नई दिल्ली: सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर हाई कोर्ट की चिंता के बाद जंतर-मंतर पर आंदोलन ने फिर रफ्तार पकड़ ली है। 20 जुलाई को प्रस्तावित ‘चलो संसद’ मार्च की तैयारियां तेज हो गई हैं और प्रदर्शनकारियों में नया जोश देखने को मिल रहा है। काकरोच जनता पार्टी (काजपा) के कार्यकर्ता संसद मार्च की तैयारियों में जुट गए हैं, जबकि कई विपक्षी नेताओं और चर्चित हस्तियों ने भी आंदोलन को खुला समर्थन दिया है।
विपक्षी नेताओं ने जंतर-मंतर पहुंचकर जताया समर्थन
समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव, कांग्रेस नेता शशि थरूर और आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल समेत कई विपक्षी नेताओं ने जंतर-मंतर पहुंचकर सोनम वांगचुक से मुलाकात की। वहीं, शशि थरूर ने 27 दिनों से आंदोलन कर रहे प्रदर्शनकारियों के नाम खुला पत्र लिखकर उनका हौसला बढ़ाया।
कलाकारों और सामाजिक हस्तियों के समर्थन से बढ़ा उत्साह
बुधवार तक जहां आंदोलन का केंद्र वांगचुक की सेहत और अदालत के निर्देश थे, वहीं गुरुवार को माहौल पूरी तरह बदल गया। संगीतकार विशाल ददलानी, अभिनेता सयाजी शिंदे, अभिनेता अतुल कुलकर्णी और लेखिका शोभा डे के समर्थन से प्रदर्शनकारियों का उत्साह और बढ़ गया।
इसके अलावा किसान नेता राकेश टिकैत ने भी लोगों से बड़ी संख्या में ‘चलो संसद’ मार्च में शामिल होने की अपील की। अभिनेता ओमी वैद्य, जीनत अमान, सोनी राजदान, शबाना आजमी, सोनाक्षी सिन्हा, अनुराग कश्यप और अभय देओल ने भी आंदोलन के समर्थन में अपनी बात रखी।
वांगचुक के आह्वान के बाद तेज हुई संसद मार्च की तैयारी
गुरुवार को जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जुटे। सोनम वांगचुक ने अपनी सेहत ठीक बताते हुए देशभर के लोगों से 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च में शामिल होने की अपील की। उनके संबोधन के बाद आंदोलन में नई ऊर्जा दिखाई दी और कार्यकर्ता तैयारियों में पूरी ताकत से जुट गए।
आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि वांगचुक की तबीयत को लेकर बनी चिंता के कारण आंदोलन कमजोर पड़ने की आशंका थी, लेकिन उनके संबोधन ने पूरे माहौल को बदल दिया।
वेबसाइट और मिस्ड कॉल के जरिए बढ़ाया जा रहा जनसमर्थन
काकरोच जनता पार्टी के अभिजीत दिपके ने बताया कि संसद मार्च में अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने के लिए वेबसाइट और मिस्ड कॉल के जरिए पंजीकरण अभियान तेज किया जा रहा है। काजपा का दावा है कि अब तक एक लाख से अधिक लोग संसद मार्च में शामिल होने की पुष्टि कर चुके हैं और अगले चार दिनों में इस संख्या को दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है।
जनमत संग्रह में शिक्षा मंत्री को हटाने की मांग
क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस) ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के पद पर बने रहने को लेकर कराए गए जनमत संग्रह के नतीजे जारी किए। संगठन के अनुसार, ऑनलाइन जनमत संग्रह में 83,679 प्रतिभागियों में से 90.7 प्रतिशत लोगों ने उन्हें पद से हटाने का समर्थन किया। वहीं जंतर-मंतर पर ऑफलाइन जनमत संग्रह में 5,007 लोगों ने हिस्सा लिया, जिनमें से 4,832 लोगों ने भी उनके पद पर बने रहने का विरोध किया।
शशि थरूर के खुले पत्र ने बढ़ाया आंदोलनकारियों का मनोबल
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने अपने खुले पत्र में लिखा कि देश आंदोलनकारियों की आवाज सुन रहा है और वे अकेले नहीं हैं। उन्होंने वांगचुक से उपवास समाप्त करने का आग्रह करते हुए कहा कि उन्होंने देश की अंतरात्मा को जगाने का काम किया है। थरूर ने यह भी कहा कि संसद सत्र शुरू होने के बाद छात्रों के मुद्दे लोकतंत्र के सबसे बड़े मंच पर उठाए जाएंगे और समाधान वहीं तलाशा जाना चाहिए।
केजरीवाल बोले- छात्रों की आवाज को नजरअंदाज न करे सरकार
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि केंद्र सरकार को छात्रों, युवाओं और सोनम वांगचुक की चिंताओं को गंभीरता से सुनना चाहिए। उन्होंने बार-बार होने वाले परीक्षा प्रश्नपत्र लीक के मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि इसकी सबसे बड़ी कीमत युवाओं को चुकानी पड़ती है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि सोनम वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री बनाया जाना चाहिए।