी संकेतों पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरान ने कहा कि वहां पूरी तैयारी की जा चुकी है और अमेरिकी सैनिकों का इंतजार किया जा रहा है। फारस की खाड़ी में स्थित खार्ग द्वीप ईरान के तेल निर्यात का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है और रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है।
ईरान के कई इलाकों में हमलों का दावा
रिपोर्टों के अनुसार, तबरीज, खुजेस्तान, होर्मोजगान, सिस्तान और बलूचिस्तान तथा बुशहर प्रांत के कई हिस्सों में हमले हुए हैं। तबरीज में एक नागरिक की मौत की भी खबर है। बुशहर प्रांत के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ये हमले मारे गए अमेरिकी सैनिकों के सम्मान में किए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान पर बेहद कड़े हमले किए हैं और होर्मुज स्ट्रेट पर उसका पूरा नियंत्रण है।
हाउती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के खिलाफ किया बड़ा ऐलान
यमन के हाउती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी लागू करने की घोषणा की है। हाउती प्रवक्ता याहया सारी ने कहा कि सना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हमले के जवाब में यह कदम उठाया गया है। उन्होंने बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य से सऊदी जहाजों के गुजरने पर रोक लगाने का भी ऐलान किया है।
आईआरजीसी का बड़ा दावा
ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया है कि जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर किए गए हमलों में अल अजरक एयर बेस के 20 हैंगर नष्ट कर दिए गए और कई अमेरिकी सैनिक मारे गए। इसके अलावा अकाबा हवाई अड्डे पर बैलिस्टिक मिसाइल हमले में अमेरिकी सी-17 सैन्य परिवहन विमान, पी-8 निगरानी विमान और अन्य सैन्य उपकरणों को भी नुकसान पहुंचाने का दावा किया गया है। हालांकि इन दावों की अमेरिकी सेंटकॉम ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।