संसद के मानसून सत्र के पहले ही दिन देश की राजधानी दिल्ली में सियासी भूचाल आ गया है। NEET-UG पेपर लीक, छात्रों के अवसाद और एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी (सपा) ने केंद्र सरकार के खिलाफ चौतरफा हमला बोल दिया है।
एक तरफ जहाँ सपा सांसद डिंपल यादव के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों ने संसद से जंतर-मंतर तक पैदल मार्च निकाल दिया है, वहीं संसद के भीतर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के कार्यालय पहुंचकर रणनीति पर अहम चर्चा की।
1. डिंपल यादव का जंतर-मंतर मार्च: “संवादहीन और संवेदनहीन हो चुकी है सरकार”
संसद परिसर से सांसदों के साथ मार्च की अगुवाई करते हुए मैनपुरी सांसद डिंपल यादव ने केंद्र सरकार के रवैये पर कड़ा प्रहार किया:
- भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी परीक्षा प्रणाली: डिंपल यादव ने कहा, “देश में अब कोई भी परीक्षा साफ-सुथरी नहीं रह गई है। पूरी प्रणाली भ्रष्टाचार की शिकार है, जिसका खामियाजा होनहार छात्रों को मानसिक तनाव के रूप में भुगतना पड़ रहा है।”
- सोनम वांगचुक का समर्थन: उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक और देश का युवा लगातार बातचीत की अपील कर रहे हैं, लेकिन सरकार अड़ियल रवैया अपनाए हुए है। सपा देश के छात्रों और आंदोलनकारियों के साथ मजबूती से खड़ी है।
2. अखिलेश का गंभीर आरोप: “श्रद्धांजलि देने में भी भेदभाव करती है सरकार”
संसद परिसर में मीडिया से मुखातिब होते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि पेपर लीक और अवसाद के कारण जान गंवाने वाले छात्रों के लिए सरकार के पास संवेदना के दो शब्द भी नहीं हैं।
अखिलेश यादव का बयान: “जो सरकार शोक प्रकट करने और श्रद्धांजलि देने में भी भेदभाव करती हो, उससे बड़े अहंकार का प्रदर्शन और क्या हो सकता है? मासूम बच्चों ने जान गंवाई, लेकिन संसद में इस बेरहम सरकार ने उनके लिए एक शब्द नहीं कहा।”
3. राहुल गांधी के दफ्तर पहुंचे अखिलेश: INDIA गठबंधन की नई रणनीति?
संसद के भीतर उस समय राजनीतिक हलचल तेज हो गई जब अखिलेश यादव सीधे कांग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के दफ्तर पहुंचे। दोनों बड़े नेताओं के बीच हुई इस मुलाकात के कई मायने निकाले जा रहे हैं:
- शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर जोर: सूत्रों के मुताबिक, NEET मामले पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर साझा रणनीति बनाई गई है।
- उत्तर प्रदेश में गठबंधन का खाका: इस बैठक में संसद के भीतर सरकार को घेरने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश में ‘INDIA’ गठबंधन के भविष्य और आपसी तालमेल को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई है।