पश्चिम बंगाल की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर आ रही है। कोलकाता से लेकर दिल्ली तक तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर मचे आंतरिक घमासान के बीच ममता बनर्जी को अब तक का सबसे बड़ा और करारा झटका लगा है। जब टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी दिल्ली में विपक्षी ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन की अहम बैठक में अपनी पार्टी का वजूद बचाने की रणनीति बना रही थीं, ठीक उसी समय दिल्ली में ही उनकी पीठ पीछे टीएमसी के सांसदों ने बीजेपी के बड़े नेताओं के साथ मिलकर बंगाल का पूरा पासा ही पलट दिया।
‘दीदी’ गठबंधन में बिजी, पीछे सांसदों ने कर दिया ‘खेला’
राजनीतिक गलियारों से छनकर आ रही खबरों के मुताबिक, ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस में चल रही बगावत अब चरम पर पहुंच चुकी है। जब ममता बनर्जी विपक्ष की बैठक में व्यस्त थीं, ठीक उसी समय टीएमसी के 14 बागी सांसदों के एक गुट ने दिल्ली में ही एक गुप्त बैठक (Secret Meeting) की।
इस खुफिया रणनीति के तुरंत बाद ये सभी बागी सांसद सीधे केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के दिल्ली स्थित आवास पर पहुंच गए। बंद कमरे में हुई इस हाई-प्रोफाइल मुलाकात के बाद राजनीतिक विश्लेषक मान रहे हैं कि बंगाल में अब तृणमूल कांग्रेस की विदाई और बिखराव की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है।
भूपेंद्र यादव के घर हुई इस मैराथन बैठक को लेकर जो सबसे बड़ा अपडेट सामने आया है, उसने ममता बनर्जी की रातों की नींद उड़ा दी है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा में विधायकों की बगावत की खबरों के बीच अब देश की संसद (लोकसभा और राज्यसभा) में भी टीएमसी पूरी तरह टूट की कगार पर खड़ी नजर आ रही है। जानकारों का कहना है कि ममता बनर्जी अपनी डूबती राजनीतिक नैया को पार लगाने के लिए ही ‘इंडिया’ ब्लॉक के सहारे दिल्ली की राजनीति में सक्रिय होना चाह रही थीं, लेकिन उनके दिल्ली में रहते हुए ही उनके सांसदों ने बीजेपी के साथ मिलकर टीएमसी के बचे-खुचे वजूद को भी खत्म करने का पूरा बंदोबस्त कर दिया है।
अब देखना बेहद दिलचस्प होगा कि दिल्ली की बैठक से बाहर निकलने के बाद ‘दीदी’ अपनी पार्टी में लगी इस भीषण आग पर काबू पाने के लिए क्या कदम उठाती हैं।