दुनियाभर के बाजारों में जियोपॉलिटिकल तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच चल रहे युद्ध की वजह से अनिश्चितता का माहौल है। इसके बावजूद, भारतीय शेयर बाजार ने आज बेहतरीन मजबूती दिखाई है। अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए नए हवाई हमलों के कारण कच्चे तेल की कीमतें लगातार चौथे दिन बढ़कर 86 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। लेकिन दलाल स्ट्रीट ने इन चिंताओं को पीछे छोड़ते हुए शानदार बढ़त के साथ शुरुआत की।
शुरुआती कारोबार में ही BSE सेंसेक्स 250 अंकों से ज्यादा उछल गया, जबकि निफ्टी 50 ने 24,100 के महत्वपूर्ण स्तर को पार कर लिया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक निफ्टी 24,000 के सपोर्ट लेवल से ऊपर बना हुआ है, तब तक घबराने की कोई जरूरत नहीं है।
IT और इंश्योरेंस सेक्टर्स ने संभाली कमान
आज के कारोबार में सबसे ज्यादा तेजी आईटी और इंश्योरेंस क्षेत्र के शेयरों में देखने को मिल रही है। अमेरिका में महंगाई दर कम होने से वहां ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें बढ़ी हैं। इसका सीधा फायदा भारतीय आईटी कंपनियों को मिला है, जिससे निफ्टी आईटी इंडेक्स सुबह के सत्र में लगभग 2% तक चढ़ गया।
HDFC Life और HCL Tech: मजबूत शुरुआत के साथ इन दोनों कंपनियों के शेयरों में 3% तक का उछाल दर्ज किया गया।
शानदार तिमाही नतीजे: कंपनियों के बेहतर प्रदर्शन ने भी बाजार को सहारा दिया है।
Angel One का स्टैंडअलोन मुनाफा (PAT) सालाना आधार पर 102.2% बढ़कर 2,707 करोड़ रुपए पर पहुंच गया।
Groww की पैरेंट कंपनी (Billionbrains Garage Ventures) का शुद्ध मुनाफा 94.4% की भारी बढ़त के साथ ₹735 करोड़ रहा। इसके चलते कंपनी के शेयर में पिछले 2 दिनों में 9% की तेजी आ चुकी है।
HDB Financial Services के शेयर भी दमदार नतीजों के दम पर 4.5% तक चढ़ गए।
क्या बढ़ेगी भारत की चिंता?
मार्किट एक्सपर्ट्स का कहना है की शेयर बाजार भले ही आज हरे निशान में काम कर रहा हो, लेकिन कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें एक बड़ा जोखिम बनी हुई हैं। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़ ‘Strait of Hormuz’ के पास बढ़ते तनाव की वजह से ब्रेंट क्रूड 86 डॉलर प्रति बैरल के एक महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है।
एक्सपर्ट्स की राय
VT Markets के ग्लोबल स्ट्रेटजी ऑपरेशंस लीड, रॉस मैक्सवेल (Ross Maxwell) के अनुसार, बाजार फिलहाल इस तेजी को एक अस्थायी ‘जियोपॉलिटिकल रिस्क प्रीमियम’ मान रहा है। बाजार को उम्मीद है कि यह तनाव जल्द ही कम हो जाएगा। लेकिन अगर कच्चा तेल $90 या $100 के पार जाता है, तो भारत का आयात बिल बढ़ेगा, जिससे रुपये पर दबाव आ सकता है और घरेलू बाजार का माहौल बिगड़ सकता है।
यही वजह है कि निवेशक इस समय नुकसान से बचने के लिए डिफेंस और कोर इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े शेयरों (जैसे PTC Industries, Grasim और Hindalco) में काफी दिलचस्पी दिखा रहे हैं।
RBI बढ़ाएगा ब्याज दरें?
मुद्रा बाजार में आज रुपया 1 पैसे की मामूली बढ़त के साथ 96.24 प्रति डॉलर पर कारोबार कर रहा था। भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक और अच्छी खबर यह है कि पहली तिमाही में महंगाई में आई नरमी को देखते हुए ज्यादातर अर्थशास्त्रियों का मानना है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) अगस्त की नीतिगत बैठक में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा।
इसके साथ ही भारत-यूके फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) आधिकारिक तौर पर लागू हो गया है। इस ऐतिहासिक समझौते से दोनों देशों के बीच सालाना 25.5 बिलियन का व्यापार बढ़ने का अनुमान है, जिससे भारत के दीर्घकालिक आर्थिक विकास को मजबूती मिलेगी।