एक तरफ जहाँ देश युद्ध की आग में झुलस रहा है, वहीं दूसरी तरफ ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम यात्रा का आज आखिरी चरण है। पिछले छह दिनों से चल रहे इस शोक कार्यक्रम के तहत ईरान और इराक के कई प्रमुख शहरों, विशेषकर नजफ और कर्बला जैसे पवित्र धार्मिक स्थलों पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई।
मेहर न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, अली खामेनेई के ताबूत को इराक के नजफ शहर से हवाई मार्ग द्वारा ईरान के मशहद लाया जा रहा है, जहां आज पूरे राजकीय और धार्मिक सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार संपन्न किया जाएगा।
दूसरी तरफ पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में शांति स्थापित करने की आखिरी कोशिश भी नाकाम हो गई है। अमेरिका और ईरान के बीच हुआ सीजफायर (युद्धविराम) आधिकारिक तौर पर पूरी तरह टूट चुका है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों के बाद भड़के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ शब्दों में एलान किया है कि अब सीजफायर खत्म हो चुका है। ट्रंप ने कड़ी चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रूट्स को निशाना बनाना बंद नहीं किया, तो अमेरिकी सेना पहले से कहीं ज्यादा घातक और सख्त कार्रवाई करेगी।
1. अमेरिका का चौतरफा हमला: रातभर दहला दक्षिणी ईरान
अमेरिकी रक्षा अधिकारियों के अनुसार, बुधवार और गुरुवार की पूरी रात अमेरिकी नौसेना और जमीनी बलों ने एक संयुक्त अभियान चलाकर दक्षिणी ईरान में भीषण बमबारी की। इस दौरान अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने उन ठिकानों को निशाना बनाया जो अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार के लिए खतरा बने हुए थे:
- मिसाइल और ड्रोन ठिकाने ध्वस्त: ईरान के तटीय इलाकों में मौजूद मिसाइल लॉन्चिंग सिस्टम और सैन्य ड्रोन ठिकानों पर सटीक हमले किए गए।
- रणनीतिक केंद्रों पर चोट: अंतरराष्ट्रीय जहाजों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।
- हालात अभी भी तनावपूर्ण: CENTCOM ने पुष्टि की है कि स्थिति अभी भी बेहद संवेदनशील (डायनामिक) बनी हुई है और आने वाले घंटों में अतिरिक्त स्ट्राइक से इनकार नहीं किया जा सकता।
2. आखिर कैसे टूटा यह सीजफायर?
इस ताजा सैन्य टकराव की शुरुआत 6-7 जुलाई के दौरान हुई। आरोप है कि ईरान ने दुनिया के सबसे व्यस्त तेल शिपिंग मार्गों में से एक, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में कम से कम तीन कमर्शियल जहाजों और टैंकरों पर हमला कर दिया। अमेरिका ने इसे सीजफायर का सीधा उल्लंघन माना और इसके जवाब में ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर दी:
- 7 जुलाई की कार्रवाई: अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दक्षिणी ईरान में 80 से ज्यादा सैन्य ठिकानों पर प्रिसीजन स्ट्राइक की।
- 8 जुलाई की कार्रवाई: हमलों का दूसरा दौर चलाते हुए अमेरिकी वायुसेना ने ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, कोस्टल रडार, एंटी-शिप मिसाइल सिस्टम, आईआरजीसी (IRGC) की फास्ट अटैक बोट्स और मुख्य कमांड सेंटर्स को तहस-नहस कर दिया।
ईरानी सरकारी मीडिया ने भी पुष्टि की है कि अमेरिकी हमलों के बाद बंदर अब्बास, कोनारक और चाबहार सहित उनके तमाम दक्षिणी तटीय इलाकों में रातभर भीषण धमाकों की आवाजें गूंजती रहीं।