नई दिल्ली: मॉल, ऑफिस, रेलवे स्टेशन, बस अड्डे या बाजार में खरीदारी के दौरान महिलाओं को कई बार पब्लिक टॉयलेट का इस्तेमाल करना पड़ता है। सफर के दौरान भी इसकी जरूरत हो सकती है। ऐसे में साफ-सफाई और निजी स्वच्छता का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। टॉयलेट इस्तेमाल करने से पहले सीट की सफाई जांचने से लेकर हाथ धोने और पीरियड्स के दौरान जरूरी सावधानियां बरतने तक, कुछ छोटी-छोटी आदतें हाइजीन बनाए रखने में मदद कर सकती हैं।
पब्लिक टॉयलेट की अस्वच्छ सतहों के संपर्क से कुछ संक्रमणों का जोखिम हो सकता है। हालांकि, यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) केवल पब्लिक टॉयलेट इस्तेमाल करने से ही होता है, ऐसा कहना सही नहीं है। इसलिए टॉयलेट इस्तेमाल करते समय साफ-सफाई के साथ-साथ रोजमर्रा की अच्छी आदतों को अपनाना भी जरूरी है। आइए जानते हैं वे आसान टिप्स, जिन्हें महिलाएं अपनी दिनचर्या में शामिल कर सकती हैं।
1. टॉयलेट सीट इस्तेमाल करने से पहले करें जांच
पब्लिक टॉयलेट में बैठने से पहले सीट को अच्छी तरह देख लें। अगर उस पर गंदगी, नमी या दाग दिखाई दें, तो संभव हो तो किसी दूसरे साफ टॉयलेट का इस्तेमाल करें। सीट साफ करनी हो, तो डिस्पोजेबल टिश्यू या उपयुक्त टॉयलेट क्लीनिंग वाइप का उपयोग कर सकती हैं। ध्यान रखें कि साफ-सफाई के बाद हाथों की स्वच्छता भी जरूरी है।
2. टॉयलेट इस्तेमाल करने के बाद 20 सेकंड तक धोएं हाथ
टॉयलेट इस्तेमाल करने के बाद साबुन और साफ बहते पानी से हाथ धोना बेहद जरूरी है। हथेलियों के साथ हाथों के पीछे, उंगलियों के बीच और नाखूनों के आसपास भी अच्छी तरह सफाई करें। कम से कम 20 सेकंड तक हाथ रगड़कर धोएं। अगर साबुन और पानी उपलब्ध न हों, तो कम से कम 60 प्रतिशत अल्कोहल वाला हैंड सैनिटाइजर इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, हाथों पर गंदगी साफ दिखाई दे रही हो, तो साबुन और पानी से धोना बेहतर है।
3. अपने बैग में रखें टिश्यू पेपर
हर पब्लिक टॉयलेट में टॉयलेट पेपर या साफ टिश्यू उपलब्ध हो, यह जरूरी नहीं है। ऐसे में अपने बैग में कुछ टिश्यू रखना उपयोगी हो सकता है। जरूरत पड़ने पर इनका इस्तेमाल सफाई के लिए करें। टॉयलेट पेपर न मिलने पर साफ पानी का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।
4. सफाई करते समय अपनाएं आगे से पीछे की दिशा
टॉयलेट इस्तेमाल करने के बाद सफाई करते समय टिश्यू को हमेशा आगे से पीछे की ओर ले जाएं। पीछे से आगे की ओर सफाई करने से गुदा क्षेत्र के बैक्टीरिया मूत्रमार्ग के पास पहुंच सकते हैं। इस आदत को अपनाना निजी स्वच्छता बनाए रखने में मददगार है।
5. पीरियड्स के दौरान रखें खास ध्यान
मासिक धर्म के दौरान पब्लिक टॉयलेट इस्तेमाल करना पड़े, तो अपने साथ सैनिटरी पैड, टैम्पोन या जरूरत के दूसरे पीरियड प्रोडक्ट जरूर रखें। इस्तेमाल किए गए पैड और टिश्यू को कागज या डिस्पोजेबल बैग में लपेटकर कूड़ेदान में डालें। इन्हें टॉयलेट में फ्लश न करें, क्योंकि इससे पाइप जाम हो सकते हैं। जरूरत के अनुसार पीरियड प्रोडक्ट बदलें और उसके बाद हाथ अच्छी तरह धोएं।
6. टॉयलेट के फर्श पर न रखें बैग और निजी सामान
पब्लिक टॉयलेट का फर्श गीला या गंदा हो सकता है। ऐसे में बैग, मोबाइल फोन या दूसरी निजी चीजों को सीधे फर्श पर रखने से बचें। अगर केबिन में हुक या शेल्फ मौजूद हो, तो उसका इस्तेमाल करें। इससे सामान को गंदगी के सीधे संपर्क में आने से बचाने में मदद मिल सकती है।
7. टॉयलेट सीट पर पैर रखकर उकड़ूं बैठने से बचें
कुछ महिलाएं टॉयलेट सीट को छूने से बचने के लिए उस पर पैर रखकर उकड़ूं बैठती हैं। ऐसा करने से संतुलन बिगड़ने और गिरने का खतरा हो सकता है। साथ ही, पेशाब के छींटे पड़ने से आसपास की सतहें भी गंदी हो सकती हैं। अगर सीट साफ है, तो सामान्य तरीके से बैठकर टॉयलेट का इस्तेमाल करें। सीट गंदी हो और उसे साफ करने का विकल्प न हो, तो दूसरा टॉयलेट चुनना बेहतर है।
8. खुशबूदार वाइप और इंटिमेट वॉश का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल न करें
पब्लिक टॉयलेट इस्तेमाल करने के बाद प्राइवेट पार्ट की सफाई के लिए खुशबूदार वाइप, साबुन या इंटिमेट वॉश का बार-बार इस्तेमाल करना जरूरी नहीं है। ऐसे उत्पाद संवेदनशील त्वचा में जलन या परेशानी पैदा कर सकते हैं। बाहरी हिस्से की सफाई के लिए साफ पानी पर्याप्त हो सकता है। योनि के अंदर सफाई करने या तेज खुशबू वाले उत्पाद इस्तेमाल करने से बचें।
9. पेशाब को लंबे समय तक रोककर न रखें
सिर्फ पब्लिक टॉयलेट की साफ-सफाई को लेकर चिंता होने के कारण पेशाब को लंबे समय तक रोकना सही आदत नहीं है। जरूरत महसूस होने पर उपलब्ध साफ टॉयलेट का इस्तेमाल करें। दिनभर पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है। अगर पेशाब करते समय जलन, बार-बार पेशाब आने या पेट के निचले हिस्से में दर्द जैसे लक्षण हों, तो डॉक्टर से सलाह लें।
टॉयलेट से बाहर निकलते समय भी बरतें सावधानी
टॉयलेट इस्तेमाल करने के बाद हाथों को साबुन और पानी से अच्छी तरह धोकर साफ तरीके से सुखाएं। अगर हाथ धोने के बाद दरवाजे का हैंडल छूने को लेकर चिंता हो, तो उपलब्ध होने पर पेपर टॉवल की मदद ले सकती हैं। पब्लिक टॉयलेट में साफ-सफाई की छोटी-छोटी आदतें अपनाने से व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने और संक्रमण के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।