दोहा: कई दिनों से जारी सैन्य तनाव और जवाबी हमलों के बाद अमेरिका और ईरान ने फिलहाल एक-दूसरे पर हमले रोकने पर सहमति जताई है। इसी बीच दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों की इस सप्ताह कतर की राजधानी दोहा में उच्च स्तरीय बैठक होने जा रही है। माना जा रहा है कि यह बैठक उस शांति समझौते को बचाने की कोशिश होगी, जिस पर हालिया घटनाओं के बाद संकट गहराने लगा था।
हालिया घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब संघर्ष विराम के अंतरिम समझौते की घोषणा के महज 11 दिन बाद दोनों देशों के बीच हालात फिर तनावपूर्ण होने लगे थे। बढ़ते सैन्य दबाव के बीच अब दोनों पक्षों ने बातचीत के रास्ते को एक और मौका देने का फैसला किया है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बना सबसे बड़ा विवाद
अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव में सबसे बड़ा विवाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर सामने आया है। शुरुआती सहमति के तहत ईरान ने इस महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्ग से वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने की बात कही थी, जबकि बदले में अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी हटाने पर सहमति जताई थी।
हालांकि बाद में स्थिति तब उलझ गई जब ईरान ने इस जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों के लिए सीधे ईरानी अधिकारियों से समन्वय की मांग रख दी। अमेरिका ने इसे पहले हुए समझौते की शर्तों से अलग बताया।
युद्ध की स्थिति तक पहुंचे हालात
तनाव बढ़ने के दौरान दोनों देशों के बीच सैन्य गतिविधियां भी तेज हुईं। अमेरिका ने समुद्री क्षेत्र में जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में ईरान के मिसाइल, ड्रोन और तटीय ढांचे को निशाना बनाया। इसके बाद ईरान की ओर से भी अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए गए।
हालांकि दोनों पक्षों के बीच बढ़ते तनाव के बावजूद किसी बड़े सैन्य नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई और अब ध्यान फिर कूटनीतिक प्रयासों पर केंद्रित हो गया है।
ट्रंप की चेतावनी ने बढ़ाया दबाव
तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर सख्त रुख दिखाया। उन्होंने संकेत दिया कि यदि हालात नहीं सुधरे तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई के विकल्प पर आगे बढ़ सकता है। इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हलचल बढ़ गई।
लेबनान और गाजा के हालात भी बने चुनौती
क्षेत्रीय घटनाक्रम ने भी इस समझौते को जटिल बना दिया है। संघर्ष विराम के बीच दूसरे मोर्चों पर जारी गतिविधियों ने बातचीत की प्रक्रिया को प्रभावित किया है। ईरान की ओर से भी यह कहा गया कि क्षेत्र में व्यापक स्तर पर तनाव कम होना जरूरी है।
दोहा बैठक पर टिकी दुनिया की नजर
अब दोहा में होने वाली उच्च स्तरीय बैठक पर सभी की नजरें टिकी हैं। इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य समुद्री मार्ग को लेकर पैदा हुए विवाद को सुलझाना और दोनों देशों के बीच बनी शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाना होगा। यह बैठक तय कर सकती है कि समझौता टिकेगा या हालात फिर टकराव की ओर बढ़ेंगे।