उत्तर प्रदेश में शादियों का सीजन अपने पीक पर है और इसके साथ ही शुरू हो गई है ‘परफेक्ट बॉडी’ पाने की चाह। सोशल मीडिया और फोटोज़ में ‘स्लिम’ दिखने के प्रेशर में लखनऊ के युवा अब जिम में पसीना बहाने के बजाय शॉर्टकट चुन रहे हैं। लेकिन खूबसूरत दिखने की यह जल्दबाजी अब एक गंभीर मेडिकल खतरे में बदलती जा रही है। शहर में ‘वेट लॉस इंजेक्शन’ का बढ़ता क्रेज हेल्थ एक्सपर्ट्स के लिए चिंता का विषय बन गया है।
शॉर्टकट बना ‘हेल्थ इमरजेंसी’
एक अंग्रेजी रिपोर्ट्स की मानें तो ओज़ेम्पिक (Ozempic) और मौन्जारो (Mounjaro) जैसे इंजेक्शनों की डिमांड मार्केट में अचानक बढ़ गई है। आपको बता दें कि ये दवाएं असल में टाइप-2 डायबिटीज और क्रोनिक मोटापे से जूझ रहे मरीजों के लिए डिजाइन की गई हैं। लेकिन इसकी सबसे ख़राब बात ये है की फिट लोग भी बिना किसी डॉक्टरी सलाह के, महज कुछ हफ्तों में वजन कम करने के लिए इनका ‘ऑफ-लेबल’ इस्तेमाल धड़ल्ले से कर रहे हैं।
क्या कहते हैं हेल्थ एक्सपर्ट्स?
रिपोर्ट्स के मुताबिक लखनऊ के टॉप डॉक्टर्स ने इन इंजेक्शंस के इस्तेमाल को लेकर रेड फ्लैग दिखाया है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, बिना मेडिकल सुपरविजन के ये इंजेक्शन लेना शरीर के साथ खिलवाड़ करने जैसा है। इसके साइड इफ़ेक्ट कुछ इस प्रकार हैं:
गंभीर पाचन समस्याएं: जी मिचलाना, लगातार उल्टी और पेट में मरोड़ इसके आम लक्षण हैं।

ऑर्गन डैमेज का रिस्क: बिना सलाह इन दवाओं का सेवन किडनी और पैनक्रियाज (अग्न्याशय) को स्थायी नुकसान पहुँचा सकता है।

इंटरनल डिहाइड्रेशन: शरीर में फ्लूइड का बैलेंस बिगड़ना जानलेवा भी हो सकता है।
दिखावे के लिए जान जोखिम में क्यों?
मेडिकल एक्सपर्ट्स ने साफ कर दिया है कि कोई भी “मैजिक शॉट” नेचुरल वेट लॉस की जगह नहीं ले सकता। शादियों में ‘फिट’ दिखने का सोशल प्रेशर इतना है कि लोग अपनी लॉन्ग-टर्म हेल्थ को दांव पर लगा रहे हैं। डॉक्टरों की सीधी सलाह है, वजन घटाने के लिए हाई-प्रोटीन डाइट और वर्कआउट ही सबसे सुरक्षित और असरदार ‘गोल्ड स्टैंडर्ड’ है।

स्मार्ट बनें, रिस्क न लें
एक्सपर्ट्स का कहना है की अगर आप भी आने वाली शादियों के लिए अपना वेट कम करने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो किसी भी वायरल ‘ट्रेंड’ का हिस्सा बनने से पहले एक क्वालिफाइड फिजिशियन से बात जरूर करें। याद रखें, चंद घंटों के फंक्शन के लिए पूरी जिंदगी की सेहत को खतरे में डालना समझदारी नहीं है।