नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ नई सैन्य कार्रवाई शुरू किए जाने के बाद ईरान ने भी जवाबी कदम उठाने का दावा किया है। दोनों देशों के बीच बढ़ते टकराव ने पूरे खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा, वैश्विक तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, सैन्य अभियान बुधवार को अमेरिकी समयानुसार सुबह करीब 6 बजे शुरू हुआ, जो भारतीय समयानुसार दोपहर लगभग 3:30 बजे था। अमेरिका का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना था, जिनका इस्तेमाल होर्मुज जलमार्ग में अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए खतरा पैदा करने में किया जा रहा था।
ईरान के सैन्य ठिकानों पर अमेरिकी एयरस्ट्राइक
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक अभियान के दौरान ईरान के तटीय रक्षा ठिकानों, क्रूज मिसाइल से जुड़े अड्डों और सैन्य लॉन्च साइटों को निशाना बनाकर हवाई हमले किए गए। वाशिंगटन का दावा है कि इन हमलों का मकसद समुद्री व्यापार की सुरक्षा सुनिश्चित करना और क्षेत्र में अमेरिका तथा उसके सहयोगी देशों के हितों की रक्षा करना है।
बताया गया कि यह सैन्य अभियान कई घंटों तक चला और हाल के महीनों की सबसे महत्वपूर्ण कार्रवाइयों में शामिल माना जा रहा है।
ईरान का पलटवार, बहरीन में हमले का दावा
अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान ने भी कड़ा जवाब देने का दावा किया है। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स और सरकारी मीडिया के अनुसार, बहरीन समेत खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी हितों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है।
हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अब तक नहीं हो सकी है। ईरानी सैन्य अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखता है तो उसका जवाब और अधिक सख्त होगा।
होर्मुज जलमार्ग को लेकर बढ़ी चिंता
ईरान ने होर्मुज जलमार्ग को लेकर भी अपना रुख और सख्त कर दिया है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि जब तक उसकी सुरक्षा और राजनीतिक मांगों पर संतोषजनक प्रतिक्रिया नहीं मिलती, तब तक इस रणनीतिक समुद्री मार्ग को लेकर कठोर कदम उठाए जा सकते हैं।
हालांकि फिलहाल अंतरराष्ट्रीय शिपिंग पूरी तरह बंद होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पूरे क्षेत्र में बढ़ाई गई सुरक्षा
बढ़ते तनाव के बीच पश्चिम एशिया के कई देशों ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। कई सरकारों ने अपने नागरिकों के लिए यात्रा संबंधी एडवाइजरी जारी की है। वहीं वैश्विक तेल बाजार भी हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है, क्योंकि दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल होर्मुज जलमार्ग से होकर गुजरता है।
युद्धविराम पर फिलहाल कोई संकेत नहीं
अमेरिका और ईरान के बीच फिलहाल किसी युद्धविराम या समझौते की घोषणा नहीं हुई है। संयुक्त राष्ट्र सहित कई देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है। आने वाले दिनों में इस टकराव की दिशा पर पूरी दुनिया की नजर बनी रहेगी।
ट्रंप ने दी और बड़े हमलों की चेतावनी
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि यदि ईरान परमाणु वार्ता में लौटने से इनकार करता है तो सैन्य अभियान और तेज किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि अगले सप्ताह हालात और गंभीर हो सकते हैं तथा ईरान के पुलों और बिजली संयंत्रों को भी निशाना बनाया जा सकता है।