नई दिल्ली: इजरायल के प्रधानमंत्री और अमेरिकी राष्ट्रपति के बीच कथित मतभेदों को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच भारत में इजरायल के राजदूत ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि दोनों नेताओं के संबंधों में किसी तरह की दरार नहीं है और इस तरह की खबरों को वास्तविकता से कहीं ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है।
राजदूत ने खारिज की दरार की अटकलें
भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच तनाव की खबरों को खारिज करते हुए कहा कि जो लोग दोनों नेताओं के बीच फूट देखने की उम्मीद कर रहे हैं, उन्हें अभी और इंतजार करना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से कुछ लोग दोनों नेताओं के रिश्तों में दरार तलाशने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन ऐसा होने के कोई संकेत नहीं हैं।
लेबनान मुद्दे पर मतभेद को बताया रणनीतिक चर्चा
राजदूत ने लेबनान में जारी सैन्य अभियान को लेकर दोनों नेताओं के बीच कथित तीखी बहस की खबरों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे किसी बड़े विवाद के बजाय एक मैत्रीपूर्ण रणनीतिक मतभेद बताया।
उनके मुताबिक, अलग-अलग मुद्दों पर विचारों में अंतर होना स्वाभाविक है, लेकिन इसे रिश्तों में तनाव के रूप में पेश करना सही नहीं है।
कार्यशैली का अंतर बना चर्चा का कारण
रूवेन अजार ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच कथित तनाव की धारणा किसी बुनियादी रणनीतिक असहमति से नहीं, बल्कि उनकी अलग-अलग कार्यशैली और नेतृत्व के तरीके से जुड़ी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ रिपोर्टों में तथ्यों को बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत किया गया, जिससे एक खास तरह का माहौल बनाने की कोशिश हुई।
अमेरिका और इजरायल के सहयोग पर दिया जोर
राजदूत ने कहा कि क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े अहम मुद्दों पर अमेरिका और इजरायल के बीच घनिष्ठ सहयोग जारी है। उन्होंने विशेष रूप से ईरान को परमाणु सैन्य क्षमता हासिल करने से रोकने के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर दोनों देश पूरी तरह एकजुट हैं।
ट्रंप ने भी स्वीकार की थी नाराजगी
हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में यह स्वीकार किया था कि उन्होंने लेबनान में जारी संघर्ष को लेकर प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर की थी। इसके बावजूद इजरायली राजदूत का कहना है कि इसे दोनों देशों के रिश्तों में किसी बड़ी खाई के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।