नई दिल्ली: जंतर-मंतर से हटाकर अस्पताल में भर्ती किए जाने के बाद सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना नया संदेश जारी किया है। उन्होंने साफ कहा है कि उनका अनशन तब तक समाप्त नहीं होगा, जब तक सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेताओं से मुलाकात नहीं कर लेता। उनका यह संदेश सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा की गई पोस्ट के जरिए सामने आया है।
वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो ने भी सोशल मीडिया पर उनका हस्तलिखित संदेश सार्वजनिक किया। संदेश में उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के बैनर तले आंदोलन कर रहे प्रदर्शनकारियों के प्रति एकजुटता जताई। उल्लेखनीय है कि सीजेपी नीट-यूजी पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन कर रही है।
शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करने की मांग
अपने संदेश में सोनम वांगचुक ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सरकार शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करेगी। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान युवाओं ने उकसावे के बावजूद जिस तरह शांति बनाए रखी, वह सराहनीय है। साथ ही उन्होंने सरकार और पुलिस से अपील की कि छात्रों को आज या कल संसद के समक्ष अपनी शिकायतें रखने की अनुमति दी जाए, ताकि इस पूरे मुद्दे का शांतिपूर्ण समाधान निकल सके।
सरकार और सीजेपी प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक
सोनम वांगचुक का यह बयान ऐसे समय आया है, जब सोमवार को जंतर-मंतर पर जारी विरोध प्रदर्शन के बीच केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और सीजेपी के प्रतिनिधियों सौरव दास तथा आशुतोष रांका के बीच बैठक हुई। इस दौरान सीजेपी की ओर से सरकार को कई मांगें सौंपी गईं, जिनमें नीट-यूजी पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने की मांग भी शामिल रही।
दिल्ली पुलिस ने लोगों से की यह अपील
इधर, दिल्ली पुलिस ने लोगों से सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही भ्रामक और अपुष्ट सूचनाओं से सावधान रहने की अपील की है। वहीं, दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोनम वांगचुक की पत्नी की ओर से दायर अपील पर सुनवाई करते हुए उनके संपूर्ण चिकित्सा रिकॉर्ड तलब किए हैं। अपील में उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें उन्हें सफदरजंग अस्पताल से छुट्टी देकर मेदांता अस्पताल स्थानांतरित करने से इनकार किया गया था।