Sign In
  • My Bookmarks
Indian Press House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Reading: टीएमसी में बढ़ती कलह से बदला सियासी समीकरण, ममता बनर्जी के सामने सबसे बड़ी चुनौती पार्टी को एकजुट रखना
Share
Indian Press HouseIndian Press House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
Indian Press House > Blog > Latest News > टीएमसी में बढ़ती कलह से बदला सियासी समीकरण, ममता बनर्जी के सामने सबसे बड़ी चुनौती पार्टी को एकजुट रखना
Latest NewsTrending Newsसियासी

टीएमसी में बढ़ती कलह से बदला सियासी समीकरण, ममता बनर्जी के सामने सबसे बड़ी चुनौती पार्टी को एकजुट रखना

vineet verma
Last updated: June 5, 2026 12:46 am
vineet verma
Share
SHARE

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति इन दिनों बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस के भीतर असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। पार्टी में बढ़ती अंदरूनी खींचतान ने न सिर्फ नेतृत्व को लेकर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि आने वाले समय में राज्य की राजनीति किस दिशा में जाएगी, इस पर भी चर्चा तेज हो गई है। इसी बीच विपक्षी दलों की प्रतिक्रियाओं ने भी राजनीतिक हलचल को और बढ़ा दिया है।

Contents
चुनावी हार के बाद बढ़ा असंतोष58 विधायकों के समूह ने बढ़ाई मुश्किलेंममता पर भरोसा, अभिषेक पर आपत्तिमेयरों के इस्तीफे ने बढ़ाई चिंताममता बनर्जी के सामने सबसे बड़ी परीक्षाबंगाल की राजनीति किस दिशा में जाएगी?

टीएमसी में जारी उठापटक पर पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री दिलीप घोष ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी पहले से यह कहती रही है कि जिस दिन टीएमसी चुनाव हारेगी, उसके बाद पार्टी के भीतर संकट खड़ा हो जाएगा। उनका दावा है कि वर्तमान हालात उसी दिशा में इशारा कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कई लोग उनकी पार्टी से संपर्क कर रहे हैं, लेकिन फिलहाल पार्टी ने अपने दरवाजे बंद रखे हैं।

चुनावी हार के बाद बढ़ा असंतोष

विधानसभा चुनाव में हार के बाद टीएमसी के भीतर लंबे समय से दबा असंतोष अब सामने आने लगा है। पार्टी के कई नेताओं और जनप्रतिनिधियों के बीच नेतृत्व और संगठन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि ममता बनर्जी की लोकप्रियता और नेतृत्व क्षमता पर सीधे तौर पर कोई सवाल नहीं उठाया जा रहा, लेकिन पार्टी के भीतर अभिषेक बनर्जी की भूमिका को लेकर मतभेद साफ दिखाई देने लगे हैं।

पार्टी के एक वर्ग का मानना है कि संगठनात्मक ढांचे में बदलाव की जरूरत है और फैसले लेने की प्रक्रिया को अधिक व्यापक बनाया जाना चाहिए।

58 विधायकों के समूह ने बढ़ाई मुश्किलें

टीएमसी के लिए सबसे बड़ा झटका तब माना गया जब 58 विधायकों के एक समूह ने ऋतब्रता बनर्जी के नेतृत्व में मौजूदा नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। इस गुट ने विधानसभा में अलग पहचान बनाने की कोशिश की और अपने नेता को विपक्ष का नेता बनाए जाने की मांग की।

बताया जा रहा है कि विधानसभा अध्यक्ष ने इस गुट को मुख्य विपक्षी दल के रूप में मान्यता भी दे दी है। दिलचस्प बात यह है कि यह समूह खुद को टीएमसी का हिस्सा बताता है, लेकिन पार्टी नेतृत्व की कार्यशैली पर सवाल उठा रहा है।

बागी नेताओं का आरोप है कि पार्टी के भीतर लोकतांत्रिक प्रक्रियाएं कमजोर हुई हैं और कुछ लोगों के हाथों में फैसले सीमित हो गए हैं।

ममता पर भरोसा, अभिषेक पर आपत्ति

बागी गुट लगातार यह संदेश देने की कोशिश कर रहा है कि उनका विरोध ममता बनर्जी से नहीं है। उनका कहना है कि ममता अब भी उनकी नेता हैं और वे उनका सम्मान करते हैं। हालांकि अभिषेक बनर्जी की बढ़ती भूमिका को लेकर उनके भीतर असहमति है।

पार्टी के अंदर इसे नेतृत्व और उत्तराधिकार की लड़ाई के रूप में भी देखा जा रहा है। एक तरफ अभिषेक बनर्जी को भविष्य के नेतृत्व के रूप में देखा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर कुछ नेता इस दिशा में बदलाव के पक्ष में नहीं हैं। यही वजह है कि संगठन के भीतर मतभेद लगातार गहराते दिखाई दे रहे हैं।

मेयरों के इस्तीफे ने बढ़ाई चिंता

पार्टी के भीतर असंतोष की चर्चा उस समय और तेज हो गई जब कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने अपने पद से इस्तीफा दिया। फिरहाद हकीम को लंबे समय से ममता बनर्जी के सबसे भरोसेमंद नेताओं में गिना जाता रहा है। उनके इस्तीफे ने राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाओं को जन्म दिया।

इसके बाद बिधाननगर नगर निगम की मेयर कृष्णा चक्रवर्ती ने भी इस्तीफा देने की घोषणा कर दी। लगातार सामने आ रहे इस्तीफों को पार्टी के भीतर चल रहे बदलाव और अस्थिरता के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

ममता बनर्जी के सामने सबसे बड़ी परीक्षा

राजनीतिक विश्लेषण चाहे जो हों, लेकिन मौजूदा हालात में सबसे बड़ी चुनौती ममता बनर्जी के सामने है। सत्ता से बाहर होने के बाद पार्टी को एकजुट बनाए रखना और असंतुष्ट नेताओं को साथ लेकर चलना उनके लिए आसान नहीं होगा।

टीएमसी के भीतर चल रही खींचतान अगर लंबे समय तक जारी रहती है तो इसका सीधा असर पार्टी की राजनीतिक ताकत पर पड़ सकता है। दूसरी ओर विपक्ष इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है और हालात का राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर सकता है।

बंगाल की राजनीति किस दिशा में जाएगी?

मौजूदा घटनाक्रम यह संकेत दे रहा है कि पश्चिम बंगाल की राजनीति आने वाले दिनों में और अधिक दिलचस्प हो सकती है। टीएमसी के भीतर नेतृत्व, संगठन और भविष्य की रणनीति को लेकर चल रही बहस अब खुलकर सामने आ चुकी है।

ऐसे में सबकी नजर ममता बनर्जी पर टिकी है कि वे इस संकट से पार्टी को कैसे बाहर निकालती हैं। फिलहाल इतना साफ है कि टीएमसी एक संक्रमण काल से गुजर रही है और आने वाले महीनों में पार्टी के भीतर कई बड़े राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिल सकते हैं।

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

TAGGED: Abhishek Banerjee, Bengal Assembly Election, Bengal Political Crisis, Bengal Political News, Kolkata Political News, Mamata Banerjee, Mamata Banerjee News, TMC Crisis, TMC Internal Conflict, TMC Leaders Resign, TMC Leadership Crisis, TMC Rebellion, TMC Split, West Bengal Latest News, West Bengal Politics, अभिषेक बनर्जी, कोलकाता राजनीतिक खबर, टीएमसी आंतरिक कलह, टीएमसी भविष्य, टीएमसी में बगावत, टीएमसी विवाद, टीएमसी संकट, पश्चिम बंगाल राजनीति, पश्चिम बंगाल समाचार, बंगाल की राजनीति, बंगाल राजनीतिक संकट, बंगाल सियासत, ममता बनर्जी, ममता बनर्जी नेतृत्व
Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article मालवीय नगर अग्निकांड: 21 मौतों के बाद उठे बड़े सवाल, जिम्मेदार सिर्फ होटल मालिक या ‘सब चलता है’ वाला सिस्टम?
Next Article Malviya Nagar Agnikand: आखिरी सांस तक एक-दूजे का साथ नहीं छोड़ा, बाथरूम में गले मिले दंपति के शव; मालवीय नगर अग्निकांड ने रुला दिया

फीचर

View More

इश्क के जज्बात को अल्फाज देने वाले जादूगर ने कभी की थी सेना की नौकरी….दौर बदल गए लेकिन आज भी आनंद बख्शी का लिखा गुनगुनाता है दिल

"मेरे सपनों की रानी कब आएगी तू" – आराधना (1969) एक हसीना थी, एक दीवाना था" – कर्ज़ (1980) सोलह…

By Chaturvedi Shruti V. 7 Min Read

मानसून में जन्नत से कम नहीं पश्चिम बंगाल की ये 5 ऑफबीट जगहें, हरियाली, झील, पहाड़ और समुद्र बना देंगे ट्रिप यादगार

कोलकाता: बारिश का मौसम आते ही प्रकृति अपने सबसे खूबसूरत रंगों में…

4 Min Read

मुगलों का हरम हो या राजपूतों का रनिवास… आखिर रानियों के लिए क्यों बनाए जाते थे अलग महल? वजह जानकर समझ आएगी उस दौर की व्यवस्था

नई दिल्ली: इतिहास में जब भी मुगल, राजपूत या अन्य बड़े राजवंशों…

4 Min Read

विचार

View More

क्या कभी सोचा है कि आखिर कैसे दक्षिण से उत्तर तक पूरे देश में छा जाते हैं बादल और शुरू हो जाती है झमाझम बारिश?

नई दिल्ली: देश में मानसून की दस्तक हो चुकी है।…

July 9, 2026

‘एक भी अमेरिकी सैनिक जिंदा नहीं लौटेगा’… आखिर ईरान ने अमेरिका को क्यों दी खुली चेतावनी? जानिए कैसे बढ़ा नया सैन्य तनाव

तेहरान: पश्चिम एशिया में अमेरिका और…

July 9, 2026

अमीर पति बनेगा सहारा या मुसीबत? डेटिंग ऐप CEO की सलाह से छिड़ी बहस, महिलाओं से कहा- ‘कमाई का अंतर ज्यादा हो तो सोचिए’

नई दिल्ली: शादी और रिश्तों को…

June 9, 2026

मानसून की दस्तक में फिर देरी, आखिर कब पहुंचेगा केरल? जानिए क्यों बार-बार बदल रही है IMD की तारीख

नई दिल्ली: देश के कई राज्यों…

June 4, 2026

रिंकू का ओवर और राइवलरी का बदलता अर्थ: क्या भारत–पाक मुकाबले से गायब हो गई वो अनिश्चितता?

रिंकू का ओवर और राइवलरी का…

February 16, 2026

You Might Also Like

Latest Newsधर्म

21 जुलाई का पंचांग: अष्टमी तिथि, चित्रा नक्षत्र और सिद्ध योग का शुभ संयोग, जानें मंगलवार के शुभ मुहूर्त से ग्रहों की पूरी स्थिति

नई दिल्ली: 21 जुलाई 2026, मंगलवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। इस दिन तिथि,…

2 Min Read
10 जुलाई 2026 राशिफल, 10 July Rashifal 2026, आज का राशिफल, 10 जुलाई का राशिफल, दैनिक राशिफल, Aaj Ka Rashifal, Daily Horoscope, Horoscope Today, Rashifal Today, Horoscope 10 July 2026, Aries Horoscope, Taurus Horoscope, Gemini Horoscope, Cancer Horoscope, Leo Horoscope, Virgo Horoscope, Libra Horoscope, Scorpio Horoscope, Sagittarius Horoscope, Capricorn Horoscope, Aquarius Horoscope, Pisces Horoscope, Astrology News, Zodiac Predictions
Trending Newsधर्म

21 जुलाई 2026 का राशिफल: मेष से मीन तक जानें कैसा रहेगा आज का दिन, किसे मिलेगा धन लाभ और किसे रहना होगा सतर्क

नई दिल्ली: 21 जुलाई 2026, मंगलवार का दिन सभी 12 राशियों के लिए अलग-अलग संकेत लेकर आया है। कुछ राशि…

7 Min Read
Trending Newsफीचर

इश्क के जज्बात को अल्फाज देने वाले जादूगर ने कभी की थी सेना की नौकरी….दौर बदल गए लेकिन आज भी आनंद बख्शी का लिखा गुनगुनाता है दिल

"मेरे सपनों की रानी कब आएगी तू" – आराधना (1969) एक हसीना थी, एक दीवाना था" – कर्ज़ (1980) सोलह…

7 Min Read
Trending Newsबाजार

1 साल में 52% टूटने वाले इस स्टॉक पर दिग्गज निवेशक ने खेला दांव! शेयर बना ‘रॉकेट’

शेयर बाजार में गिरावट के बीच कई बार ऐसे मौके आते हैं जब दिग्गज निवेशक चुपचाप उन शेयरों में एंट्री…

3 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?