नई दिल्ली: समाजवादी पार्टी अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। सोशल मीडिया पर साझा की गई एक पोस्ट में उन्होंने मुख्यमंत्री को ‘प्रचारजीवी’ बताते हुए आरोप लगाया कि सरकार ने विज्ञापनों पर भारी खर्च किया, लेकिन इसके बावजूद बदनामी ही मिली। अपनी पोस्ट के साथ उन्होंने एक समाचार का स्क्रीनशॉट भी साझा किया, जिसमें दावा किया गया है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने सात वर्षों में विज्ञापनों पर केंद्र सरकार से अधिक धन खर्च किया।
अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में लिखा कि मुख्यमंत्री ने अयोध्या के लगातार दौरों का रिकॉर्ड बनाया, लेकिन इसके बावजूद उन्हें बदनामी के अलावा कुछ हासिल नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि आत्म-प्रशंसा वाले विज्ञापनों पर प्रतिदिन 2.3 करोड़ रुपये खर्च किए जाने के बाद भी सरकार अपनी छवि सुधारने में सफल नहीं रही।
लखनऊ अग्निकांड का भी किया जिक्र
अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में लखनऊ अग्निकांड का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अपने बच्चे को खो चुकी एक मां के साथ मुख्यमंत्री के कथित व्यवहार का वीडियो देशभर में देखा गया। साथ ही उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान एक जिलाधिकारी, एक प्रोफेसर और एक पत्रकार के साथ मुख्यमंत्री के कथित व्यवहार का भी जिक्र किया।
राम मंदिर चंदा मामले को लेकर लगाए आरोप
समाजवादी पार्टी प्रमुख ने अपने बयान में अयोध्या स्थित राम मंदिर के चढ़ावा और चंदा चोरी के कथित मामले का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में आरोपियों को बचाने की कोशिश की गई और राज्य सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल पर लोगों का भरोसा नहीं था। उन्होंने यह भी दावा किया कि बाद में दिल्ली स्तर पर अलग विशेष जांच दल का गठन किया गया।
सरकार पर लगाए कई अन्य आरोप
अखिलेश यादव ने राज्य सरकार पर विपक्षी नेताओं के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कराने, बुलडोजर के दुरुपयोग, फर्जी मुठभेड़ों और प्रतिशोध की राजनीति करने के आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि यह सरकार पीडीए के साथ अत्याचार और नफरत की राजनीति के लिए याद की जाएगी।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में लोगों के घर और दुकानें तोड़ी गईं, पुलिस हिरासत में मौत के मामले बढ़े और प्रशासन के अपराधीकरण की घटनाएं सामने आईं। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि डबल इंजन सरकार के बावजूद बिजली, पानी और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है।