संसद के मानसून सत्र के पहले ही दिन दिल्ली के जंतर-मंतर पर भारी बवाल खड़ा हो गया है। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के ‘संसद चलो’ मार्च के शुरू होते ही पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज कर दिया है। इस बीच भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद, आप नेता गोपाल राय और शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत की एंट्री ने आंदोलन को देशव्यापी सियासी मोड़ दे दिया है।
लाठीचार्ज के बाद भड़का गुस्सा: क्या हैं मौके के ताजा हालात?
- पुलिस का एक्शन: जंतर-मंतर पर जैसे ही भीड़ ने बैरिकेड्स तोड़ने और संसद की तरफ बढ़ने की कोशिश की, पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज कर दिया।
- सड़क पर उतरे बड़े चेहरे: लाठीचार्ज के बावजूद चंद्रशेखर आजाद और सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि प्रदर्शनकारियों के साथ डटे हुए हैं।
- भूख हड़ताल पर गीतांजलि का बयान: गीतांजलि ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार का कोई प्रतिनिधि संसद में शिक्षा व्यवस्था और NEET की जवाबदेही तय करने का लिखित भरोसा देता है, तो वे भूख हड़ताल वापस ले लेंगे।
विपक्षी नेताओं के जहरीले तीर: “ED और सुप्रीम कोर्ट की तरफ मोड़ो मार्च”
जंतर-मंतर पर पहुंचे विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों पर तीखे प्रहार किए:
- संजय राउत (शिवसेना UBT): “अगर यह प्रोटेस्ट संसद की ओर नहीं जा पा रहा, तो इसे ED और सुप्रीम कोर्ट की तरफ मोड़ देना चाहिए। संसद में अब बचा ही क्या है?”
- गोपाल राय (AAP): “शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान देश के लाखों युवाओं का भविष्य अंधकार में धकेल रहे हैं। उन्हें तुरंत पद से इस्तीफा देना चाहिए। वांगचुक की भूख हड़ताल को जबरन खत्म कराने से लोगों का आक्रोश भड़का है।”
सोनम वांगचुक का हेल्थ अपडेट: सफदरजंग अस्पताल में निगरानी जारी
आंदोलन के केंद्र में रहे जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का वीएमएमसी और सफदरजंग अस्पताल में इलाज चल रहा है।
- डॉक्टरों के मुताबिक, उनके वाइटल पैरामीटर स्थिर हैं, लेकिन ब्लड रिपोर्ट्स को देखते हुए डॉक्टरों की मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम उनके स्वास्थ्य पर लगातार 24 घंटे नजर बनाए हुए है।