नई दिल्ली: 21 जून को प्रस्तावित री-नीट यूजी परीक्षा से पहले नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने छात्रों और अभिभावकों के नाम विशेष संदेश जारी किया है। पेपर लीक विवाद के बाद दोबारा आयोजित हो रही परीक्षा को लेकर एजेंसी ने छात्रों से अपील की है कि वे अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं से दूर रहें और अपना पूरा ध्यान केवल तैयारी पर केंद्रित करें।
एनटीए ने सोशल मीडिया के जरिए कहा कि परीक्षा को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम, दुष्प्रचार और अपुष्ट दावों से प्रभावित न हों। छात्रों से कहा गया है कि वे केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।
छात्रों से कहा- अपनी मेहनत पर भरोसा रखें
एजेंसी ने छात्रों को संदेश देते हुए कहा कि उन्होंने परीक्षा के लिए लंबे समय तक मेहनत की है और अब उन्हें अपनी तैयारी पर विश्वास रखना चाहिए। परीक्षा तय कार्यक्रम के अनुसार आयोजित होगी, इसलिए परीक्षा स्थगित होने या किसी अन्य बदलाव की अफवाहों पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है।
एनटीए ने छात्रों से शांत रहने, पर्याप्त आराम करने और परीक्षा में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देने पर फोकस करने की अपील की।
तनाव महसूस हो तो तुरंत मदद लें
री-नीट से पहले छात्रों के मानसिक दबाव को ध्यान में रखते हुए एनटीए ने कहा कि यदि किसी भी छात्र को तनाव या मानसिक परेशानी महसूस हो तो वह मदद लेने में संकोच न करे।
एजेंसी ने ‘मानस’ मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन नंबर 14416 का उपयोग करने की सलाह दी और कहा कि सहायता लेना कमजोरी नहीं बल्कि सकारात्मक कदम है। छात्रों को यह संदेश भी दिया गया कि वे इस परिस्थिति में अकेले नहीं हैं।
अभिभावकों और शिक्षकों से भी की खास अपील
एनटीए ने अभिभावकों, शिक्षकों और समाज से भी जिम्मेदारी निभाने की अपील की है। एजेंसी ने कहा कि बिना पुष्टि किसी भी सूचना को आगे साझा न किया जाए क्योंकि इससे छात्रों में अनावश्यक तनाव बढ़ सकता है।
साथ ही परिवारों से कहा गया कि वे छात्रों के लिए शांत और सहयोगी माहौल बनाए रखें ताकि वे बिना दबाव परीक्षा में शामिल हो सकें।
सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर दिया भरोसा
एनटीए ने दावा किया कि इस बार परीक्षा प्रक्रिया को पहले से अधिक मजबूत बनाया गया है। संबंधित मंत्रालयों, राज्य सरकारों और सुरक्षा एजेंसियों के सहयोग से परीक्षा के हर चरण में अतिरिक्त निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है।
एजेंसी ने यह भी दोहराया कि 3 मई की परीक्षा को रद्द करने का फैसला छात्रों के हित और परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया था। एनटीए के मुताबिक पिछले अनुभवों से सीख लेकर इस बार व्यवस्था को और सख्त बनाया गया है।