देश की राजनीति का पारा एक बार फिर सातवें आसमान पर पहुंचने वाला है। संसद का मानसून सत्र कल यानी सोमवार, 20 जुलाई से शुरू होने जा रहा है, जो 13 अगस्त तक चलेगा। इस सत्र में मोदी सरकार कुल 7 महत्वपूर्ण बिलों को पास कराने के एजेंडे के साथ उतर रही है, जिसमें 5 नए और 2 पुराने बिल शामिल हैं। वहीं, दूसरी तरफ एकजुट विपक्ष ने भी सरकार को हर मोर्चे पर घेरने के लिए चक्रव्यूह तैयार कर लिया है। सत्र की शुरुआत से ठीक पहले रविवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में ही इसके हंगामेदार होने के साफ संकेत मिल चुके हैं।
मानसून सत्र
- 7 बिलों पर सरकार का फोकस: 18वीं लोकसभा के इस सत्र में सरकार 2 लंबित (पुराने) और 5 बिल्कुल नए कानून पास कराने की तैयारी में है।
- विपक्ष का ‘जयराम रमेश’ फॉर्मूला: कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने साफ कर दिया है कि विपक्ष एफसीआरए (FCRA) और विकसित भारत शिक्षा प्रतिष्ठान (VBSA) बिल का संसद में पुरजोर विरोध करेगा।
- नीट और परिसीमन पर मचेगा रार: विपक्ष इस बार नीट-यूजी (NEET-UG) पेपर लीक मामले और ‘परिसीमन बिल’ (Delimitation Bill) को दोबारा लाए जाने की खबरों पर सरकार से सीधे जवाब मांगेगा।
- सुरक्षा और रक्षा पर घेराबंदी: ऑपरेशन सिंदूर में हुए नुकसान पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयानों को लेकर भी विपक्षी दल संसद के दोनों सदनों में जोरदार हंगामा कर सकते हैं।
- पार्टियों की अंदरूनी फूट का दिखेगा असर: पिछले कुछ समय में कई विपक्षी दलों के भीतर हुई अंदरूनी टूट और बगावत की गूंज इस बार मानसून सत्र की कार्यवाही में भी देखने को मिल सकती है।
सरकार की लिस्ट में कौन से हैं ये 7 बड़े बिल?
संसद के इस 24 दिवसीय सत्र में देश की व्यवस्था और आम लोगों से जुड़े कई बड़े बदलाव होने जा रहे हैं। सरकार की प्राथमिकता सूची में ये बिल शामिल हैं:
2 पुराने लंबित बिल (प्राथमिकता पर):
- एफसीआरए (FCRA) संशोधन बिल, 2026: विदेशी अंशदान के नियमों को और कड़ा करने से जुड़ा बिल।
- विकसित भारत शिक्षा प्रतिष्ठान (VBSA) बिल, 2025: यह बिल पहले जॉइंट कमेटी के पास भेजा गया था, जिसे अब पास कराना है।
5 बिल्कुल नए कानून (New Bills):
- इनकम टैक्स (संशोधन) बिल, 2026
- सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन बिल, 2026
- जन्म और मृत्यु का पंजीकरण (संशोधन) बिल, 2026
- राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) बिल, 2026
- सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (MSME) संशोधन बिल, 2026
सोमवार सुबह विपक्ष की महा-बैठक, आर-पार की जंग
सत्र के पहले ही दिन सोमवार को लोकसभा और राज्यसभा के सभी प्रमुख विपक्षी नेता एक साथ टेबल पर बैठेंगे और सरकार को बैकफुट पर धकेलने का फाइनल प्लान तैयार करेंगे। रविवार को हुई ऑल-पार्टी मीटिंग में सरकार ने विपक्ष से सदन को सुचारू रूप से चलाने में सहयोग की अपील की थी, लेकिन विपक्ष के तेवरों से साफ है कि वे जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को कोई वॉकओवर देने के मूड में नहीं हैं।
टैक्स रिफॉर्म्स से लेकर शिक्षा व्यवस्था और राष्ट्रीय सम्मान जैसे कड़े कानूनों पर सरकार जहां नए बिल लाकर मास्टरस्ट्रोक खेलने की तैयारी में है, वहीं विपक्ष का आक्रामक रुख यह बता रहा है कि 20 जुलाई से 13 अगस्त के बीच संसद के भीतर एक जबरदस्त सियासी संग्राम देखने को मिलने वाला है।