ईरान की ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर’ (IRGC) ने दावा किया है कि जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला करने के लिए उन्हें जॉर्डन के सुरक्षा बलों से ही सटीक खुफिया जानकारी (Intelligence) हासिल हुई थी।
- 20 ठिकानों पर निशाना: ईरान ने रविवार को जॉर्डन में अमेरिका के लगभग 20 सैन्य ठिकानों पर ड्रोन से हमले किए, जिससे अमेरिका का एक रसद संयंत्र (Logistics Facility) पूरी तरह नष्ट हो गया।
- हताहतों की स्थिति: रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हमले में 2 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई, जबकि 1 सैनिक लापता बताया जा रहा है।
- सटीक हमले से अमेरिका हैरान: वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, हमले की सटीकता को देखकर शुरुआत में अमेरिका को संदेह था कि इसके पीछे चीन की खुफिया रिपोर्ट हो सकती है। हालाँकि, IRGC के इस दावे के बाद स्थिति बदल गई है।
- जॉर्डन का रुख: दावा किया जा रहा है कि जॉर्डन ने अल-अजराक वायु सेना अड्डे (Al-Azraq Air Base) पर बने अमेरिकी ठिकाने की जानकारी लीक की थी। हालांकि, जॉर्डन की सेना ने इन आरोपों पर फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की है।
वॉशिंगटन पोस्ट की सैटेलाइट तस्वीरों पर आधारित एक जांच के अनुसार, ईरान के हालिया हमलों में पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में स्थित अमेरिकी ठिकानों के कम से कम 228 ढांचे और सैन्य उपकरण क्षतिग्रस्त या पूरी तरह तबाह हो चुके हैं।