लखनऊ: अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को निशाने पर लेते हुए सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कई बार अयोध्या गए, लेकिन उन्हें वहां हो रही घटनाओं की जानकारी क्यों नहीं मिली।
मीडिया से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री के लगातार अयोध्या दौरे चर्चा में रहे, लेकिन इसके बावजूद कथित चोरी जैसी घटनाओं की जानकारी सामने नहीं आना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि शायद इसी वजह से कहा जाता है कि ‘चिराग तले अंधेरा’।
चढ़ावा विवाद पर सरकार को घेरने की कोशिश
अखिलेश यादव ने कहा कि वह पहले भी स्पष्ट कर चुके हैं कि इटावा के केदारेश्वर धाम में शिव मंदिर निर्माण पूरा होने के बाद वह भगवान राम के दर्शन के लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मुद्दा किसी के दर्शन का नहीं, बल्कि जवाबदेही का है।
उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता के बीच यह संदेश गया है कि चढ़ावे की कथित चोरी और इससे जुड़े सवालों पर सरकार के पास स्पष्ट जवाब नहीं है।
CCTV फुटेज से छेड़छाड़ का भी लगाया आरोप
समाजवादी पार्टी प्रमुख ने दावा किया कि एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट में CCTV फुटेज के साथ छेड़छाड़ का जिक्र किया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर लगातार निगरानी और दौरे हो रहे थे तो ऐसी घटनाओं की जानकारी समय रहते क्यों नहीं मिली।
मुख्यमंत्री योगी ने भी दिया जवाब
उधर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक सार्वजनिक सभा में अखिलेश यादव के बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि अब वे लोग भी अयोध्या और धार्मिक नगरी की बात कर रहे हैं जिनकी सरकार पर पहले रामभक्तों पर कार्रवाई के आरोप लगते रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज अयोध्या का स्वरूप बदल रहा है और वह त्रेतायुग की स्मृति का एहसास करा रही है।
SIT रिपोर्ट के बाद दर्ज हुई कार्रवाई
मामले में एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट सामने आने के बाद एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने अब तक 8 लोगों पर कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारी की है और संबंधित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।