Sign In
  • My Bookmarks
Indian Press House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Reading: ईरान-अमेरिका वार्ता: सीजफायर के बाद भी बढ़ा टकराव, दोनों देशों ने एक-दूसरे के सामने रखीं 5 कड़ी शर्तें
Share
Indian Press HouseIndian Press House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
Indian Press House > Blog > Trending News > ईरान-अमेरिका वार्ता: सीजफायर के बाद भी बढ़ा टकराव, दोनों देशों ने एक-दूसरे के सामने रखीं 5 कड़ी शर्तें
Trending Newsवर्ल्ड

ईरान-अमेरिका वार्ता: सीजफायर के बाद भी बढ़ा टकराव, दोनों देशों ने एक-दूसरे के सामने रखीं 5 कड़ी शर्तें

news desk
Last updated: May 18, 2026 10:04 am
news desk
Share
SHARE

तेहरान/वाशिंगट।मध्य पूर्व (Middle East) में युद्धविराम लागू होने के बाद भी ईरान और अमेरिका के बीच कूटनीतिक रस्साकशी जारी है। दोनों देश एक बार फिर शांति की मेज पर आने की कोशिश तो कर रहे हैं, लेकिन पृष्ठभूमि में दोनों पक्षों ने ऐसी सख्त शर्तें रख दी हैं, जिससे बातचीत की राह आसान नजर नहीं आ रही। ईरान की ‘फर्स न्यूज एजेंसी’ के हवाले से सामने आई खबरों के मुताबिक, अमेरिका और ईरान दोनों ने ही एक-दूसरे के सामने 5-5 बड़ी मांगें रखी हैं।

Contents
अमेरिका की 5 बड़ी मांगें (US Conditions for Talks)ईरान का पलटवार: ये हैं तेहरान की 5 शर्तें (Iran’s Counter-Demands)पाकिस्तान निभा रहा मध्यस्थ की भूमिका

इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही कोई ठोस समझौता नहीं हुआ, तो बड़ा सैन्य एक्शन लिया जा सकता है। वहीं, ईरान ने भी साफ कर दिया है कि किसी भी नए हमले का पहले से ज्यादा आक्रामक जवाब दिया जाएगा।

अमेरिका की 5 बड़ी मांगें (US Conditions for Talks)

अमेरिकी प्रशासन ने पाकिस्तान के माध्यम से ईरान तक जो नया प्रस्ताव भिजवाया है, उसमें मुख्य रूप से परमाणु कार्यक्रम पर रोक लगाने की बात कही गई है:

  • यूरेनियम सौंपने की शर्त: अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने पास सुरक्षित रखा हुआ लगभग 400 किलोग्राम हाई-एनरिच्ड (उच्च संवर्धित) यूरेनियम उसे सौंप दे।
  • परमाणु केंद्रों पर पाबंदी: ईरान को देश में केवल एक न्यूक्लियर फैसिलिटी (परमाणु केंद्र) चालू रखने की अनुमति होगी, बाकी सभी पर रोक लगानी होगी।
  • कोई मुआवजा नहीं: अमेरिका ने साफ कर दिया है कि वह युद्ध के कारण हुए किसी भी नुकसान की भरपाई या मुआवजा ईरान को नहीं देगा।
  • फंड्स पर रोक: विदेशों में फ्रीज (जमा) पड़ी ईरान की कुल संपत्ति का केवल 25 फीसदी से कम हिस्सा ही जारी किया जाएगा, पूरी रकम नहीं।
  • सैन्य गतिविधि पर नियंत्रण: शांति वार्ता के दौरान क्षेत्र में सैन्य हलचलें कम करनी होंगी, आगे का रुख बातचीत की कामयाबी पर निर्भर करेगा।

ईरान का पलटवार: ये हैं तेहरान की 5 शर्तें (Iran’s Counter-Demands)

वाशिंगटन के इस कड़े रुख के जवाब में ईरान ने भी अपनी शर्तों की फेहरिस्त सौंप दी है:

  • क्षेत्रीय सैन्य कार्रवाई पर रोक: ईरान का कहना है कि जब तक पूरे क्षेत्र, विशेषकर लेबनान में सैन्य ऑपरेशन पूरी तरह बंद नहीं होते, वार्ता आगे नहीं बढ़ेगी।
  • प्रतिबंधों की समाप्ति: अमेरिका को ईरान पर लगाए गए सभी आर्थिक और व्यापारिक प्रतिबंध पूरी तरह हटाने होंगे।
  • फंड की पूरी वापसी: विदेशों में रोकी गई ईरान की पूरी धनराशि को बिना किसी शर्त के तुरंत रिलीज करना होगा।
  • युद्ध का हर्जाना: ईरान ने अमेरिका से युद्ध में हुए नुकसान के मुआवजे (हर्जाने) की मांग की है।
  • स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नियंत्रण: होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर ईरान के संप्रभु अधिकारों को वैश्विक मान्यता दी जाए।

पाकिस्तान निभा रहा मध्यस्थ की भूमिका

इस पूरे कूटनीतिक विवाद में पड़ोसी देश पाकिस्तान दोनों महाशक्तियों के बीच ‘ब्रिज’ (मध्यस्थ) का काम कर रहा है। अमेरिकी प्रस्ताव और ईरान का जवाब, दोनों का आदान-प्रदान पाकिस्तानी राजनयिकों के जरिए ही हुआ है।

ईरानी विदेश मंत्रालय का बयान:

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघेई ने अमेरिका और इजरायल को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि क्षेत्र में अस्थिरता और शांति प्रक्रिया को नुकसान पहुंचाने के लिए यही दोनों देश जिम्मेदार हैं। हालांकि, अभी तक न तो वाशिंगटन और न ही तेहरान ने आधिकारिक तौर पर इन शर्तों की सार्वजनिक पुष्टि की है।

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

TAGGED: अमेरिका, आर्थिक प्रतिबंध, ईरान, डोनाल्ड ट्रंप, परमाणु समझौता, पाकिस्तान मध्यस्थता, फर्स न्यूज एजेंसी, मिडिल ईस्ट संकट, युद्धविराम, यूरेनियम संवर्धन, लेबनान, शांति वार्ता, सीजफायर, होर्मुज स्ट्रेट
Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article UP कैबिनेट विस्तार: 8वें दिन हुआ मंत्रियों के विभागों का बंटवारा, 2027 चुनाव को ध्यान में रखकर साधा गया संतुलन
Next Article केरल में ‘सतीशन राज’: 15 साल बाद सत्ता में कांग्रेस की वापसी, शपथ ग्रहण में जुटे विपक्ष के दिग्गज, चेन्निथला बने गृहमंत्री

फीचर

View More

दिल्ली की गर्मी और भीड़ से चाहिए छुटकारा? बाइक उठाइए और निकल जाइये इन 5 शानदार जगहों पर, वीकेंड बन जाएगा यादगार

नई दिल्ली: अगर आपको बाइक से घूमने और नई जगहों को एक्सप्लोर करने का शौक है तो दिल्ली से निकलकर…

By vineet verma 5 Min Read

अमेरिका में लकड़ी के घर तो चीन में कंक्रीट की ऊंची इमारतें, दोनों देशों में क्यों नहीं चलती ईंट से घर बनाने की परंपरा?

नई दिल्ली: भारत में घर बनाने की बात हो तो ईंट, सीमेंट…

7 Min Read

15 अगस्त 1947 को भारत आजाद हुआ, लेकिन यह राज्य तब भी था विदेशी कब्जे में; 14 साल बाद ऐसे बना देश का 25वां राज्य

पणजी: 15 अगस्त 1947 को जब पूरा देश ब्रिटिश शासन से आजादी…

6 Min Read

विचार

View More

भारतीय रेडियो प्रसारण के 100 वर्ष: ‘श्रुति’ की परंपरा से ‘मन की बात’ तक… ऐसा रहा जादुई तरंगों का 100 साल का सफर

उस अविस्मरणीय पल को याद कीजिए, जब आपने पहली बार…

August 13, 2026

क्या कभी सोचा है कि आखिर कैसे दक्षिण से उत्तर तक पूरे देश में छा जाते हैं बादल और शुरू हो जाती है झमाझम बारिश?

नई दिल्ली: देश में मानसून की…

July 9, 2026

‘एक भी अमेरिकी सैनिक जिंदा नहीं लौटेगा’… आखिर ईरान ने अमेरिका को क्यों दी खुली चेतावनी? जानिए कैसे बढ़ा नया सैन्य तनाव

तेहरान: पश्चिम एशिया में अमेरिका और…

July 9, 2026

अमीर पति बनेगा सहारा या मुसीबत? डेटिंग ऐप CEO की सलाह से छिड़ी बहस, महिलाओं से कहा- ‘कमाई का अंतर ज्यादा हो तो सोचिए’

नई दिल्ली: शादी और रिश्तों को…

June 9, 2026

मानसून की दस्तक में फिर देरी, आखिर कब पहुंचेगा केरल? जानिए क्यों बार-बार बदल रही है IMD की तारीख

नई दिल्ली: देश के कई राज्यों…

June 4, 2026

You Might Also Like

Trending Newsसियासी

पुणे में राहुल गांधी की ‘छात्रों की गूंज’ सभा पर मंडराया संकट! पुलिस ने 31 अगस्त तक लागू की सख्त धाराएं

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की आगामी 'छात्रों की गूंज' सभा से ठीक पहले पुणे में राजनीतिक हलचल…

3 Min Read
Trending Newsसेहत

‘मैंने वही वंदे मातरम् गाया जो गांधी और वाजपेयी गाते थे’: विवाद पर खरगे का BJP पर करारा हमला

राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' को लेकर उठे राजनीतिक विवाद पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का बड़ा बयान सामने…

2 Min Read
Trending Newsसियासी

राहुल गांधी मानहानि केस: सावरकर के परपोते सात्यकी ने नाथूराम गोडसे के RSS सदस्यता की बात मानी!

पुणे की विशेष MP-MLA अदालत में राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे मानहानि मामले की सुनवाई के दौरान सावरकर के…

6 Min Read
Trending Newsखेल

17 खिलाड़ियों को अर्जुन और 3 कोच को मिलेगा द्रोणाचार्य अवॉर्ड, राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2025 का हुआ ऐलान

युवा मामले और खेल मंत्रालय ने मंगलवार को 'राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2025' की आधिकारिक घोषणा कर दी है। सुप्रीम कोर्ट…

1 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?