भारत की युवा स्क्वैश सनसनी अनाहत सिंह (Anahat Singh) ने कनाडा में आयोजित वर्ल्ड स्क्वैश जूनियर चैंपियनशिप (World Squash Junior Championship) में स्वर्ण पदक जीतकर भारतीय खेल इतिहास में अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज करा लिया है। 18 वर्षीय अनाहत यह प्रतिष्ठित खिताब जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं।
इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही अनाहत ने टूर्नामेंट में पिछले 16 सालों से चले आ रहे मिस्र (Egypt) के एकतरफा वर्चस्व को भी खत्म कर दिया है।
फाइनल में मिस्र की खिलाड़ी को 3-0 से चटाई धूल
कनाडा में खेले गए टूर्नामेंट के खिताबी मुकाबले में अनाहत सिंह ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। फाइनल मैच में उन्होंने मिस्र की रुक्या सलेम (Rukya Salem) को एकतरफा अंदाज में 3-0 से हराकर वर्ल्ड चैंपियन का तमगा अपने नाम किया। पूरे मैच के दौरान रुक्या सलेम भारतीय खिलाड़ी की सटीक शॉट्स और स्पीड के सामने बेबस नजर आईं।
16 साल बाद टूटा इजिप्ट (मिस्र) का दबदबा
अनाहत सिंह की यह उपलब्धि कई मायनों में खास और ऐतिहासिक है:
- पहली भारतीय चैंपियन: वह वर्ल्ड स्क्वैश जूनियर चैंपियनशिप जीतने वाली भारत की पहली महिला/पुरुष खिलाड़ी बनी हैं।
- 16 साल का सूखा खत्म: साल 2010 के बाद यह पहला मौका है जब मिस्र (Egypt) से बाहर का कोई खिलाड़ी वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियन बना है।
- अमांडा सोभी का रिकॉर्ड: अनाहत से पहले 2010 में अमेरिका की अमांडा सोभी (Amanda Sobhy) आखिरी गैर-इजिप्शियन खिलाड़ी थीं, जिन्होंने यह टाइटल जीता था। उसके बाद से लगातार मिस्र के खिलाड़ियों का ही इस ट्रॉफी पर कब्जा था।
कनाडा के स्क्वैश कोर्ट में लहराया तिरंगा
अनाहत सिंह की इस अभूतपूर्व सफलता से पूरे देश में खुशी की लहर है। कनाडा के स्क्वैश कोर्ट पर भारत का राष्ट्रध्वज सबसे ऊपर लहराया, जिसने न केवल भारतीय स्क्वैश के भविष्य को नई दिशा दी है, बल्कि दुनिया भर में भारत का मान बढ़ाया है।